30 सितंबर, 2019 को नई दिल्ली में 15 असम राइफल्स द्वारा आयोजित एक राष्ट्रीय संवादमूलक यात्रा पर निकले मणिपुर, इम्फाल के मैरी कॉम बॉक्सिंग अकादमी के मुक्केबाजों को माननीय उपराष्ट्रपति, श्री एम. वेंकैया नायडु द्वारा दिया गया भाषण

नई दिल्ली | सितम्बर 30, 2019

मैं आप सभी का उपराष्ट्रपति भवन में स्वागत करता हूँ।

वास्तव में मैं अपने युवा खिलाड़ियों से मिलकर बहुत प्रसन्न हूँ जो विश्वविजेता मुक्केबाज़ श्रीमती मैरी कॉम के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।

मैं मणिपुर के दूरदराज और सुदूरवर्ती क्षेत्रों के मुक्केबाजों को देखकर प्रसन्न हूँ और मैं युवा प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के लिए मैरी कॉम अकादमी की सराहना करता हूँ।

मैरी कॉम पूरे देश और विश्व के मुक्केबाजों के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा स्रोत हैं। उनका जीवन, संघर्ष और सफलता प्रेरणादायक हैं। मुक्केबाजी के प्रति प्रेम, समर्पण और कठोर परिश्रम ने उनके रास्ते में आने वाली सभी बाधाओं को धूल चटाई है।

वे यकीनन हमारे देश की अब तक की सबसे सफल मुक्केबाज हैं।

छह बार मुक्केबाजी की विश्व चैम्पियनशिप जीतने वाली विश्व की एकमात्र महिला होने के साथ ही मैरी कॉम एशियाई खेल (2004) की स्वर्ण पदक और ओलंम्पिक खेलों की कांस्य पदक विजेता भी हैं।

वे भारत और विश्व में खेलों की सर्वश्रेष्ठ दूत हैं और अब वे संसद सदस्य (राज्य सभा) भी हैं।

मैं मैरी कॉम और उनके पति श्री के. ओनलर की मणिपुर और पूर्वोत्तर भारत के अन्य भागों के गरीब युवाओं के उन्हें प्रशिक्षण देकर मुक्केबाजी को बढ़ावा देने की जिम्मेदारी लेने के लिए, सराहना करता हूँ। मुझे बताया गया है कि फाउण्डेशन के पास छात्रों और सीखने वालों के लिए आधुनिकतम सुविधाएं हैं। मुझे विश्वास है कि आप सभी की तरह, अनेक लोगों को भी अकादमी का लाभ प्राप्त होगा।

मैं कॉर्पोरेट जगत से जुड़े व्यक्तियों, समाजसेवियों और भारत के प्रतिष्ठित खिलाड़ियों से आग्रह करता हूं कि वे खेल के बुनियादी ढांचे के निर्माण, विशेषरूप से पूर्वोत्तर क्षेत्र में, सरकार के प्रयासों में योगदान दें। सभी को सरकार द्वारा खेल सुविधाओं में सुधार लाने के प्रयासों का समर्थन करना चाहिए।

मुझे पूरा विश्वास है कि भारतीय मुक्केबाज अगले साल 2020 ग्रीष्म ओलंम्पिक खेलों में देश का मान बढ़ाएंगे।

प्रिय युवा साथियों,

भारत ने पिछले कुछ वर्षों में खेलों के क्षेत्र में सतत प्रगति की है और अनेक वैश्विक मंचों पर अपने कौशल का प्रदर्शन किया है।

खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए ज़रूरी वातावरण विकसित कर भारत को एक वैश्विक खेल महाशक्ति बनाने का लक्ष्य प्राप्त करने का यह सही समय है। मैं देश के कोने-कोने से खेल प्रतिभाओं की पहचान करने, उन्हें बढ़ावा और सहयोग देने के लए भारत सरकार के द्वारा कुछ वर्ष पहले शुरू किए गए 'खेलो इंडिया' अभियान की सराहना करता हूँ जिसमें उन्हें शीर्ष स्तरीय बुनियादी ढांचा और उच्चतम स्तर का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

