भारत के उपराष्ट्रपति ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर देशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी

नई दिल्ली
अक्टूबर 1, 2020

मैं अपने देशवासियों को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देता हूँ।

महात्मा गांधी विश्व के सबसे बड़े और सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक हैं। वह 20वीं सदी में असहाय लोगों के लिए प्रकाशस्तंभ थे और अपने निधन के 72 साल बाद भी आज भी उनकी छवि वैसी ही है। महात्मा गांधी ने सत्य और अहिंसा के अपने संदेश और जीवन जीने की नई शैली के माध्यम से विश्व के सामने अन्याय के खिलाफ संघर्ष का एक ऐसा नया तरीका प्रस्तुत किया जिसने मानवता पर एक स्थायी छाप छोड़ी।

उन्होंने भारत को औपनिवेशिक शासन से मुक्त करने के लिए सत्याग्रह और अहिंसा के मूल्यों पर अपने प्रयासों का प्रतिमान स्थापित किया। उन्होंने दुनिया भर में आत्मिक संकल्प और मानवाधिकारों के लिए महान नेताओं और ऐतिहासिक संघर्षों को प्रेरित किया। उनका नाम उन लोगों के लिए एक मंत्र बन गया जो अन्याय और अत्याचार के खिलाफ शांतिपूर्वक संघर्ष करते थे।

महात्मा गांधी का मानवता की सहज अच्छाई में अटूट विश्वास था; वह विश्वास जो सुदीर्घ काल तक उनकी अभिव्यक्ति में स्पष्ट रहा कि बुराई व्यक्ति में नहीं, बुरे कर्म में होती है।

आज, हम एक ऐसी दुनिया में रहते हैं जो आतंकवाद, युद्ध और जघन्य अपराधों से विह्वल है। आज हमें महात्मा गांधी की आवश्यकता है; उनकी उक्ति “तुम्हें मानवता में विश्वास नहीं खोना चाहिए, मानवता एक महासागर है। यदि सागर की कुछ बूंदें गंदी हैं, तो सम्पूर्ण सागर गंदा नहीं होता है”, मानवता में हमारे विश्वास को फिर से, पहले से कहीं अधिक मजबूत कर देती है।

उनके सिद्धांत विश्वशांति, सद्भाव, सार्वभौमिक भाईचारे, सतत और समावेशी विकास और आत्मनिर्भरता के लिए हमारी साझा खोज में हमारा मार्गदर्शन करते रहेंगे।

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