04 दिसम्बर, 2018 को विजयवाड़ा, आंध्र प्रदेश में विजयवाड़ा हवाई अड्डे पर एकीकृत यात्री टर्मिनल भवन का शिलान्यास करने और विजयवाड़ा से सिंगापुर के लिए पहली अंतर्राष्ट्रीय उड़ान का उद्घाटन करने के बाद भारत के माननीय उपराष्ट्रपति श्री एम. वेंकैया नायडु द्वारा स

विजयवाड़ा, आंध्र प्रदेश | दिसम्बर 4, 2018

"मुझे विजयवाड़ा हवाई अड्डे पर एक एकीकृत यात्री टर्मिनल भवन के निर्माण के लिए भूमि पूजन करने और विजयवाड़ा से सिंगापुर के बीच पहली अंतर्राष्ट्रीय उड़ान का उद्घाटन करने के लिए यहां आकर अत्यधिक प्रसन्नता का अनुभव हो रहा है।

कृष्णा नदी के तट पर स्थित विजयवाड़ा वास्तव में एक महान सांस्कृतिक इतिहास वाला शहरहै। आंध्र प्रदेश की वाणिज्यिक राजधानी के रूप में, विजयवाड़ा राजनीतिक रूप से सक्रिय, कृषि-समृद्ध और औद्योगिक परिवहन केन्द्र भी है।

आंध्र प्रदेश राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 2014 के परिणामस्वरूप विजयवाड़ा के निकट अमरावती को आंध्र प्रदेश की नई राजधानी शहर के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस महान शहर से सिंगापुर की नई अंतर्राष्ट्रीय उड़ान के उद्घाटन से इसकी कनेक्टिविटी और इसके व्यापार तथा पर्यटन क्षमतामें भी वृद्धि होगी।

विकास के लिए आधारभूत संरचना महत्वपूर्ण है और केन्द्र सरकार इस संबंध में विमानन क्षेत्र पर विशेष ध्यान दे रही है। विमानन और अन्य क्षेत्रों की आधारभूत संरचना परियोजनाओं में सार्वजनिक निवेश में भी काफी वृद्धि हुई है।

प्रिय बहनों और भाइयों,

भारत एक अभूतपूर्व आर्थिक और सामाजिक परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। अर्थव्यवस्था स्थिर गति से बढ़ रही है और व्यवस्थित शासन सुधार अधिक समावेशी समाज बनाने में सहायता कर रहे हैं। अधिकांश बहुपक्षीय संस्थाओं ने अनुमान लगाया है कि अन्य प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं से अधिक भारत2018 और 2019 में 7 प्रतिशत से अधिक की विकास दर से आगे बढ़ेगा।

दोस्तो, जैसा कि आप सभी जानते हैं कि विमानन क्षेत्र न केवल कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने और नौकरियां सृजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है बल्कि अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण उत्प्रेरक भी है। वैश्विक परिवहन व्यवस्था की रीढ़ की हड्डी के रूप में, यह वास्तव में व्यवसायों को जोड़ने, लोगों को एक साथ लाने और दुनिया भर में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्र है।

मुझे यह जानकार खुशी हो रही है कि प्रस्तावित नए एकीकृत टर्मिनल भवन की योजना ब्रीन बिल्डिंग फीचर्स जैसे इको फ्रेंडली टिकाऊ भवन सामग्री अर्थात् आटोक्लेव एयरेटेड कंक्रीट (एएसी) ब्लॉक, फारेस्ट स्टेवार्डशिप काउंसिल (एफएससी) द्वारा प्रमाणित लकड़ी के साथ ग्रीन कंस्ट्रक्शन मैनेजमेंट, भवन प्रबंधन प्रणाली (बीएमएस) के माध्यम से एलईडी प्रकाश नियंत्रण, सौर फोटो वोल्टाइक सिस्टम, ऊर्जा कुशल ईएंडएम उपकरण, सेंसर आधारित वाटर फिक्स्चर, मेम्ब्रेन बायोरिएक्टर (एमबीआर) आधारित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के साथ अपशिष्ट जल प्रबंधन और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को शामिल करते हुए बनाई गयी है।

