14 मार्च, 2019 को नुज्विद, आंध्र प्रदेश में राजीव गांधी यूनिवर्सिटी ऑफ नॉलेज टेक्नोलॉजीज में भारत के माननीय उपराष्ट्रपति श्री एम. वेंकैया नायडु द्वारा दिया गया भाषण

नुज्विद, आंध्र प्रदेश | मार्च 14, 2019

"मुझे आज नुज्विद में राजीव गांधी यूनिवर्सिटी ऑफ़ नॉलेज टेक्नोलॉजीज (आरजीयूकेटी) के छात्रों के साथ संवाद करते हुए प्रसन्नता हो रही है।

मुझे यह जानकर खुशी है कि यह संस्थान मेधावी ग्रामीण युवाओं, जो सुगमता और साधन दोनों की दृष्टि से अवसरों से वंचित हैं, को उच्च गुणवत्ता से युक्त तकनीकी शिक्षा प्रदान कर रहा है।

मुझे यह जानकर भी खुशी हुई कि छह इंजीनियरिंग क्षेत्रों में बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी की डिग्री प्रदान करने वाली यह संस्था, छात्रों के समग्र और सर्वांगीण विकास पर ध्यान केंद्रित कर रही है और उन्हें तेजी से प्रतिस्पर्धी दुनिया की बहुल चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार कर रही है।

एकीकृत पाठ्यक्रमों के माध्यम से व्यवहारिक कौशल सहित व्यापक-आधारित शिक्षा प्रदान करने की दिशा में विश्वविद्यालय का प्रयास प्रशंसनीय है। मुझे यह जानकर खुशी है कि यह विश्वविद्यालय गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है और छात्रों को सम्पूर्णता के मूलभूत गुणों, दूसरों के लिए सम्मान और पर्यावरण की देखभाल को आत्मसात करने में सक्षम बना रहा है।

मुझे यह जानकर प्रसन्नता है कि आरजीयूकेटी में कार्यक्रम भविष्य के नेताओं को बनाने पर ध्यान देने के साथ-साथ उदार व्यावसायिक शिक्षा के एक नए मॉडल पर बनाया गया है। मुझे बताया गया है कि कार्यक्रम यह सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया है कि छात्रों को सिद्धांत के ज्ञान के साथ विशेष इंजीनियर बनने के बजाय समस्याओं को हल करने के लिए जीवन कौशल से लैस किया जाता है । मुझे यह भी जानकर खुशी हुई कि इस कार्यक्रम में निजी शिक्षकों और बुद्धिमान अध्यापक प्रणालियों के माध्यम से शिक्षा के करके- सीखने के आदर्श को अपनाया गया है।

मेरे प्यारे छात्रों,

शिक्षा राष्ट्र के सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन का मुख्य साधन है और बौद्धिक समाज के निर्माण की नींव रखती है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने कहा है "शिक्षा एक निवेश है, एक शिक्षित व्यक्ति वास्तव में समाज की सेवा करेगा"।

शिक्षा प्रणाली के लिए आज के समय में यह महत्वपूर्ण है कि उससे ऐसे समग्र व्यक्तियों का निर्माण हो, जो दृढ़ नीतिपरक और उचित मूल्यों के लिए प्रतिबद्ध हों। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने कहा था, "शिक्षा, जो चरित्र का निर्माण नहीं करती वह बिल्कुल बेकार है"।

शिक्षा का आशय ऐसी प्रक्रिया से है जिससे चरित्र का निर्माण होता है, मन की शक्ति सुदृढ होती है, और बुद्धि तेज होती है, जिसके परिणामस्वरूप व्यक्ति अपने पैरों पर खड़ा हो सकता है। सच्ची शिक्षा युवाओं को देश की भौतिक प्रगति के साथ-साथ भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को बनाए रखने में योगदान देती है।

