11 सितंबर 2020 को नई दिल्ली से वर्ष 2020 के लिए मौलाना अबुल कलाम आज़ाद ट्रॉफी जीतने पर पंजाब विश्वविद्यालय को सम्मानित करने के लिए आयोजित एक वर्चुअल कार्यक्रम में भारत के माननीय उपराष्ट्रपति श्री एम. वेंकैया नायडु द्वारा दिया गया भाषण

नई दिल्ली | सितम्बर 11, 2020

मुझे यह जानकर हर्ष हुआ है कि पंजाब विश्वविद्यालय ने वर्ष 2020 के लिए खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए लगातार दूसरी बार मौलाना अबुल कलाम आज़ाद (एमएकेए) की ट्रॉफी जीती है।
प्रारम्भ में, मैं पंजाब विश्वविद्यालय के प्रत्येक छात्र, कोच, प्रबंधन, स्टाफ को शैक्षणिक प्रतिभा के साथ-साथ खेल उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए अपनी हार्दिक बधाई देता हूं।
खेलकूद में उत्कृष्टता प्राप्त करना आसान नहीं है। इस क्षेत्र में बाधाओं को दूर करने के लिए अनवरत दृढ़ संकल्प के साथ घंटों का अथक परिश्रम और सटीक योजना आवश्यक है।
असाधारण खेल प्रतिभा बनने के लिए आपको न केवल एक सुदृढ़ शरीर अपितु एक मजबूत दिमाग और एक अडिग इच्छाशक्ति की आवश्यकता होती है।
मुझे खुशी है कि पंजाब विश्वविद्यालय ने खेल के क्षेत्र में कई असाधारण प्रतिभाओं को आकार देने में सफलता पाई है।
मेरे प्यारे युवा छात्रों,
खेलकूद हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण भाग है। वे हमारी शारीरिक फिटनेस में सुधार करते हैं, हमारी संज्ञानात्मक क्षमताओं को बेहतर बनाते हैं और टीम खेल के माध्यम से हमारे सामाजिक कौशल को बढ़ाते हैं।
खेलकूद और विभिन्न खेलों में भाग लेने से व्यक्ति की एकाग्रता के स्तर में सुधार होता है, टीम भावना से कार्य करने की अवधारणा को बढ़ावा मिलता है और समानता का दृष्टिकोण विकसित करने में सहयता मिलती है।
यह संतुलन कटुता की भावना, वैमनस्य अथवा ईर्ष्या के बिना असफलताओं और बाधाओं को स्वीकार करने, एक ऐसा गुण जिसे हम 'खेल भावना' कहते हैं, के लिए आवश्यक है।
मेरा दृढ़ विश्वास है कि एक असाधारण खिलाड़ी एक उत्कृष्ट नेता भी बन सकता है क्योंकि खेल भी नेतृत्व गुणों को विकसित करता है। मुझे खुशी है कि इस प्रकार पंजाब विश्वविद्यालय भविष्य के नेताओं को आकार देने में भी सहयोग कर रहा है।
मेरे प्रिय मित्रों,
मैंने सदैव स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों द्वारा खेलकूद को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया है। खेलों में भाग लेने से शारीरिक 'फिटनेस' में सुधार होगा, जो हमारे देश में विशेष तौर पर युवाओं में जीवनशैली संबंधी बीमारियों की बढ़ती घटनाओं से निपटने के लिए महत्वपूर्ण है।
अस्वास्थ्यकर जीवनशैली के कारण मोटापा, मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। हमारी लगभग 65 प्रतिशत जनसँख्या 30 वर्ष से कम आयु की है और हमारे युवाओं को अस्वास्थ्यकर आहार और गतिहीन जीवन-शैली के खतरों के बारे में जागरूक करना सबसे महत्वपूर्ण है। हमें अपने युवाओं को शारीरिक रूप से सक्रिय होने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए और खेलकूद 'फिट' और स्वस्थ रहने में सहायता कर सकते हैं।
खेल संस्कृति को स्कूल जाने की आयु से ही पुनर्जीवित और पोषित करने की आवश्यकता है। खेलकूद या योग अथवा कोई भी शारीरिक गतिविधि लोगों की दैनिक दिनचर्या का अभिन्न अंग होना चाहिए। यह न केवल मनुष्य को स्वस्थ रखता है, बल्कि मन को तनाव मुक्त रखने में सहायक होने के साथ ही और मन और शरीर को शांति प्रदान करता है। 'फिट' और स्वस्थ रहने से व्यक्ति, परिवार और व्यापक स्तर पर समाज के कल्याण पर प्रभाव होगा।
मुझे खुशी है कि प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी की पहल “फिट इंडिया अभियान” लोगों को 'फिट' और स्वस्थ रहने के लिए प्रोत्साहित करती है।
मेरे प्यारे छात्रों,
भारत ने पिछले कुछ वर्षों में खेल के क्षेत्र में सतत प्रगति की है और कई वैश्विक मंचों पर अपनी प्रगति को दर्शाया है।
भारत में मेजर ध्यानचंद, मिल्खा सिंह, सचिन तेंदुलकर, पीवी सिंधु, मैरी कॉम, पुलेला गोपीचंद, सानिया मिर्जा और हिमा दास जैसे खेल के दिग्गज हुए हैं। इन उत्कृष्ट खिलाड़ियों की कहानियों से आप सभी को उत्कृष्टता की प्राप्ति के लिए प्रेरणा लेनी चाहिए।
यह महत्वपूर्ण है कि हम देश के विभिन्न भागों से कम उम्र में ही खेल प्रतिभाओं की पहचान करें और उन्हें उच्चतम स्तर का बुनियादी ढांचा और प्रशिक्षण प्रदान कर प्रोत्साहित करें और उनका समर्थन करें।

