30 जुलाई, 2021 को हैदराबाद में जीनोम वैली संयंत्र के दौरे के बाद भारत बायोटेक के कर्मचारियों को भारत के माननीय उपराष्ट्रपति, श्री एम. वेंकैया नायडु द्वारा दिया गया भाषण

हैदराबाद | जुलाई 30, 2021

“मुझे भारत बायोटेक का दौरा करने और विभिन्न जीवन रक्षक टीकों के विकास की प्रक्रियाओं की प्रत्यक्ष समझ हासिल करने में प्रसन्नता हो रही है।
मुझे यह जानकर खुशी हो रही है कि इस कंपनी के पास अत्याधुनिक विश्व स्तरीय सुविधायें हैं और यह भारत और कई अन्य देशों में टीकाकरण कार्यक्रमों में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।
मुझे यह जानकर खुशी हो रही है कि भारत बायोटेक ने दुनिया भर में टीकों की चार अरब से अधिक खुराक वितरित की हैं और इसके पास 16 से अधिक टीकों और चार जैव-चिकित्सीय दवाओं का उत्पाद पोर्टफोलियो है, जिसमें हेपेटाइटिस-बी, इन्फ्लुएंजा एच1एन1, पोलियो और रोटावायरस के टीके शामिल हैं।
मुझे यह भी याद है कि जब मैं केंद्रीय मंत्री था, रोटावायरस डायरिया की रोकथाम के लिए इस कंपनी के रोटोवैक वैक्सीन को मार्च, 2015 में प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्रभाई मोदी द्वारा लॉन्च किया गया था। मैं भी उस अवसर पर उपस्थित था।
इसके बाद दिसंबर 2019 में, मैंने उप-राष्ट्रपति निवास में रोटोवैक 5डी लॉन्च किया था।
रोगों की रोकथाम और नियंत्रण में टीके एक हजार से अधिक वर्षों से महत्वपूर्ण रहे हैं। हालांकि, 1796 में चेचक से प्रतिरक्षा के लिए एडवर्ड जेनर द्वारा टीका विकसित करने के बाद से टीके के विकास की प्रक्रिया काफी आगे बढ़ गयी है। अब, हमारे पास डिप्थीरिया, टिटनस, हैजा, प्लेग, टाइफाइड और तपेदिक सहित कई बीमारियों के लिए टीके हैं।
पिछले सौ वर्षों में तकनीकी विकास ने वैक्सीन अनुसंधान और विकास को अभूतपूर्व गति प्रदान की है।
पिछले डेढ़ साल में पूरी दुनिया में फैली इस महामारी ने वैज्ञानिकों के लिए एक बड़ी चुनौती पेश की है।
यह वास्तव में आश्चर्यजनक है कि कैसे वैज्ञानिकों ने अपने विशाल शोध अनुभव पर कार्य किया है और एक वर्ष से भी कम समय में कई टीके विकसित किये हैं।
मुझे खुशी है कि मैं प्रतिभाशाली वैज्ञानिकों की एक ऐसी शानदार टीम के साथ हूं, जिसने बहुत ही कम समय में एक प्रभावी टीका विकसित किया है।
मैं आप सभी को इस उत्कृष्ट कार्य के लिए बधाई देता हूं।
मैं इस संगठन में डॉ. कृष्णा एल्ला और डॉ. सुचित्रा एल्ला द्वारा लाये गये आशावाद और गतिशीलता की सराहना करता हूं।
भारत विश्व स्तर पर फार्मास्युटिकल क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
आज भारत 50 प्रतिशत से अधिक टीकों की आपूर्ति कर रहा है और जेनेरिक दवाओं का सबसे बड़ा उत्पादक है।
भारतीय फार्मा कंपनियां एड्स से निपटने के लिए वैश्विक स्तर पर 80 प्रतिशत से अधिक एंटी-रेट्रोवायरल दवाओं की आपूर्ति कर रही हैं।
उचित रूप से, देश ने 'दुनिया की फार्मेसी' के रूप में दुनिया भर की प्रशंसा अर्जित की है।
फार्मास्युटिकल उत्पादन की मात्रा के मामले में, भारत दुनिया में तीसरे स्थान पर है।
मुझे बताया गया है कि भारत का घरेलू दवा बाजार 2021 में 42 अरब अमेरिकी डॉलर का है और 2030 तक 120-130 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने की संभावना है।
जबकि भारत को 'विश्व की फार्मेसी' के रूप में जाना जाता है, मुझे बहुत खुशी है कि हैदराबाद टीकों और थोक दवाओं के केंद्र के रूप में उभरा है। मुझे बताया गया है कि हैदराबाद में भारत में निर्मित बल्क ड्रग्स का 40 प्रतिशत हिस्सा है और बल्क ड्रग्स के लगभग 50 प्रतिशत निर्यात को पूरा करता है।
मुझे यह जानकर प्रसन्नता हो रही है कि हैदराबाद भी एक जैव प्रौद्योगिकी केंद्र के रूप में बदल गया है जिसमें जीनोम वैली इस क्षेत्र में विकास को गति दे रही है।
प्रिय बहनों और भाइयों,
मैं भारत बायोटेक को आईसीएमआर और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी के साथ सहयोग करके रिकॉर्ड समय में स्वदेशी कोवैक्सिन को तैयार करने के लिए बधाई देता हूं। कुछ अन्य भारतीय कंपनियों ने भी कोविड-19 टीकों का उत्पादन करने के लिए समय के खिलाफ दौड़ लगाई है, जबकि कुछ और अभी प्रक्रिया में हैं।
मुझे खुशी है कि भारत सरकार ने न केवल टीके के विकास को तेज किया है बल्कि टीकों के परीक्षण और उसे जारी करने से पहले प्रमाणन में तेजी लाने के लिए प्रयोगशाला नेटवर्क का भी विस्तार किया है।
