Address by Shri M. Venkaiah Naidu, Honourable Vice President at the felicitation ceremony for Tokyo Paralympians in Gurugram on September 19, 2021.

Gurugram | September 19, 2021

“मुझे बड़ी प्रसन्नता है कि टोक्यो पैरालंपिक 2020 के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का सम्मान करने का अवसर मिला है। आपको सम्मानित करके, मैं स्वयं को सम्मानित महसूस कर रहा हूं।
इस अवसर पर आप जैसे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के प्रशिक्षकों और आपके अभिभावकों का हार्दिक अभिनंदन करता हूं जिनके समर्थन और प्रोत्साहन का आपकी उपलब्धि में बड़ा योगदान रहा।
मित्रों,
आप सभी जानते हैं कि महामारी के वजह से विगत दो वर्ष बहुत कठिन बीते।
लोगों के जीवन और जीविकाएं प्रभावित हुईं। विश्व भर में चिंता, डर और मायूसी का माहौल रहा।
निराशा के इस अंधकार के बीच, खिलाड़ियों की उपलब्धियों ने मानवता को आशा की नई किरण दिखाई है।
कठिन परिस्थितियों में भी ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों में विश्व भर के खिलाड़ियों ने नए रिकॉर्ड बनाए। अपने  प्रदर्शन को भी बेहतर किया।
ये खेल बड़ी असामान्य  परिस्थितियों में आयोजित किए गए थे। खिलाड़ियों पर अनेक प्रकार के बंधन थे।
दर्शक न होने की वजह से स्टेडियम प्रायः खाली थे।
लंबे समय तक स्टेडियम बंद रहने के कारण खिलाड़ियों का प्रशिक्षण बाधित हुआ था।
ऐसी असामान्य परिस्थितियों में आपकी ये उपलब्धियां और भी अधिक शानदार हैं।
इस वर्ष के टोक्यो ओलंपिक और पैरालंपिक में भारतीय दल का प्रदर्शन बेहतरीन रहा।
इस वर्ष के खेलों में देश ने सबसे अधिक पदक जीते।
टोक्यो पैरालिंपिक्स में आपने देश के लिए 19 पदक जीते जिसमें 5 स्वर्ण पदक, 8 रजत पदक और 6 कांस्य पदक शामिल हैं।
आप सभी को बहुत बधाई और भावी सफलताओं के लिए शुभ कामनाएं
ये सब आप जैसे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के जुझारू जज्बे के कारण संभव हो सका है।
पैरालिंपिक में आपकी उपलब्धियां  देश में एक नई खेल संस्कृति का निर्माण करेंगी।
खिलाड़ियों को ये सफलता इतनी आसानी से नहीं मिलती।
इन सफलताओं के लिए आपने वर्षों कितनी लगन से कितना परिश्रम किया होगा ? कितनी ही बाधाओं को पार किया होगा ?

The Tokyo Paralympics were held in rather extraordinary conditions. There were severe restrictions on players. They could not even practice as the Stadia were closed. Yet, your performances were outstanding and you won the maximum number of medals for the country. Your grit and determination in such conditions were exemplary. The entire nation is proud of your achievements. You have shown us a ray of hope in these otherwise dismal times. 
Your achievements have not come easy. They are the result of resolute hard work and determination. You have overcome several obstacles, demolished stereotypes and have triumphed over social attitudes that looked down upon sports. Your accomplishments in the face of such challenging and adverse conditions are a great inspiration for every Indian, especially the youth.

