12 मार्च, 2019 को नई दिल्ली में भारतीय राजस्व सेवा के 72वें बैच के अधिकारी प्रशिक्षुओं को भारत के माननीय उपराष्ट्रपति श्री एम. वेंकैया नायडु द्वारा दिया गया संबोधन

नई दिल्ली | मार्च 12, 2019

“मैं आप सभी का बहुत गर्मजोशी से स्वागत करता हूं और आपके पेशेवर करियर की प्रत्येक सफलता के लिए कामना करता हूं।

आप सभी ने काफी कठिन चयन प्रक्रिया के बाद इस सेवा के लिए सफलतापूर्वक उत्तीर्ण किया है। मैं आप सभी को इस प्रतिष्ठित करियर में शामिल होने के लिए बधाई देता हूं।

चूंकि आप उज्ज्वल और अत्यधिक परिश्रम की अपेक्षा वाले करियर में प्रवेश करने जा रहे हैं, मेरा यह मानना है कि आप भारत की विकास यात्रा के महत्वपूर्ण मोड़ पर सेवा में प्रवेश कर रहे हैं।

स्थिर आर्थिक विकास, अधिकांश अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में बेहतर होना भारत को काम करने के लिए सबसे अच्छा स्थान बनाता है।

शासन प्रणाली में सुधार, पथ-प्रवर्तक विधान और जीएसटी जैसे प्रशासनिक उपाय हमारी अपनी शासन व्यवस्था को बदल रहे हैं। हमारे प्रधानमंत्री ने सभी प्रशासकों को : - "सुधार, प्रदर्शन और परिवर्तन" की बहुत ही कारगर सलाह दी है। आपके पास अपने प्रदर्शन के माध्यम से अपने देश को उन्नत बनाने और इसका रूपांतरण करने की अभिक्षमता और अद्वितीय अवसर है। कौटिल्य की उक्ति "राजकोष सत्ता का आधार है" - आयकर विभाग का आदर्श वाक्य है। आपके पास कुशल संसाधन जुटाकर अपने देश की अर्थव्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने का सौभाग्य है।

कौटिल्य ने यह भी कहा "सभी कार्यक्रम सर्वप्रथम राजकोष पर ही आश्रित होते हैं"। कल्याणकारी शासन की संरचना राज्य के पास उपलब्ध संसाधनों के आधार पर ही बनती है। जैसा कि प्राचीन भारतीयों ने राज्य की भूमिका का वर्णन किया, "राजा लोक कल्याण और जनता की भलाई के लिए जनता से उसी तरह से कर वसूल करता था, जिस तरह से सूर्य पृथ्वी की नमी को सोखकर उसे हजार गुना करके वापस करता है।"

पिछले चार वर्षों में, केंद्र सरकार का बजटीय व्यय (संशोधित अनुमान 2013-14) लगभग 16 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर लगभग 28 लाख करोड़ रुपए (बजट अनुमान 2019-20) हो गया है।

राजस्व विभाग के प्रयासों के कारण राजस्व संग्रह में आई तेजी ने सरकार के विकास संबंधी प्रयासों में पर्याप्त योगदान दिया है। पिछले चार वर्षों के दौरान, केंद्र सरकार का निवल कर राजस्व (2013-14 में) 8.2 लाख करोड़ रुपये था जो बढ़कर अनुमानत: 17 लाख करोड़ रुपये (बजट अनुमान 2019-20) हो गया है। पाँच वर्षों में लगभग 9 लाख करोड़ रुपये की हुई अनुमानित वृद्धि हमारे राजस्व अधिकारियों की दक्षता और क्षमता का एक उल्लेखनीय उदाहरण है।

राजस्व संग्रहों में हुई वृद्धि के कारण कल्याणकारी योजनाओं के लिए अपना बजट व्यय बढ़ाने के बावजूद, हमने राजकोषीय दायित्व और बजट प्रबंधन अधिनियम में निहित राजकोषीय अनुशासन का अनुसरण किया है और अपने राजकोषीय घाटे को जीडीपी के लगभग 3.4% तक सीमित रखा है।

पिछले चार वर्षों में कर आधार में 80% की वृद्धि हुई है।

कर अनुपालन की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए देश में कर प्रशासन में बहुत से बदलाव किए जा रहे हैं।

विमुद्रीकरण से लगभग 1,30,000 करोड़ रुपये की अघोषित आय कर के दायरे में आ गई है और लगभग 50,000 करोड़ रुपये मूल्य की परिसंपत्तियों की जब्ती और कुर्की हुई। 6,900 करोड़ रुपये मूल्य की बेनामी संपत्ति और 1,600 करोड़ रुपये की विदेशी संपत्तियों की कुर्की हुई है। 3,38,000 फर्जी कंपनियों का पता लगाया गया है और उनका पंजीकरण समाप्त किया गया है।

विमुद्रीकरण का सबसे उल्लेखनीय परिणाम डिजिटल लेनदेन में सतत वृद्धि होना है जिससे राजस्व विभाग उनके डिजिटल चिह्नों का पता लगा सकता है। कर-संग्रहण अधिकारियों के रूप में, आपको डिजिटल लेनदेन को प्रोत्साहित करना चाहिए और व्यापारियों को ग्राहकों को डिजिटल लेनदेन के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।

