20 दिसंबर, 2019 को नई दिल्ली में टर्ब्युलन्स एंड ट्राइअम्फ: द मोदी इयर्स नामक पुस्तक का विमोचन करने के बाद सभा में भारत के माननीय उपराष्ट्रपति श्री एम. वेंकैया नायडु का संबोधन

नई दिल्ली | दिसम्बर 20, 2019

पुस्तक टर्बुलेंस एंड ट्रायम्फ: द मोदी इयर्स के विमोचन के विशेष अवसर पर भारत के 14वें और वर्तमान प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र दामोदरदास मोदी की असाधारण यात्रा को याद करना मेरे लिए खुशी की बात है, जो अब दूसरे कार्यकाल के लिए सेवा प्रदान कर रहे हैं।

शुरुआत में, मैं इस पुस्तक के लेखकों, श्री राहुल अग्रवाल और भारती एस प्रधान को श्री नरेंद्र भाई मोदी के जीवन इतिहास पर प्रकाश डालने के लिए हार्दिक बधाई देता हूं।

एक राजनीतिज्ञ, एक राजनेता, एक वक्ता, एक नेता, एक तपस्वी जो नए भारत की अवधारणा के लिए प्रतिबद्ध है, उनका वास्तव में एक बहुआयामी व्यक्तित्व है।

मेरी प्यारी बहनों और भाइयों,

महात्मा गांधी ने एक बार कहा था, "दुनिया का इतिहास ऐसे व्यक्तियों से भरा हुआ है, जो केवल आत्मविश्वास, साहस और लगन के बलबूते से नेतृत्व प्रदान करने की स्थिति में पहुंचे हैं।"

मोदी जी का जीवन इन गुणों का मूर्त रूप है।

यह इसी दृढ़ आत्मविश्वास, साहस और लगन का ही परिणाम है कि श्री नरेंद्र दामोदरदास मोदी ने एक साधारण पृष्ठभूमि वाले एक सामान्य व्यक्ति से विश्व के सबसे बड़े और सबसे जीवंत लोकतंत्र के लोकप्रिय प्रधानमंत्री बनने की एक असाधारण उपलब्धि हासिल की है।

मोदी जी ने 2014 के आम चुनावों में भाजपा का नेतृत्व किया जिसमें पार्टी को लोकसभा में बहुमत मिला, जो कि 1984 के बाद किसी भी एक पार्टी के लिए पहली बार हुआ है।

जब वह इतने भारी जनादेश के साथ भारत के प्रधान मंत्री बने तो हमें 'लोगों के प्रधानमंत्री' के बारे में बहुत कुछ देखने को मिला - उन्होंने भारत के भीतर लोगों से मिलते हुए दुनिया भर के विश्व नेताओं से मिलते हुए, एक पल के लिए भी आराम नहीं करते हुए लंबी यात्राएँ कीं।

मैं कई दशकों से व्यक्तिगत रूप से मोदी जी को जानता हूं।

मैंने मोदी जी को अद्भुत संगठनात्मक कौशल वाले एक कार्यकर्ता के रूप में देखा है, जो कार्य को करने के लिए अपने सर्वोत्तम प्रयास देने से और प्रत्येक छोटी से छोटी बात पर ध्यान देने से कभी भी कतराते नहीं हैं।

वे स्वयं को लोगों का "प्रधान सेवक" कहते हैं और उस आदर्श के अनुरूप स्वयं को ढालने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं।

वे हमेशा अपने चार गुणों-अनुशासन, समर्पण, लगन और विकास के लिए जाने जाते हैं।

लोगों के साथ इतने अधिक प्रभावी तरीके से संवाद करने और उनमें जुड़ने की उनकी क्षमता वास्तव में उल्लेखनीय है।

यह उनके अध्ययन और यात्राओं का ही परिणाम है कि वह अपने विश्वदृष्टि को व्यापक बना सके और व्यापक सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और राजनीतिक ज्ञान अर्जित कर सके।

श्री नरेंद्र मोदी आज जहां हैं, वहां पहुंचने के लिए वे गुजरात के मुख्यमंत्री और भारत के प्रधान मंत्री के रूप में कई परीक्षाओं और पीड़ाओं से गुजरे हैं। मैं इन सभी समस्याओं को स्पष्टता और ईमानदारी से दर्शाने के लिए लेखकों की सराहना करता हूं।

मेरी प्रिय बहनों और भाइयों,

वह एक सुधारवादी भी हैं और मुझे याद है कि पूर्व अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने टाइम मैगज़ीन में मोदी जी पर उनके द्वारा लिखे गए एक लेख में उन्हें 'प्रमुख सुधारक (रिफॉर्मर-इन-चीफ)' बताया था।

मैं उनके सुधार, प्रदर्शन और परिवर्तन के मूल मंत्र से प्रभावित हूं। देश की कायापलट समय की मांग है और अब यह कायापटल हो रही है।