यह चिंता का विषय है कि हमारी शिक्षा प्रणाली महत्वपूर्ण विश्लेषणात्मक कौशल और नवीन सोच वाले व्यक्तियों के बजाय डिग्री प्रमाण पत्र वाले छात्र बना रही है। और ज्यादातर समय, कॉलेजों से पास होने वाले छात्रों के पास रोजगार योग्य कौशल नहीं होता है। इस स्थिति को बदलना होगा और वर्तमान समय के लिए इसे प्रासंगिक बनाने के लिए शिक्षा प्रणाली को पूर्ण रूप से परिवर्तित करने की आवश्यकता है।

• పని పని ఏదైనా పని పని పని పని పని పని పని పని పని। వాళ్ళు వాళ్ళు దీన్ని " కైజిన్ టెక్నిక్ " వాళ్ళు వాళ్ళు। దీని వారు తమ దీని దీని దీని దీని।

• కొత్త కొత్త ఇది కొత్త కొత్త। ఏ పద్ధతి మన ఏ ఏ ఏ ఏ। మన ముందు తరాల వారు అనుసరించిన పద్ధతి కంటే ఉన్నతమైనదిగా ఉండాలనే తలంపుతో , వినూత్న మార్గాలను అనుసరించి, విజయాల బాటలో ముందుకు నడిచారు।

• యువత ఆశించేది ఈ యువత యువత యువత యువత। పేరైనా పేరైనా దీనికి పేరైనా। ప్రతి ప్రతి కానీ ఆలోచన , ప్రతి ప్రతి ప్రతి ప్రతి। మార్గంలో నడిపించాలి మరింత మార్గంలో మార్గంలో మరింత।మిమ్మల్ని మిమ్మల్ని బాధ్యతాయుతమైన మిమ్మల్ని। ఎంచుకోండి ఎంచుకోండి ఎంచుకోండి ।।

• స్వామి గురించి ఓ స్వామి స్వామి స్వామి ఆధునిక ... యువత స్వామి స్వామి స్వామి స్వామి స్వామి। ఆదర్శాన్ని చేసే నేను ఆదర్శాన్ని ఆదర్శాన్ని ఆదర్శాన్ని ఆదర్శాన్ని। జవ జవ , జవ జవ , జవ జవ , జవ జవ జవ జవ జవ జవ జవ జవ జవ జవ।

• కాదు కాదు వివేకానందుడికి , కాదు కాదు కాదు కాదు కాదు కాదు కాదు కాదు। ఎందుకంటే ... ఇప్పటి వరకూ ప్రపంచానికి గొప్ప సందేశాల్ని ఇచ్చిన వారు, సమాజాభ్యున్నతి కోసం నూతన ఆవిష్కరణలు చేసిన వారు, చరిత్ర గతిని మార్చేసిన వారు అందరూ 40 ఏళ్ళ లోపు వారే।

• శాతం 65 దేశజనాభాల్లో లోపు 35 శాతం శాతం। శక్తి దేశం ఇలాంటి శక్తి శక్తి శక్తి శక్తి శక్తి శక్తి శక్తి శక్తి శక్తి। ఒక్కటే కాదు శారీరకంగా ఒక్కటే ఒక్కటే శారీరకంగా। మానసికంగా మానసికంగా। మహోన్నతులు మహోన్నతులు।

• మంది మంది మంది మంది మంది మంది మంది , మంది మంది మంది మంది మంది మంది। ప్రకారంలో శాతం ఓ యువతలో దాదాపు 45 ప్రకారంలో ప్రకారంలో ప్రకారంలో ప్రకారంలో ప్రకారంలో ప్రకారంలో। మారాల్సిన మారాల్సిన ఈ మారాల్సిన మారాల్సిన।

प्रिय छात्रों,

आरजीकेयूटी जैसे उच्च शिक्षा के संस्थानों में बड़े समूहों में ऐसे कुशल और सक्षम कार्यबल तैयार होने चाहिए जो राष्ट्र की अर्थव्यवस्था को चला सकें और विभिन्न समस्याओं जैसे कृषि संकट, तेजी से शहरीकरण, बढ़ती ऊर्जा मांग, जलवायु परिवर्तन, ग्लोबल वार्मिंग, शहरी-ग्रामीण अंतर और आर्थिक विषमताओं से प्रभावी ढंग से निपटने में राष्ट्र की मदद कर सके।

