साझा करना और देखभाल करना (शेयर एंड केयर) हमारे दर्शन का मूल मंत्र रहा है: उपराष्ट्रपति। उपराष्ट्रपति ने नवीनीकृत श्री लक्ष्मी नरसिम्हा स्वामी मंदिर का उद्घाटन किया

हैदराबाद
अप्रैल 22, 2018

मंदिर भारत के सांस्कृतिक लोकाचारों के केंद्र रहे हैं;

भारत के उपराष्ट्रपति श्री एम वेंकैया नायडु ने कहा है कि साझा करना और देखभाल करना (शेयर एंड केयर) हमारे दर्शन का मूल मंत्र रहा है। वे आज हैदराबाद में हरे कृष्णा फाउंडेशन द्वारा नवीनीकृत श्री लक्ष्मी नरसिम्हा स्वामी मंदिर का उद्घाटन करने के बाद सभा को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर तेलंगाना के हाउसिंग, लॉ एंड एंडॉमेंट्स मंत्री, श्री ए इंद्र करण रेड्डी और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि मंदिर भारत के सांस्कृतिक लोकाचारों के केंद्र रहे हैं और वे संगीत, नृत्य और जन साधारण के आध्यात्मिक उत्थान का केंद्र रहे हैं। उन्होंने कहा कि मंदिरों ने हरिकथा और पुराण प्रवचन जैसी परंपराओं के माध्यम से धार्मिक और आध्यात्मिक विचारों के बारे में जागरूकता फैलाई है।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि मंदिरों का भारत के सांस्कृतिक जीवन में केंद्रीय स्थान रहा है और हम मानवता की सेवा करने वाले हर कार्य का सम्मान करते हैं। उन्होंने आगे कहा कि हमारी कई दैनिक गतिविधियों से शुचिता जुड़ी है, यही कारण है कि हमारे यहाँ "विद्यालय", "चिकित्सालय", "भोजनालय" और यहां तक कि "शौचालय" जैसे शब्द हैं। उन्होने कहा कि हम हर जगह दिव्यता देखते हैं क्योंकि हम मानते हैं कि सभी सजीव और निर्जीव प्राणी एक ही दैवीय सिद्धांत और ऊर्जा की अभिव्यक्तियां हैं।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि कृष्ण प्रेम, करुणा, परानुभूति और न्यायसंगत व्यवहार के शाश्वत मूल्यों के प्रतीक हैं। उन्होंने आगे कहा कि यदि हम समाज में कृष्ण भावनामृत ला सकें, तो हम लोगों के जीवन में एक बड़ा परिवर्तन कर सकते हैं। उन्होने कहा कि हम शांति, समृद्धि, भाईचारे को बढ़ावा देकर प्रत्येक परिवार में वैकुंठ या चिंता मुक्त वातावरण बना सकते हैं।

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