उपराष्ट्रपति ने कर्नाटक के बेलथांगडी में सिरी मातृश्री औद्योगिक पार्क का उद्घाटन किया
“सिरी महिलाओं के नेतृत्व वाले सामाजिक परिवर्तन और समावेशी विकास का एक आदर्श है”: उपराष्ट्रपति
“विकसित भारत की दिशा में भारत की यात्रा आत्मनिर्भरता और ग्रामीण सशक्तिकरण पर आधारित होनी चाहिए”: उपराष्ट्रपति
“धर्मस्थल सदियों से सद्भाव, सहअस्तित्व और सेवा का जीवंत प्रतीक रहा है”: उपराष्ट्रपति
“सभी धर्मों का सम्मान किया जाना चाहिए; जबरन धर्मांतरण को हतोत्साहित किया जाना चाहिए”: उपराष्ट्रपति
उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने आज धर्मस्थल से कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ जिले के बेलथांगडी में स्थित सिरी मातृश्री औद्योगिक पार्क का उद्घाटन किया।
Vice President Shri C. P. Radhakrishnan inaugurated the SIRI Mathrushree Industrial Park at Belthangady in Karnataka today.
— Vice-President of India (@VPIndia) May 31, 2026
Addressing the gathering, the Vice-President said that the dream of a prosperous rural India can truly be realised through institutions like SIRI, which… pic.twitter.com/oDhPB2P2cI
सभा को संबोधित करते हुए, उपराष्ट्रपति ने कहा कि समृद्ध ग्रामीण भारत का सपना सही अर्थों में सिरी जैसी संस्थाओं के माध्यम से ही साकार हो सकता है, जिन्होंने आजीविका सृजन और उद्यमिता के जरिए हजारों महिलाओं तथा ग्रामीण परिवारों को सशक्त बनाया है।
श्री क्षेत्र धर्मस्थल द्वारा प्रतिपादित मूल्यों के बारे में बोलते हुए, उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय सभ्यता ने हमेशा सभी धर्मों का सम्मान किया है और इस बात पर जोर दिया है कि भक्ति, धर्म से परे, सामाजिक सद्भाव और नैतिक शक्ति में योगदान देती है।
धर्मनिरपेक्षता की भावना को संरक्षित करने के महत्व पर जोर देते हुए, उपराष्ट्रपति ने कहा कि सभी धर्मों के साथ समान सम्मान और गरिमा का व्यवहार किया जाना चाहिए, जबकि किसी भी प्रकार के जबरन धर्मांतरण को हतोत्साहित किया जाना चाहिए।
उपराष्ट्रपति ने राज्यसभा सांसद एवं सिरी के अध्यक्ष डॉ. डी. वीरेंद्र हेगड़े की प्रशंसा करते हुए उनके जीवन को “समाज के लिए एक संदेश” बताया। उन्होंने कहा कि लगभग छह दशकों से डॉ. हेगड़े ने यह प्रदर्शित किया है कि आध्यात्मिकता किस प्रकार रचनात्मक सामाजिक परिवर्तन की एक मजबूत शक्ति बन सकती है।
उपराष्ट्रपति ने महिला सशक्तिकरण और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में श्रीमती हेमावती वी. हेगड़े के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि किसी भी सामाजिक कार्य की सफलता जीवनसाथी के सहयोग और प्रतिबद्धता से ही संभव हो पाती है।
यह कहते हुए कि सिरी आज प्रत्यक्ष रूप से 3,000 से अधिक व्यक्तियों और अप्रत्यक्ष रूप से 10,000 से अधिक लोगों, जिनमें से अधिकांश वंचित पृष्ठभूमि की महिलाएं हैं, की आजीविका का समर्थन करता है, उपराष्ट्रपति ने इसे “अपने सच्चे अर्थों में सामाजिक परिवर्तन” बताया।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि सच्चे विकास को मानव जीवन को स्पर्श करना चाहिए और समाज के हर वर्ग में गरिमा, अवसर और आत्मविश्वास का सृजन करना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि प्रत्येक नागरिक के लिए समावेशी विकास प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के “विकसित भारत 2047” के दृष्टिकोण का मूलमंत्र है।
सिरी के विकास की यात्रा पर प्रकाश डालते हुए, उपराष्ट्रपति ने कहा कि यह संस्थान दृढ़ता, नवाचार, त्याग और समर्पण के माध्यम से निर्मित हुआ है और गुणवत्ता पर केन्द्रित रहा है। उन्होंने नवउद्घाटित सिरी मातृश्री औद्योगिक पार्क के मानव-केन्द्रित दृष्टिकोण की विशेष रूप से सराहना की, जिसमें महिला कर्मचारियों के लिए छात्रावास सुविधाएं, आवासीय क्वार्टर, बाल देखभाल सहायता प्रणाली, स्वच्छ रसोईघर, परिवहन सुविधाएं और कल्याणकारी सुविधाएं शामिल हैं।
सिरी द्वारा संचालित गतिविधियों की विविधता की सराहना करते हुए, उपराष्ट्रपति ने कहा कि इस संस्थान ने पारंपरिक कौशल को आधुनिक प्रबंधन पद्धतियों के साथ सफलतापूर्वक समन्वित किया है। उन्होंने कहा कि किसी भी संस्था के विकास के लिए कुशल एवं करुणामय प्रबंधन आवश्यक है और सिरी द्वारा प्रशासन में वैज्ञानिक लेकिन मानवीय दृष्टिकोण अपनाने पर प्रसन्नता व्यक्त की।
आत्मनिर्भरता के राष्ट्रीय दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए, उपराष्ट्रपति ने कहा कि “वोकल फॉर लोकल” और “आत्मनिर्भर भारत” की भावना को भारत की विकास यात्रा का मार्गदर्शन करना चाहिए। सिरी को राष्ट्रीय स्तर पर अनुकरणीय मॉडल बताते हुए, उपराष्ट्रपति ने कहा कि इस संस्थान ने यह दर्शाया है कि उद्योग सामाजिक रूप से जिम्मेदार, महिला-केन्द्रित, पर्यावरण के प्रति जागरूक और अत्यंत मानवीय हो सकते हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इसी प्रकार के ग्रामीण औद्योगिक इकोसिस्टम पूरे देश में विकसित होंगे।
इससे पहले दिन में, उपराष्ट्रपति ने धर्मस्थल स्थित श्री मंजुनाथ स्वामी मंदिर का दौरा किया। उन्होंने वहां प्रार्थना की और आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने अन्नपूर्णा प्रसाद निलय का भी दौरा किया, भक्तों से बातचीत की और करुणा, समानता एवं भक्ति पर आधारित मंदिर की सामुदायिक सेवा व नि:शुल्क सामूहिक भोजन की अटूट परंपरा की सराहना की।
Vice President Shri C. P. Radhakrishnan visited and offered prayers at the Sri Kshetra Dharmasthala Manjunatha Swamy Temple in Dharmasthala, Karnataka, today. pic.twitter.com/G3dZ3V2XVa
— Vice-President of India (@VPIndia) May 31, 2026
कर्नाटक के राज्यपाल श्री थावर चंद गहलोत, राज्यसभा सांसद एवं सिरी के अध्यक्ष डॉ. डी. वीरेंद्र हेगड़े, लोकसभा सांसद श्री बृजेश चौटा और सिरी की संस्थापक श्रीमती हेमवती वी. हेगड़े इस अवसर पर उपस्थित थीं।
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