गुंटूर से आए स्कूली छात्रों ने उपराष्ट्रपति से मुलाकात की
उपराष्ट्रपति ने सरकारी स्कूलों में उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करने का आह्वान किया
उपराष्ट्रपति ने छात्रों से कहा- 'ईमानदारी से कड़ी मेहनत करो, सफलता में विनम्र रहो’
आंध्र प्रदेश में गुंटूर जिले के स्कूली छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज उपराष्ट्रपति भवन में उपराष्ट्रपति श्री सी.पी राधाकृष्णन से मुलाकात की।
A delegation of School Students from Guntur district, Andhra Pradesh called on Vice President Shri C. P. Radhakrishnan at Uprashtrapati Bhavan today.
— Vice-President of India (@VPIndia) May 21, 2026
Appreciating the initiative of bringing Government school students from poor and marginalized backgrounds to Delhi on an… pic.twitter.com/M0OhCuGSdh
सरकारी स्कूलों के 27 लड़कियों सहित 41 मेधावी छात्रों के इस समूह ने कक्षा 10 की परीक्षाओं में असाधारण रूप से अच्छा प्रदर्शन किया था और वर्तमान में वे दिल्ली के शैक्षिक दौरे पर हैं।
सरकारी स्कूल के गरीब और वंचित पृष्ठभूमि के छात्रों को शैक्षिक दौरे पर दिल्ली लाने की पहल की सराहना करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि ऐसे दौरे छात्रों को कक्षा से बाहर सीखने और उनके ज्ञान का विस्तार करने में मदद करते हैं। उन्होंने छात्रों से बातचीत करके खुशी व्यक्त की।
श्री सी.पी. राधाकृष्णन ने कहा कि सभी सफल लोगों को जीवन में संघर्ष, असफलता और बाधाओं का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि कठिनाइयां किसी व्यक्ति को अधिक मजबूत, अधिक आत्मविश्वासी और सफलता के प्रति अधिक दृढ़ संकल्पित बनाती हैं। छात्रों को अपनी वर्तमान आर्थिक स्थिति से निराश न होने की सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा उन्हें जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए सशक्त बनाएगी।
उपराष्ट्रपति ने छात्रों को याद दिलाया कि देश के कई महान वैज्ञानिक, प्रशासक, शिक्षक, नवप्रवर्तक, उद्यमी और राजनीतिज्ञ सरकारी स्कूलों और सार्वजनिक संस्थानों से ही निकले हैं।
श्री सी.पी. राधाकृष्णन ने बताया कि उन्होंने भी एक सरकारी स्कूल में तमिल माध्यम में पढ़ाई की थी और इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा जीवन को बदलने, परिवारों को ऊपर उठाने, समुदायों को मजबूत करने और राष्ट्रीय प्रगति में योगदान देने का सबसे शक्तिशाली साधन है।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि सरकारी स्कूलों को अधिक महत्व दिया जाना चाहिए और उन्हें बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। उन्होंने सांसदों और विधायकों से सरकारी स्कूलों के सुधार और सुदृढ़ीकरण पर ध्यान केंद्रित करने का भी आग्रह किया।
पिछले एक दशक में देश की उल्लेखनीय आर्थिक वृद्धि का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भारत विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनकर उभरा है और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में एक विकसित भारत के सपने की ओर आत्मविश्वास से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में भारत की यात्रा में छात्रों के सपने और आकांक्षाएं भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं।
श्री सी.पी. राधाकृष्णन ने इस बात पर खुशी व्यक्त की कि 41 मेधावी छात्रों में से 27 लड़कियां थीं। उन्होंने कहा कि यह देश में नारी सशक्तिकरण को दर्शाता है।
उपराष्ट्रपति ने छात्रों को मादक पदार्थों और हानिकारक व्यसनों से दूर रहने की सलाह दी, जिनमें सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग भी शामिल है। उन्होंने छात्रों से खेलकूद, पठन-पाठन और रचनात्मकता को प्राथमिकता देने तथा अपनी पढ़ाई, लक्ष्यों और परिवार एवं राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया।
अपने संबोधन के समापन में, उपराष्ट्रपति ने छात्रों को तीन सिद्धांतों को हमेशा याद रखने की सलाह दी: ईमानदारी से कड़ी मेहनत करना, सफलता में विनम्र रहना और ज्ञान का उपयोग समाज के कल्याण के लिए करना। उन्होंने सभी छात्रों को उज्ज्वल, सार्थक और सफल भविष्य के लिए हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री पेम्मासानी चंद्र शेखर और पश्चिम गुंटूर विधानसभा की सांसद श्रीमती गल्ला माधवी उपस्थित थीं।
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