हमें आधुनिक जीवन शैली की चुनौतियों से निपटने के लिए किफायती स्वास्थ्य-देखरेख राजस्व मॉडल की आवश्यकता है : उपराष्ट्रपति उपराष्ट्रपति ने कोलकाता में ग्यारहवें ग्लोबल हेल्थकेयर समिट - 2017 को संबोधित किया।

कोलकाता
दिसम्बर 30, 2017

भारत के उपराष्ट्रपति श्री एम. वेंकैया नायडु ने कहा है कि हमें आधुनिक जीवन शैली की चुनौतियों से निपटने के लिए किफायती स्वास्थ्यचर्या राजस्व मॉडल की आवश्यकता है। वह आज कोलकाता में अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ फिजीशियन्स ऑफ इंडियन ओरिजिन (एएपीआई) द्वारा आयोजित 11वें ग्लोबल हेल्थकेयर समिट-2017 को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर बंगाल के राज्यपाल श्री केसरीनाथ त्रिपाठी, पश्चिम बंगाल के शहरी विकास मंत्री फरहाद हकीम और अन्य गण्यमान्य व्यक्ति मौजूद थे।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि जबकि भारत आर्थिक रूप से प्रगति कर रहा है और लोगों की आय में वृद्धि हो रही है, आम आदमी परिवार में चिकित्सा संबंधी आपातकाल पैदा होने पर चिकित्सा बिल वहन नहीं कर पाता है। उन्होंने यह भी कहा कि स्वास्थ्य बीमा बहुत कम होने और अधिकांश भारतीय आबादी द्वारा स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थितियों में निजी अस्पतालों से अपनी जेब से धन खर्च करके चिकित्सा उपचार को प्राथमिकता दिए जाने के कारण यह समस्या और बढ़ जाती है।

उपराष्ट्रपति ने चिकित्सा बिरादरी का आवाह्न किया कि वह स्वास्थ्य देखरेख को किफायती बनाने हेतु चिकित्सा व्यय को कम करने का प्रयास करे। उन्होंने यह भी कहा कि अनुद्योगशील जीवन शैली, अनुचित आहार आदतों और नौकरी से संबंधित तनाव सहित विभिन्न प्रकार के कारकों के कारण युवा इन बीमारियों का शिकार अधिक हो रहे हैं।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि सामान्य जनसंख्या में मधुमेह की घटनाएं बढ़ रही है जो कि भारत के समक्ष मौजूद प्रमुख चुनौतियों में से एक है। इस प्रवृत्ति को रोकने की आवश्यकता है। उन्होंने एक अध्ययन का उल्लेख किया जिसमें बताया कि अधिक विकसित राज्यों के शहरी क्षेत्रों में रहने वाले निम्न सामाजिक-आर्थिक समूहों में मधुमेह की बीमारी आम हो रही और यह चिंता की बात है।

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