यह खुशी की बात है कि हाल ही में स्वीकृत केंद्रीय औषधि प्रयोगशालाओं में से एक हैदराबाद में स्थित है, राज्य सरकार द्वारा प्रदान किए गए प्रोत्साहन के लिए धन्यवाद जिसने इस परियोजना का प्रस्ताव रखा और जिसके लिए मैंने अपना पूरा समर्थन दिया।
हमें, एक राष्ट्र के रूप में, अपने इकोसिस्टम सपोर्ट और स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे को तेजी से बढ़ाना चाहिए।
मुझे खुशी है कि भारत सरकार, राज्य सरकारों और निजी क्षेत्र ने इस महत्वपूर्ण आवश्यकता को प्राथमिकता दी है और सहयोगात्मक कार्रवाई शुरू की गयी है।
हमारे देश के अधिकांश हिस्सों में कोविड के मामलों में अस्थायी गिरावट से हमें असावधान नहीं होना चाहिये।
हमें इसे संभलने के एक मौके और अपने कार्यों को एक साथ लाने के लिए एक उपयुक्त क्षण के रूप में लेना चाहिए, ताकि हम बाद में आने वाली किसी भी स्वास्थ्य चुनौतियों का अधिक आत्मविश्वास और प्रतिबद्धता के साथ सामना कर सकें।
सबसे महत्वपूर्ण कार्य सभी लोगों का जल्द से जल्द टीकाकरण करना है।
मुझे बताया गया है कि दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान में आज तक देश भर में 45 करोड़ से अधिक टीके की खुराक दी जा चुकी है।
मुझे विश्वास है कि आने वाले महीनों में टीकाकरण अभियान में तेजी आएगी। भारत सरकार का इरादा वर्ष के अंत तक सभी पात्र वयस्कों का टीकाकरण करने का है।
मैं एक बार फिर इस बात पर जोर देना चाहता हूं कि टीकाकरण अभियान सभी वर्गों के लोगों की बढ़ती भागीदारी के साथ अखिल भारतीय 'जन आंदोलन' बन जाना चाहिये।
टीके के प्रति हिचकिचाहट के लिए कोई जगह नहीं है।
मैं सभी से अपील करता हूं कि वे आगे आयें और वैक्सीन की आवश्यक खुराक लेकर खुद को प्रतिरक्षित करें। अपनी और अपने आस-पास के लोगों की सुरक्षा के लिए इससे अधिक शक्तिशाली तरीका और कोई नहीं है।
टीकाकरण के लाभ कथित कमियों से कहीं अधिक हैं और इस संदेश को देश के कोने-कोने में और घर घर में साफ और स्पष्ट रूप से पहुँचाया जाना चाहिये। वास्तव में, अब यह स्पष्ट हो गया है कि टीकाकरण अस्पताल में भर्ती होने और संक्रमित होने पर बीमारी की गंभीरता पर रोक लगा रहा है।
मीडिया को भी इस पहलू को उजागर करने और टीकाकरण के लाभों पर जनता को शिक्षित करने की आवश्यकता है।
साथ ही मैं लोगों से मास्क लगाने, शारीरिक दूरी रखने और व्यक्तिगत स्वच्छता को जारी रखने की अपील करना चाहूंगा।
आइए हम जिम्मेदार नागरिक बनें और कोविड प्रोटोकॉल का उल्लंघन करके लापरवाह व्यवहार न करें।
मैं विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और उन्हें मानने वालों से भी अपील करता हूं कि वे कोविड के उचित व्यवहार का पालन करें। जिम्मेदारी से कार्य करना हम में से प्रत्येक का कर्तव्य है। हम तीसरी लहर को आमंत्रित करने का जोखिम नहीं उठा सकते।
प्रिय बहनों और भाइयों,
आप अग्रणी वैज्ञानिक हैं जो एक बहुत ही कठिन और जटिल समस्या का समाधान खोज रहे हैं।
आपने जो हासिल किया है उसके लिए देश आपका आभारी है।
मुझे यह जानकर प्रसन्नता हो रही है कि आप बच्चों के लिए भी टीके विकसित कर रहे हैं।
आपने नए मानक स्थापित किए हैं और मुझे विश्वास है कि आप उत्कृष्टता के लिए अपनी अथक खोज जारी रखेंगे।
लगातार बदलाव करता हुआ वायरस अप्रत्याशित चुनौतियां पेश करता है और हमें ऐसे समाधान खोजने के लिए मजबूर करता है जो जीवन को बचाएंगे और आजीविका की रक्षा करेंगे।
हमें इस राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रयास में व्यक्तिगत और सामूहिक रूप से योगदान देना होगा।
हमें पिछले अनुभवों से सीखना होगा और अधिक दृढ़ संकल्प और साहस के साथ आगे बढ़ना होगा।
अब कार्रवाई करने का समय है।
अब एक साथ निर्णायक कदम उठाने का समय है।
वैक्सीन की आपूर्ति तेजी से बढ़ाई जानी चाहिये।
जितनी जल्दी हो सके सभी को टीके लगाए जाने चाहिये।
एक बार फिर, मुझे भारत बायोटेक और इसकी सुविधाओं का दौरा करके बहुत खुशी हो रही है। क्योंकि आप किसी भी स्वास्थ्य संकट से निपटने के लिए देश की क्षमताओं को बढ़ाते हैं, आपके भविष्य के प्रयासों के लिए मेरी शुभकामनाएं।
इन सामूहिक प्रयासों से मुझे विश्वास है कि भारत और मजबूत होकर उभरेगा। मुझे विश्वास है कि हम सब मिलकर इस पर विजय प्राप्त करेंगे।

जय हिन्द!”