आज की दुनिया ज्ञान और नवोंमेष के प्रतिस्पर्धी उपयोग पर निर्भर है और प्रौद्योगिकी के छात्रों के रूप में, आपको समाज के सामने आने वाली समस्याओं के व्यावहारिक, कम लागत वाले समाधान का प्रयास करना चाहिए। हमारे टेक्नोक्रेट्स को विदेशी अवधारणाओं और प्रथाओं की ओर देखने के बजाय स्वदेशी समाधान खोजने की आवश्यकता है। जैसा कि आप सभी जानते हैं, विज्ञान और प्रौद्योगिकी का एकमात्र उद्देश्य लोगों के जीवन को बेहतर बनाना है।

प्रौद्योगिकी में उन्नति और आर्थिक प्रगति के बावजूद, हमारे समाज का एक बड़ा हिस्सा अभी भी आवश्यक संसाधनों पहुंच से दूर है। इसे बदलना होगा और आप जैसे युवाओं को लोगों के जीवन में सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन लाने में सबसे आगे होना चाहिए। आपको इस अवसर ध्यान देना चाहिए और अत्यन्त कठिन समस्याओं जैसे कि हर घर में पीने योग्य पानी सुनिश्चित करना, कुपोषण को दूर करना और स्वास्थ्य सेवा को सस्ता और सुलभ बनाना, का समाधान देना चाहिए ।

प्रिय मित्रों,

भारतीय अर्थव्यवस्था प्रगति के पथ पर बढ़ रही है। हम आज सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था हैं और अगले 10-15 वर्षों में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जायेंगें। सौभाग्य से, भारत एक युवा राष्ट्र है जहां 65 प्रतिशत जनसंख्या 35 वर्ष से कम आयु वाली है। हमें उत्कृष्टता, नवोंमेष और अविष्कारों के लिए अवसरों का सृजन करके भारी जनसांख्यिकीय लाभ को भुनाना चाहिए।

इस स्थिति को प्राप्त करने के लिए, प्रत्येक संस्थान को अत्याधुनिक ज्ञान प्रदान करने वाला उत्कृष्टता का केंद्र बनना चाहिए। उन्हें भारत को एक नवोंमेष और विनिर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने की तलाश में केंद्र बिंदु बनना चाहिए।

एनआईटीआई आयोग जैसे प्रमुख संस्थान अटल टिंकरिंग लैब्स के तहत नवोंमेष को पोषण और समर्थन देने में संलग्न हैं। कृषि प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य देखभाल, स्वच्छ ऊर्जा, स्मार्ट मोबिलिटी, अपशिष्ट प्रबंधन और जल संसाधन ऐसे प्रमुख सामाजिक क्षेत्र हैं, जिन्हें संगठन द्वारा नए भारत के निर्माण के लिए युवा नवप्रवर्तकों की उद्यमशीलता की गति में तेजी लाने के लिए शुरू किए गए हैं।

ऐसे नए और अभिनव भारत की ओर पहुंचने के लिए निजी क्षेत्र सहित सभी की भागीदारी की आवश्यकता है।

अनुसंधान में विविधता लाने, उद्योग के साथ घनिष्ठ संयोजन स्थापित करने और राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर अर्थव्यवस्था की जरूरतों के प्रति शिक्षण क्रियाओं को प्रासंगिक बनाने के लिए राष्ट्र के निर्माण के हमारे ऐसे प्रयास का अत्यधिक महत्व है जो नमोन्मेषी हो।