सबसे पहले तो आपकी प्रतिस्पर्धा स्वयं आपसे ही रही होगी।
उस सामाजिक मानसिकता से रही होगी जो प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के हौंसले को दबाने की कोशिश करती है। 
पैरालिंपिक में पदक जीतने से पहले आपने इन बाधाओं को जीता है।
आपके अभिभावकों और प्रशिक्षकों  ने आपकी प्रतिभा को भरसक प्रोत्साहन दिया।
स्थानीय स्तर पर हर शहर में दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए आवश्यक एथलेटिक सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं।
इन चुनौतियों के साथ, पैरालिंपिक में आपकी सफलता कहीं अधिक बड़ी और देश के लिए महत्वपूर्ण है।
आपकी सफलता देश के युवाओं के लिए संदेश है।
आपकी सफलता देश के खेल प्रशासकों और संस्थानों के लिए भी संदेश देती है कि स्थानीय स्तर पर हमारे दिव्यांग साथियों की खेल प्रतिभा को पहचाना और प्रोत्साहित किया जाय।
उनके लिए सुविधाएं मुहैया कराई जाएं।
मुझे हर्ष है कि हाल के दशकों में हरियाणा में खेल की संस्कृति का निर्माण करने के लिए नीतिगत और संस्थागत प्रयास किए गए हैं।
अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को पुरस्कारों से प्रोत्साहित किया जा रहा है।
उनके भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए, उन्हें सरकारी नौकरी सुनिश्चित की जा रही है।
हरियाणा से प्रेरणा ले कर अन्य राज्यों ने भी खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित, सम्मानित करने के लिए नीतिगत प्रयास किए हैं।
इन प्रयासों का परिणाम इस वर्ष ओलंपिक और पैरालंपिक में देखने को भी मिला।
देश के युवा खिलाड़ियों ने अन्य विश्व प्रतिस्पर्धाओं में भी देश का नाम रोशन किया है।

मित्रों,
खेलों में सफलता देश के बढ़ते आत्म विश्वास को दर्शाती है।
लेकिन इस सफलता के पीछे वर्षों की लगन और मेहनत होती है। अभिभावकों, परिवार समर्थन होता है।
प्रशिक्षकों द्वारा प्रशिक्षण और प्रोत्साहन होता है।
खेल प्रतिभाओं को बढ़ने के लिए  समाज में खेल संस्कृति का होना जरूरी है जो खेलों को एक कैरियर के रूप में स्वीकार करे,  खिलाड़ियों को सम्मान दे।
खेल, व्यक्ति और समाज के विकास के लिए जरूरी हैं।
व्यक्ति अपने सामर्थ्य, अपने कौशल की सीमा को निरंतर बेहतर करता है।
सबके साथ टीम भावना से सामंजस्य और सौहार्द के साथ रहना सीखता है।
दल के अनुशासन में रहता है।
किसी भी देश की प्रगति के लिए, युवाओं में ये गुण होना जरूरी है। तभी लक्ष्य की सिद्धि होती है।

We need to promote a sporting culture in the country that accepts sports as a viable career option. I am happy that the New Education Policy 2020 provides for such an option. I am also happy that Haryana has taken definite policy initiatives to create a sporting culture and supported it through an institutionalized framework.  

Sports and games ensure the physical fitness of an individual; inculcate discipline and team spirit, apart from kindling the desire to excel through healthy competition. They also help in developing an attitude of poise and equanimity.

व्यक्ति के निजी स्वास्थ्य के लिए भी खेल जरूरी हैं।
आज जब हम संक्रमण की रोकथाम के हर प्रयास कर रहे हैं, तो ये भी याद रखें कि जीवन शैली के कारण होने वाली डायबिटीज, ब्लड प्रेशर आदि जैसे  असंक्रामक बीमारियां व्यक्ति की प्रतिरोधक शक्ति को कम कर देती हैं।
उसमें संक्रमण होने की संभावना ज्यादा होती है।
अतः पौष्टिक आहार और नियमित व्यायाम और खेलों को अपनी जीवन शैली हिस्सा बनाएं।
मुझे यह देखकर खुशी होती है कि किस प्रकार परिवार, समाज, सरकार अपने पदक विजेता खिलाड़ियों का सम्मान करते हैं।
यह दिखाता है कि एक समाज के रूप में हम भी आपकी सफलता से खुद को जोड़ते हैं। आपकी उपलब्धियों का गौरव महसूस करते हैं।
आज इस अवसर पर, मुझे भी आपके गौरव से जुड़ने और उसे सम्मानित करने का सुयोग मिला।
आप सभी का हार्दिक अभिनंदन करता हूं।
जय हिन्द!”