इसके लिए, हमारे पास प्रभावी और व्यापक प्रतिभा निगरानी और 'स्काउटिंग सिस्टम' होना चाहिए ताकि बच्चों में प्रतिभाओं की पहचान की जा सके और उन्हें बहुत कम उम्र से ही पोषित किया जा सके।

देश में विशेष तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में खेल छात्रावासों से लेकर स्टेडियम जैसे खेल के बुनियादी ढांचे को उन्नत करने की तत्काल आवश्यकता है।

अत्यधिक कुशल स्वदेशी भारतीय कोचों का एक बड़ा पूल तैयार करना भी आवश्यक है। अधिक कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को खेल प्रबंधन में डिग्री और डिप्लोमा की पेशकश करनी चाहिए ताकि हम राष्ट्र में खेल प्रबंधन के लिए एक बेहतर पेशेवर ढांचा तैयार करने में सफल हों सकें।

हमें खेल स्पर्धाओं में अपने खिलाड़ियों के प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए अत्यधिक कुशल खेल चिकित्सा विशेषज्ञों और चिकित्सकों का एक पूल बनाने का प्रयास भी करना चाहिए।

हमें खेल के उन क्षेत्रों को भी पहचानना होगा जिनमें हमें प्रतिस्पर्धात्मक लाभ की स्थिति प्राप्त हैं और उनमें अधिक संसाधनों का निवेश करना होगा।

भारत में खेल को बेहतर बनाने के लिए कुछ साल पहले 'खेलो इंडिया' अभियान प्रारम्भ करने के लिए मैं भारत सरकार की सराहना और प्रशंसा करता हूं।

हमें यह भी हमेशा याद रखना चाहिए कि हमारे खिलाड़ी हमारे राष्ट्रीय गौरव हैं। इसलिए सक्रिय खेल से रिटायर होने के बाद भी उनके लिए करियर के वैकल्पिक और बेहतरीन अवसर प्रदान करना महत्वपूर्ण है। इससे कई और युवाओं को खेलकूद के लिए आकर्षित करने में सहायता मिलेगी।

मुझे विश्वास है कि अगर हम लगन से कार्य करें, तो भारत राष्ट्रमंडल खेलों से लेकर ओलंपिक तक अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में कई और पुरस्कार जीत सकता है।

इस देश में हमारे पास प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। हमें सुदृढ़ सहायक प्रणालियों की आवश्यकता है। मुझे पूरा विश्वास है कि आप में से कई आज मुझे सुनकर एक दिन राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय चैंपियन और ओलंपियन बनेंगे और देश को गौरवान्वित करेंगे।

एक बार पुनः मैं आपको इस शानदार उपलब्धि पर बधाई देता हूं। मैं कामना करता हूँ कि आप आने वाले समय में इस तरह के कई और पुरस्कार और प्रशंसाएँ प्राप्त करेंगे!

धन्यवाद! जय हिन्द!