इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में भाग लेने वाले सीईओ और प्रतिनिधियों ने उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन से मुलाकात की
एआई स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और शासन में बदलाव लाएगा: उपराष्ट्रपति
उपराष्ट्रपति ने दृढ़ता से कहा कि एआई नए अवसर और रोजगार सृजित करेगा
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 में भाग लेने वाले सीईओ और प्रतिनिधियों के एक समूह ने उपराष्ट्रपति भवन में उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन से मुलाकात की। उन्होंने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) किस प्रकार वैश्विक कार्य परिदृश्य को मौलिक रूप से बदल रही है और नए अवसरों के द्वार खोल रही है। उन्होंने स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और रोजगार जैसे प्रमुख क्षेत्रों में एआई की परिवर्तनकारी क्षमता पर कहा कि भारत बड़े पैमाने पर एआई-संचालित नवाचार और तैनाती से लाभ उठाने के लिए विशिष्ट रूप से तैयार है। उन्होंने एक मजबूत और सहयोगात्मक एआई इकोसिस्टम के निर्माण में निरंतर सहयोग के लिए भारत एआई मिशन के प्रति आभार भी व्यक्त किया।
A group of CEOs and Delegates participating in the India AI Summit 2026 met Vice President Shri C. P. Radhakrishnan at Uprashtrapati Bhavan in New Delhi.
— Vice-President of India (@VPIndia) February 20, 2026
During the meeting, CEOs highlighted AI’s transformative potential in sectors such as healthcare, education, and employment.… pic.twitter.com/2kjE794upx
प्रतिनिधियों ने शिखर सम्मेलन को व्यापकता और प्रभाव के लिहाज से शानदार बताया, जिसमें देश भर के उभरते हुए युवाओं की प्रतिभा, नवोन्मेषी विचार और दूरदर्शी समाधानों का जीवंत प्रदर्शन हुआ। उन्होंने व्यावहारिक और नागरिक-केंद्रित अनुप्रयोगों पर भी चर्चा की, जिनमें संसदीय कार्यवाही में एआई द्वारा संचालित एक साथ भाषा अनुवाद का उपयोग शामिल है जो शासन में सुलभता, दक्षता और समावेशिता को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ा सकता है।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि एआई सटीकता बढ़ाती है, काम को आसान बनाती है और समाज को व्यापक रूप से सार्थक लाभ पहुंचाती है। एआई के भविष्य के प्रति प्रबल आशावाद व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि यह तकनीक न केवल मौजूदा भूमिकाओं को बदलेगी बल्कि पूरी तरह से नए रोजगार के अवसर भी पैदा करेगी। उन्होंने कहा कि भारत द्वारा एआई शिखर सम्मेलन की मेजबानी करना प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की एक महत्वपूर्ण पहल है जो देश को वैश्विक एआई परिदृश्य में एक प्रमुख खिलाड़ी और स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और सुशासन में परिवर्तन के एक प्रमुख चालक के रूप में स्थापित करती है।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि एआई सटीकता बढ़ाती है, कार्यप्रवाह को सुगम बनाती है और समाज को व्यापक लाभ पहुंचाती है। उन्होंने समावेशी और जन-केंद्रित एआई दृष्टिकोण के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित किया जो पूरे देश में सभी के लिए पहुंच को व्यापक बनाता है और अवसर सृजित करता है। उपराष्ट्रपति ने यह भी कहा कि जब भारत और उसके लोगों को सही अवसर और मंच दिए जाते हैं तो उनकी क्षमता असीमित होती है और आने वाले वर्ष देश के लिए निर्णायक और सफल साबित होंगे।
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