“कैंसर से बचे लोग सच्चे योद्धा हैं”: जयपुर में कैंसर से बचे लोगों के दिवस समारोह में उपराष्ट्रपति का भाषण

जयपुर
अप्रैल 25, 2026

आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना स्वास्थ्य सेवाओं में मौजूद कमियों को दूर कर रही है और वंचित आबादी तक कैंसर की गंभीर देखभाल पहुंचा रही है: उपराष्ट्रपति
आयुष्मान भारत के तहत 75 प्रतिशत कैंसर उपचारों से ग्रामीण आबादी को लाभ मिल रहा है: उपराष्ट्रपति
कैंसर से लड़ने के लिए शीघ्र निदान और जागरूकता महत्वपूर्ण हैं: उपराष्ट्रपति ने जयपुर में कहा
"कैंसर से कोई अकेला न लड़े": उपराष्ट्रपति ने सामूहिक कार्रवाई का आह्वान किया उपराष्ट्रपति ने कहा कि कैंसर से बचे लोग आशा और दृढ़ता की प्रेरणा देते हैं

भारत के उपराष्ट्रपति श्री सीपी राधाकृष्णन ने आज जयपुर में भगवान महावीर कैंसर अस्पताल और अनुसंधान केंद्र द्वारा आयोजित 23वें कैंसर उत्तरजीवी दिवस के अवसर पर संबोधित किया।

सभा को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि कैंसर से बचे लोगों का दिवस अटूट आशा और मानवीय साहस का उत्सव है। उन्होंने इस कार्यक्रम के आयोजन के लिए भगवान महावीर कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र और केजी कोठारी मेमोरियल ट्रस्ट की सराहना की और 1997 में अपनी स्थापना के बाद से कैंसर के क्षेत्र में अस्पताल की अनुकरणीय सेवा को स्वीकार कियाजिसने अपने समर्पित और करुणामय उपचार के माध्यम से अनगिनत लोगों के जीवन को छुआ है।

भारत में कैंसर के बढ़ते बोझ पर प्रकाश डालते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि आईसीएमआर के राष्ट्रीय कैंसर रजिस्ट्री कार्यक्रम के अनुसारदेश में प्रतिवर्ष 15 लाख से अधिक कैंसर के मामले सामने आते हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने रोकथामशीघ्र निदानउपचार और रोगी देखभाल के उद्देश्य से कई पहलें शुरू की हैं।

उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत 13,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से 68 लाख से अधिक कैंसर उपचार उपलब्ध कराए गए हैंजिनमें से लगभग 75 प्रतिशत लाभार्थी ग्रामीण क्षेत्रों से हैं। यह योजना स्वास्थ्य सेवाओं में मौजूद कमियों को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

उपराष्ट्रपति ने आगे कहा कि केंद्र सरकार देश भर के जिला अस्पतालों में डे केयर कैंसर सेंटर स्थापित कर रही हैजिनमें से 450 से अधिक सेंटर पहले से ही कार्यरत हैं। उन्होंने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत शुरू की गई पहलों पर भी प्रकाश डालाजिनमें आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से प्रारंभिक जांच और जिला एवं उप-मंडल अस्पतालों में कैंसर रोधी दवाओं को आवश्यक दवाओं की सूची में शामिल करना शामिल है।

निवारक स्वास्थ्य देखभाल के महत्व पर जोर देते हुएउपराष्ट्रपति ने गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर से निपटने के लिए इस वर्ष की शुरुआत में शुरू किए गए राष्ट्रव्यापी एचपीवी टीकाकरण कार्यक्रम के बारे में बात कीजिसका लक्ष्य एक करोड़ से अधिक लड़कियों को कवर करना है। उन्होंने इस पहल को आगे बढ़ाने में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और राजस्थान सरकार के प्रयासों की सराहना की।

उपराष्ट्रपति ने देशभर के कैंसर उपचार संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय और साझा ज्ञान की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि कैंसर देखभाल में नवीनतम तकनीकी प्रगति को सभी सार्वजनिक और निजी अस्पतालों में प्रभावी ढंग से साझा किया जाना चाहिएताकि बेहतर परिणाम सुनिश्चित हो सकें और गुणवत्तापूर्ण उपचार तक व्यापक पहुंच हो सके। उन्होंने रेखांकित किया कि संस्थानों के बीच अधिक सहयोग और समझ से कैंसर के खिलाफ राष्ट्र की लड़ाई को काफी मजबूती मिलेगी।

उन्होंने धूम्रपानतंबाकू सेवननशीली दवाओं के उपयोग और अस्वास्थ्यकर फास्ट फूड की आदतों के हानिकारक प्रभावों के बारे में निरंतर जागरूकता की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि जीवनशैली में बदलाव कैंसर के जोखिम को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कैंसर से बचे लोगों को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने उन्हें "योद्धा" बतायाजिन्होंने असाधारण दृढ़ता और साहस का परिचय दिया है। उन्होंने कहा कि उनकी कहानियां दूसरों के लिए आशा की किरण हैं और उन्होंने डॉक्टरों और देखभाल करने वालों की अथक सेवा और करुणा के लिए आभार व्यक्त किया।

उन्होंने अस्पताल के व्यापक प्रयासों की सराहना कीजिनमें स्क्रीनिंग अभियानमोबाइल मेडिकल यूनिट और नुक्कड़ नाटकशैक्षिक व्याख्यान और सामुदायिक शिविर जैसे जागरूकता अभियान शामिल हैंजिन्होंने शीघ्र निदान और जीवन बचाने में योगदान दिया है।

उपराष्ट्रपति ने जागरूकता बढ़ानेशीघ्र निदान को प्रोत्साहित करने और यह सुनिश्चित करने के लिए सामूहिक प्रयासों का आह्वान किया कि कोई भी कैंसर से अकेले न लड़े। उन्होंने लोगों से कैंसर से बचे लोगों की कहानियों से प्रेरणा लेने का आग्रह किया और एक ऐसे समाज के निर्माण की आवश्यकता पर जोर दिया जहां आशा, भय पर विजय प्राप्त करे।

उपराष्ट्रपति ने इस अवसर पर कैंसर से बचे लोगों को सम्मानित भी किया और इस बीमारी पर विजय पाने में उनके साहस और दृढ़ता को सराहा।

राजस्थान के राज्यपाल श्री हरिभाऊ किसानराव बागडेराजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री श्री गजेंद्र सिंह खिमसरभगवान महावीर कैंसर अस्पताल के अध्यक्ष श्री नवरतन कोठारी भी उपस्थित थे। और अन्य विशिष्ट अतिथि इस अवसर पर उपस्थित थे।

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