14 अप्रैल, 2021 को नई दिल्ली में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देश में कोविड-19 की स्थिति और टीकाकरण अभियान पर राज्यपालों को भारत के माननीय उपराष्ट्रपति श्री एम. वेंकैया नायडु का संबोधन

नई दिल्ली | अप्रैल 14, 2021

“सम्पूर्ण विश्व और भारत एक वर्ष से भी अधिक समय से कोविड-19 महामारी से लगातार लड़ रहा है।

अनेक बाधाओं के बावजूद, भारत ने एक सुनियोजित रणनीति के माध्यम से पिछले वर्ष के दौरान इस महामारी को सफलतापूर्वक नियंत्रित किया।

पिछली बार की भांति ही इस बार भी तत्परता और तेजी से हमें इस महामारी के खिलाफ युद्ध को जारी रखना है।

इस वायरस का मुकाबला करने के लिए नए उत्साह के साथ जांच में वृद्धि करने, व्यापक ट्रैकिंग, प्रभावी उपचार और कोविड उपयुक्त व्यवहार लागू करने की कारगर सिद्ध हुई और विश्वसनीय रणनीति का कार्यान्वयन करने की आवश्यकता है।

देश में कम समय में कोविड-19 के मामलों में तेजी से होने वाली वृद्धि वास्तव में चिंता का विषय है, विशेष रूप से उन 10 राज्यों में जिनमें यह आंकड़ा पूरे देश के मामलों का 85 प्रतिशत है और जहां बीते 14 दिनों में 89 प्रतिशत मौतें हुई हैं। गत एक माह से लगभग 120 जिलों में मामलों में तेजी से वृद्धि हुई है।

इन बढ़ते मामलों से स्वास्थ्य संरचना पर अपरिहार्य रूप से अत्यधिक दबाव पड़ेगा।

चुनौती बहुत विकट है लेकिन आज हम गत वर्ष की तुलना में बेहतर तरीके से तैयार हैं।

गत एक वर्ष की अवधि में हमने आधारभूत संरचना को उन्नत बनाया है।

अब हमारे पास वैक्सीन हैं जो सुरक्षित और प्रभावी हैं।

पूर्व में अपनी 'टेस्ट, ट्रैक और ट्रीट' रणनीति के सफलतापूर्वक कार्यान्वयन से हममें अधिक आत्मविश्वास आया है।

हमें ज्ञात है कि हम समुदाय की सहायता से वायरस के प्रसार को रोक सकते हैं । कोविड उपयुक्त व्यवहार को प्रोत्साहित और लागू करने से मामलों में शुरूआत में आई वृद्धि को कम करने में सहायता मिली। हमें इस महत्वपूर्ण पहलू पर सतत रूप से लोगों का ध्यान आकर्षित करना चाहिए।

राज्य के संवैधानिक प्रमुख के रूप में, इस विश्वव्यापी महामारी के खिलाफ हमारी लड़ाई में प्रत्येक माननीय राज्यपाल की एक प्रमुख भूमिका है। माननीय राज्यपालों के लिए यह जरूरी है कि वे अपने संबंधित माननीय मुख्यमंत्रियों के साथ सक्रिय रूप से भागीदारी करें और दलगत राजनीति से परे आम सहमति बनाने वाले बनें।

जैसा कि माननीय प्रधान मंत्री ने पहले भी सुझाव दिया है कि नए विचारों के मंथन, ज्ञान साझा करने और उत्तम पद्धतियों के आदान-प्रदान और जमीनी मुद्दों की प्रभावी समझ और विभिन्न दृष्टिकोणों के लिए एक सर्वदलीय बैठक सहायक सिद्ध होगी। इससे हमें समग्र कोविड-19 प्रबंधन प्रयासों में तेजी लाने में सहायता मिलेगी।

राजनीतिक मतभेदों को दरकिनार करते हुए, हमें एक टीम की तरह एकजुट होकर काम करना होगा।

गत वर्ष के दौरान हमने एक सबसे लाभदायक बात यह सीखी कि कोविड-19 के खिलाफ हमारी लड़ाई में हम मुख्यत: सहयोगपूर्ण कार्य के कारण सफल हुए हैं। प्रत्येक व्यक्ति, प्रत्येक हितधारक, प्रत्येक संस्थान ने अभूतपूर्व दृढ़ता का प्रदर्शन किया है।

हमें साथ काम करने की इसी भावना के साथ आगे भी काम करते रहना होगा।

माननीय राज्यपाल परिवर्तन के सक्रिय एजेंट के रूप कार्य कर सकते हैं और इस लड़ाई में और अधिक भागीदारों को योगदान देने हेतु प्रोत्साहित करके माननीय मुख्यमंत्रियों की सहायता कर सकते हैं । गत एक वर्ष में शैक्षणिक संस्थान, सिविल सोसायटी संगठन, समाजसेवी और कॉर्पोरेट हाउस सक्रिय भागीदार बने हैं ।हमें इस दूसरी लहर में भी उनके साथ सहयोग जारी रखना चाहिए।

आप राज्य सरकारों के साथ न केवल अपने अनुभव और विशेषज्ञता साझा कर सकते हैं बल्कि अधिक प्रभावी रणनीति बनाने में उनका मार्गदर्शन भी कर सकते हैं।

हम एक अभूतपूर्व स्वास्थ्य संकट का सामना कर रहे हैं। इसका लोगों के जीवन और आजीविका पर बहुत गहरा प्रभाव पड़ रहा है। प्रधान मंत्री नरेंद्र भाई मोदी के नेतृत्व वाली सरकार जमीनी तथ्यों की समय-समय पर समीक्षा कर रही है और अनेक सामाजिक सुरक्षा उपाय कर रही है । हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि इन पहलों का लाभ जरूरतमंदों को मिले।

कोविड उपयुक्त व्यवहार अपनाने के अत्यधिक महत्व का व्यापक प्रचार करने की आवश्यकता है । यह संदेश हमारे सभी नागरिकों द्वारा आत्मसात किया जाना चाहिए और सार्वभौमिक रूप से अपनाया जाना चाहिए। माननीय राज्यपाल आप लोगों तक पहुँच को बढ़ा सकते हैं और जन व्यवहार को प्रभावित कर सकते हैं।

माननीय प्रधान मंत्री ने केन्द्र सरकार द्वारा राज्य सरकारों के सहयोग से निर्धारित रणनीति को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत किया है।

आप, सभी माननीय राज्यपालों को राज्य सरकारों के साथ काम करना चाहिए, उन्हें सहयोग प्रदान करना चाहिए, उनका मार्गदर्शन करना चाहिए और इसे एक जन आंदोलन बनाना चाहिए।

मैं इस विश्वव्यापी महामारी के खिलाफ भारत का नेतृत्व करने के लिए प्रधान मंत्री नरेंद्रभाई मोदी और उनके समर्पित मंत्रिमंडल की सराहना करता हूँ। मैं सभी फ्रंट लाइन स्वास्थ्य कर्मियों, हमारे फार्मास्युटिकल उद्योग के नेताओं, सभी अन्य हितधारकों और भागीदारों को सलाम करता हूँ जो अपना अमूल्य सहयोग देते रहे हैं।

मुझे विश्वास है कि आप सभी माननीय राज्यपाल, अपने संबंधित राज्यों में उच्च स्तरीय सुविधाजनक नेतृत्व प्रदान करेंगे जो भारत को इस लड़ाई में सफल होने में सहायता प्रदान करेगा। आपको मेरी शुभकामनाएँ।

जय हिन्द !”