उनके नेतृत्व में विश्व तक भारत की पहुंच में विस्तार हुआ है। मुझे यह जानकर खुशी है कि विश्व में भारत को पहले से ज्यादा मान्यता और सम्मान मिल रहा है।

मोदी जी ने प्रबल भावना से योग को भी बढ़ावा दिया और वे फिटनेस इंडिया अभियान के माध्यम से लोगों, विशेष रूप से युवाओं के स्वास्थ्य और तंदुरुस्ती की आवश्यकता के संबंध में पहल की अगुवाई कर रहे हैं।

वे स्वच्छ भारत, मेक इन इंडिया, स्किल इंडिया, बेटी बचाओ, बेटी पढाओ जैसी कई योजनाओं के माध्यम से और जलवायु परिवर्तन के घातक प्रभावों का सामना करने हेतु पर्यावरण संरक्षण की दिशा में की गई पहलों द्वारा महात्मा गांधी के सपने को साकार कर रहे हैं।

उन्होंने स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने में एक अग्रणी भूमिका निभाई है और अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन के गठन में भारत द्वारा प्रदान किया गया नेतृत्व पर्यावरण की सुरक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

मैं कृषि उत्पादकता को बढ़ाने और 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने के लिए प्रधान मंत्री द्वारा शुरू की गई पहलों की भी सराहना करता हूं।

लोगों के जीवन में बदलाव लाने हेतु उनकी प्रतिबद्धता को समझने के लिए हमें केवल उनके प्रशासन द्वारा बहुत कम समय में ही हासिल की गई अनेक महत्वपूर्ण उपलब्धियों को देखने की आवश्यकता है।

यह उद्घोषणा करते हुए कि "स्वच्छ भारत ही महात्मा गांधी को 2019 में उनकी 150 वीं जयंती पर भारत द्वारा दी जा सकने वाली सच्ची श्रद्धांजलि होगी" मोदी जी ने स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत की थी। भारत को अक्तूबर 2019 में खुले में शौच मुक्त घोषित किया गया, जो एक असाधारण उपलब्धि है।

मोदी जी ने माल और सेवा कर (जीएसटी) जैसी कई पहलों के माध्यम से अर्थव्यवस्था को एक नई गति प्रदान की। "सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास" विश्व के प्रति उनके दृष्टिकोण की एक शानदार अभिव्यक्ति है।

उन्होंने समावेशी विकास को बढ़ावा देने के लिए जन-धन योजना जैसे क्रांतिकारी सुधारों की शुरुआत की और आयुष्मान भारत जैसी कई सामाजिक सुरक्षा योजनाएं आरंभ की।

अपने जनसांख्यिकीय लाभांश की क्षमता को पहचानते हुए, भारत अब अपनी शिक्षा प्रणाली को नया रूप दे रहा है ताकि इसकी गुणवत्ता, सुलभता और वहनीयता में सुधार हो सके । मोदी जी ने एक बार कहा था, '' मैं एक ऐसे युवा भारत को देखना चाहता हूं जो किसी भी सीमा में बंधा न हो। मैं चाहता हूं कि इस देश के युवा ऐसा जीवन जीएं जो आशाओ और अवसरों से परिपूर्ण हो।”

महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करने और उन्हें सशक्त बनाने के लिए प्रधानमंत्री द्वारा दिया गया नारा 'बेटी बचाओ बेटी पढाओ ’ अब देश भर में गूंज रहा है।

प्रधानमंत्री की प्रगतिशील सोच को हाल के दिनों में संसद द्वारा पारित "तीन तलाक का उन्मूलन" जैसे कई प्रगतिशील विधानों के माध्यम से समझा जा सकता है।

अतीत की बेड़ियों को तोड़ने और एक उज्जवल भविष्य की ओर आगे बढ़ने में उनका दृढ़ विश्वास इन सभी साहसिक निर्णयों में परिलक्षित होता है।

अब हमारा लक्ष्य 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का है। हम सतत विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के साथ साझेदारी करना चाहते हैं और साथ ही साथ अपने देश में समावेशी विकास की शुरूआत करना चाहते हैं।

समय की मांग है कि एक मजबूत, दृढ़ निश्चयी और सतर्क नेता के नियंत्रण में शासन की बागडोर हो। हम भाग्यशाली हैं कि हमारे पास एक सक्षम नेता और एक स्थिर सरकार है।

मैं एक बार फिर से पुस्तक के लेखकों को बधाई देता हूं। मुझे आशा है कि यह पुस्तक लोगों को श्री नरेंद्र भाई मोदी जी द्वारा उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किए गए मस्तिष्क और हृदय के कुछ गुणों को आत्मसात करने के लिए प्रेरित करेगी ताकि हम एक साथ मिलकर एक नए भारत का निर्माण कर सकें।

धन्यवाद!

जय हिन्द!