सरकार कर प्रशासन में डिजिटल प्रौद्योगिकी के उपयोग को बढ़ावा दे रही है। इस वर्ष के अंतरिम बजट में, सरकार ने आयकर विभाग को और अधिक निर्धारिती हितैषी के रूप में परिवर्तित करने के लिए एक गहन प्रौद्योगिकी परियोजना का प्रस्ताव किया है। यह प्रस्तावित है कि सभी विवरणियों को चौबीस घंटे में संसाधित किया जाएगा और प्रतिदाय भी साथ-ही- साथ कर दिया जाएगा। इसलिए यह आवश्यक है कि राजस्व अधिकारियों को प्रौद्योगिकी में गहन रूप से प्रशिक्षित होना चाहिए और उन्हें नियमित रूप से अपने प्रौद्योगिकी कौशलों का उन्नयन करना चाहिए।

कौटिल्य ने कहा है कि सरकार को कर-संग्रहण मधुमक्खी की तरह करना चाहिए जो फूलों से उतनी ही मात्रा में शहद चूसती है जिससे दोनों जीवित रह सकें।

हमारा प्रयास भी अपनी कर व्यवस्था को सरल, पारदर्शी और पूर्वानुमेय बनाना है। हम आपसे कर अनुपालन में कमी आए बिना कर व्यवस्था को और सुगम बनाये जाने की अपेक्षा करते हैं।

इसीलिए सरकार ने जीएसटी को लागू करने का संकल्प लिया जो 17 वर्षों से अटका पड़ा था। यह दुनिया का एकमात्र सबसे बड़ा कर सुधार है जिसने भारत को कर बाधा-रहित सबसे बड़ा एकल बाजार बना दिया है। यह सहकारी संघवाद का उत्कृष्ट उदाहरण है। रिपोर्टिंग संबंधी अपेक्षाओं को धीरे-धीरे सरल किया जा रहा है। दरों में लगातार कमी करने और रिपोर्टिंग संबंधी अपेक्षाओं में ढील दिए जाने के बावजूद, जीएसटी संग्रह के रुझान उत्साहजनक हैं। 2018-19 के दौरान औसत मासिक कर संग्रह पहले वर्ष के प्रति माह 89,700 करोड़ रुपये की तुलना में अब प्रति माह 97,100 करोड़ रुपये हो गया है। यह साबित करता है कि कम कर दरों के साथ एक सरल, पूर्वानुमानित कर व्यवस्था, बेहतर कर अनुपालन और ज्यादा राजस्व प्राप्ति सुनिश्चित करती है।

मेरे प्रिय युवा अधिकारियों,

आप इस सेवा में देश की अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण मोड़ पर प्रवेश कर रहे हैं। और इस तथ्य को आईएमएफ, विश्व बैंक और यहां तक कि मूडीज जैसी हर प्रमुख अंतरराष्ट्रीय एजेंसी ने स्वीकार किया है। हम नियंत्रित मुद्रास्फीति के साथ विश्व की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था हैं।

युवा अधिकारियों,

यद्यपि उदारीकरण और वैश्वीकरण की ताकतों ने देश की अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान की है, तथापि इसने कर अपवंचन के अंतरराष्ट्रीय आयाम को भी खोल दिया है। आपको स्वयं को वैश्विक वित्तीय शासन और पूंजी के वैश्विक संचलन के साथ कंधेसे कंधा मिलाकर चलना होगा। इसके साथ ही अवैध हवाला नेटवर्क के जरिए वैश्विक आतंकी नेटवर्क की फंडिंग का मुद्दा भी जुड़ा हुआ है । आपको प्रवर्तन एजेंसियों और बैंकरों के साथ घनिष्ठता के साथ समन्वय करने की आवश्यकता होगी। यह संसार धीरे-धीरे कर अपवंचन के मामलों, वित्तीय धोखाधड़ी के भगोड़े लोगों का पता लगाने और उनकी रिपोर्ट तैयार करने के लिए एक वैश्विक व्यवस्था का निर्माण कर रहा है। यह सरकार इस तरह की वैश्विक व्यवस्था का सक्रियता से समर्थन कर रही है।

हम बेहिसाबी धन और संगठित वित्तीय भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी लड़ाई में लगातार आगे रहे हैं। कर अपराधियों पर नज़र रखने के लिए, हमने स्विट्जरलैंड, ओईसीडी देशों, मॉरीशस जैसे देशों के साथ दोहरी कराधान संधियों पर पुनर्विचार किया है और टैक्स हेवन्स के साथ स्वचालित सूचना विनिमय समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। बेनामी संव्यवहार (प्रतिषेध) संशोधन अधिनियम पारित किया गया है। इसी तरह से, भारत और विदेशों में भगोड़ा आर्थिक अपराधियों की परिसंपत्तियों का अधिग्रहण करने के लिए भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम पारित किया गया है। मैं आशा करता हूँ कि आप कर अपवंचन के अंतरराष्ट्रीय आयामों से अच्छी तरह वाकिफ होंगे।

जैसा कि मैंने आपको बताया, आप इस सेवा में देश की अर्थव्यवस्था में एक महत्वपूर्ण मोड़ पर प्रवेश कर रहे हैं, ऐसे में भारत में व्यापार के अनुकूल, उद्यमियों के अनुकूल कर-व्यवस्था तैयार करने और लोकोन्मुखी कर प्रशासन की स्थापना करने में आपकी भूमिका महत्वपूर्ण बन जाती है।

मैं यह कामना करता हूं कि आप नैतिकता और उत्कृष्टता को अपने मार्गदर्शक सिद्धांतों के रूप में अपनाते हुए सफल और संतुष्टिदायक पेशेवर करियर में उन्नति करें।

जय हिन्द।"