विमानन क्षेत्र के बढ़ते महत्व को स्वीकार करते हुए, सरकार ने देश में बुनियादी ढांचे और क्षेत्रीय वायु कनेक्टिविटी में सुधार के लिए कई कदम उठाए हैं। उड़ान (यूडीएएन) योजना का उद्देश्य क्षेत्रीय कनेक्टिविटी विकसित करना और क्षेत्रीय मार्गों पर आर्थिक रूप से व्यवहार्य उड़ानों को बढ़ावा देना है।

भारतीय नागरिक उड्डयन उद्योग तेजी से बढ़ रहा है और इसे दुनिया में तीसरा सबसे बड़ा घरेलू नागरिक उड्डयन बाजार माना जाता है। अनुमानों के मुताबिक अगले 10 से 15 वर्षों में यह दुनिया का सबसे बड़ा घरेलू नागरिक उड्डयन बाजार बन जाएगा। अगले पांच वर्षों में इसमें 1 लाख करोड़ रुपए के निवेश की उम्मीद है।

यात्री यातायात जिसमें, पिछले पांच वर्षों में 14.1 प्रतिशत की वृ‍द्धि हुई है, वर्ष 2020 तक इसके 400 मिलियन तक पहुंचने की संभावना है।

निस्संदेह, मुझे जानकारी है कि यात्री यातायात में वृद्धि के बावजूद, कुछ एयरलाइनों को समस्याएं आ रही हैं और मुझे आशा है कि उनके लिए चीजें जल्द ही बेहतर होंगी।

बढ़ते विमानन व्यवसाय, इंजीनियरिंग प्रतिभा के विशाल पूल और कम श्रम लागत के दृष्टिगत भारत में एमआरओ (रखरखाव मरम्मत और परीक्षण) के लिए वैश्विक केन्द्र बनने की क्षमता भी है।

हम दुनिया के कुछ देशों में भी शामिल हैं, जिन्होंने उद्योग के निजीकरण के साहसिक कदम उठाए हैं।

ग्लोबल एयरलाइंस बॉडी, इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (आईएटीए) ने एशिया-प्रशांत क्षेत्र में अगले 20 वर्षो में इन बाजारों में आने वाले नए यात्रियों की कुल संख्या के आधे से अधिक यात्रियों को विकास के उत्प्रेरक के रूप में प्रस्तुत किया है।

आईएटीए के मुताबिक, हवाई परिवहन के मौजूदा वैश्विक रूझान से 2037 में यात्रियो की संख्या दोगुनी होकर 8.2 बिलियन हो सकती हैं और हवाई यात्रियों की दोगुनी संख्या वैश्विक स्तर पर100 मिलियन नौकरियां प्रदान कर सकती हैं।

मैं क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना के तहत 'उड़े देश का आम नागरिक' (यूडीएएन) के माध्यम से हवाई कनेक्टिविटी प्रदान करने और क्षेत्रीय रूप से महतवपूर्ण शहरों में नागरिकों के लिए हवाई यात्रा प्रदान करने संबंधी ईमानदार प्रयासों के लिए भारत सरकार को शुभकामनाएं देता हूं।

2016 में लागू की गई राष्ट्रीय नागर विमानन नीति में यह उल्लेख किया गया है कि यदि मध्यम वर्ग आय वर्ग में हर भारतीय एक साल में सिर्फ एक बार हवाई यात्रा करता है, तो इसके परिणामस्वरूप 35 करोड़ टिकटों की बिक्री होगी।

यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि विमानन क्षेत्र के विकास से भारतीय अर्थव्यवस्था पर गुणक प्रभाव पड़ेगा क्योंकि यह अन्य के साथ-साथ आतिथ्य और पर्यटन क्षेत्रों पर सकारात्मक प्रभाव डालेगा।

मैं चाहता हूं कि विभिन्न राज्य सरकारें विभिन्न क्षेत्रों के विकास के लिए सही पारिस्थितिकी तंत्र बनाकर एक नया समृद्ध, समावेशी न्यू इंडिया बनाने के लिए एक सच्ची 'टीम इंडिया' भावना से केन्द्र सरकार की भागीदार बनें। चुनाव के साथ राजनीतिक मतभेद खत्म होने चाहिए।

अंत में, मैं विमानन उद्योग की सभी एयरलाइनों और अन्य हितधारकों से अपील करता हूं कि यात्रियों की सुरक्षा, समय पर संचालन, कुशल कार्गो हैंडलिंग और यात्रियों को सुविधाओं में सुधार करने को उच्च प्राथमिकता प्रदान की जाए।

जयहिन्द!"