इसे जमीनी स्तर तक ले जाने और देश में सभी प्रकार के खेलों के लिए मजबूत ढांचा तैयार करने तथा भारत को एक महान राष्ट्र बनाने की तत्काल आवश्यकता है।

खेल संस्कृति को पुनर्जीवित करने और छात्रों को विद्यालय जाने की आयु से ही तैयार करने की आवश्यकता है।

खेलकूद तथा योग अथवा कोई भी शारीरिक गतिविधि लोगों के दैनिक जीवन का अभिन्न अंग होनी चाहिए।

ये न केवल व्यक्ति को स्वस्थ रखते हैं बल्कि मस्तिष्क को भी तनावमुक्त रखते हैं और मस्तिष्क और शरीर को आराम देते हैं।

खेल व्यक्ति की क्षमता बढ़ाते हैं, उसमें टीम भावना जागृत करते हैं। समय का सदुपयोग सिखाते हैं और इसके साथ ही खेलना या खेल देखना मनोरंजन का उत्तम साधन भी है।

हम सभी जानते हैं कि स्वस्थ दिमाग स्वस्थ शरीर में निवास करता है और इसके अनेक फायदे हैं। स्वस्थ रहने से किसी भी व्यक्ति, परिवार और समाज पर बहुत अच्छा प्रभाव पड़ता है।

हमारे जैसे युवा देश में जिसमें 65 प्रतिशत से अधिक आबादी 30 वर्ष से कम आयु की है उसमें बच्चों, युवाओं और वरिष्ठों को किसी भी प्रकार की शारीरिक गतिविधि कर तंदुरुस्त रहने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

मैं इस बात से प्रसन्न हूं कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल 'फिट इंडिया अभियान' ने लोगों को तंदुरुस्त और स्वस्थ रहने के लिए प्रोत्साहित किया है।

प्रिय मित्रों,

मुझे बताया गया कि आप सभी अनेक ऐतिहासिक स्थलों की यात्रा कर रहे हैं और यात्रा के दौरान जीवन के विभिन्न क्षेत्रों के लोगों से मिल रहे हैं जिसमें प्रतिष्ठित खिलाड़ी भी शामिल हैं।

प्रिय मित्रों,

यात्रा जीवन का एक आवश्यक अंग है और यह हमें ऐसी अनेक बातें सिखाती है जो कक्षा में नहीं सिखाई जा सकती हैं।

यह समस्याओं, परिस्थितियों और ऐसी बातों के बारे में हमारा दृष्टिकोण बनाती है जिनका हम सामना करते हैं।

लालकिले से स्वतंत्रता दिवस के अपने भाषण में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने लोगों, विशेषरूप से युवाओं से यह आग्रह किया कि वे 2022 तक भारत के कम से कम 15 पर्यटन स्थलों का दौरा करें जिससे घरेलू पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। मैं इसका पुन: आह्वान करता हूँ और सभी को ऐसा करने के लिए प्रोत्साहित करता हूँ।

युवाओं, विशेषरूप से विद्यार्थियों को भारत की संस्कृति, विरासत, भाषाओं और खानपान की विविधता के बारे में जानने और देश की अनूठी सांस्कृतिक विविधता की उनकी समझ बढ़ाने के लिए 'भारत दर्शन' करना चाहिए।

उनकी यह समझ उन्हें आज देश के सामने आने वाली चुनौतियों के स्वदेशी और प्रभावी हल निकालने में उनकी सहायता करेगी।

मेरा मानना है कि हमें पहले भारत, विशेषरूप से पूर्वोत्तर भारत के क्षेत्रों का दौरा करना चाहिए जहां अनूठी जैव-विविधता है।

मैं मैरी कॉम बॉक्सिंग अकादमी के 20 मुक्केबाजों के लिए राष्ट्रीय संवादमूलक दौरा आयोजित करने के लिए मुख्यालय 9 सेक्टर असम राइफल्स के तत्वावधान में 15 असम राइफल्स और महानिदेशक की सराहना करता हूँ।

धन्यवाद!"