प्रिय छात्रों और संकाय सदस्यों, आपको प्रौद्योगिकियों में उन्नति की ओर बढ़ना चाहिए और उन्हें अग्रसर बनाना चाहिए। नए डोमेन जैसे बिग-डेटा एनालिटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लाउड कम्प्यूटिंग, जियो स्पाटियल मैपिंग कृषि से अक्षय ऊर्जा स्रोतों के इष्टतम उपयोग की विभिन्न समस्याओं का समाधान प्रदान कर सकते हैं।

स्थायी, व्यवहार्य और एक स्वस्थ राष्ट्र को प्राप्त करने की हमारी खोज में, हमें ऐसे समाधान खोजने के लिए अपने प्रयासों में तेजी लानी चाहिए जो न केवल वहनीय और सुलभ हों, बल्कि बड़ी आबादी की मदद करने के लिए मापनीय होनी चाहिए।

उच्च शिक्षा के संस्थानों को उत्कृष्टता की संस्कृति को प्रोत्साहित करना चाहिए और कौशल एवं ज्ञान प्राप्त करने वाले अधिकाधिक छात्रों की जरूरतों को पूरा करने के लिए अपने बुनियादी ढांचे का विस्तार करना चाहिए।

संस्थानों में छात्रों को इस प्रकार प्रशिक्षित करना चाहिए ताकि उनमें रचनात्मक-सोच और समस्या-समाधान के गुण से विकसित हो सकें। अज्ञात क्षेत्रों की खोज में आनंद का अनुभव करने के लिए उनकी खोज में उनका समर्थन किया जाना चाहिए।

समापन से पहले, मैं आपको आधुनिक, गतिहीन जीवन शैलियों के दुष्प्रभावों के प्रति सचेत करना चाहूंगा। आज के युवाओं की जीवनशैली संबंधी विकार बहुत चिंता का विषय है। हम देख रहे हैं कि देश में असंक्रामक रोगों की बढ़ती घटनाओं में व्यायाम की कमी, अस्वास्थ्यकर आहार की आदतें, तनाव में वृद्धि, शराब और धूम्रपान का सेवन प्रमुख हैं। यह चिंता का विषय है कि कई युवा जीवन शैली की बीमारियों से प्रभावित हो रहे हैं।

मैं आप सभी से योग और ध्यान का अभ्यास करने का आग्रह करता हूं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि आपका शरीर और दिमाग हर समय स्वस्थ और चुस्त बना रहे।

• సాధించడం సాధించడం సాధించడం సాధించడం సాధించడం సాధించడం , సాధించడం సాధించడం సాధించడం సాధించడం సాధించడం సాధించడం సాధించడం సాధించడం। అంటే సందర్భం ఎందుకంటే అంటే అంటే అంటే అంటే। శ్రమకు ప్రతిఫలం మన శ్రమకు శ్రమకు మన।

• అబ్దుల్ అబ్దుల్ ఈ అబ్దుల్ అబ్దుల్ అబ్దుల్ అబ్దుల్ అబ్దుల్ అబ్దుల్। “ మొదటి ప్రదర్శించవద్దు మొదటి మొదటి మొదటి మొదటి మొదటి। రెండవ ప్రయత్నంలో ఓడిపోతే, నీ గెలుపు గాలివాటం అని చెప్పడానికి చాలా మంది ఎదురు చూస్తుంటారని గుర్తుంచుకో "అనే మాటలను యువకులంతా తమ మనసుల్లో నాటుకోవాలి।

• మధ్య మధ్య ముఖ్యంగా మధ్య మధ్య మధ్య మధ్య మధ్య మధ్య మధ్య మధ్య మధ్య। వీటిని అధిగమించి విద్యార్థులంతా సాంకేతికతను సరైన మార్గంలో వినియోగించుకోవాలంటే, వారి మనసుల్లో విలువలు,సేవ అనే బీజాలు మొలకెత్తడం ఎంతో అవసరం।

मैं आंध्र प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए राजीव गांधी यूनिवर्सिटी ऑफ़ नॉलेज टेक्नोलॉजीज की सराहना करता हूँ।

विश्वविद्यालय के संकाय को मेरी बधाई और छात्रों को अपने भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं!

जय हिन्द!"