सहमति से पुलिस व्यवस्था भविष्य के लिए रोडमैप होना चाहिए: उपराष्ट्रपति

हैदराबाद
फ़रवरी 28, 2018

महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों को सख्ती के साथ और पीड़ितों के प्रति अत्यंत संवेदनशीलता के साथ निपटना चाहिए;
हमारी सीमाओं के भीतर शांति और स्थिरता के बिना राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जा सकती;
सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी के 70 आरआर (2017 बैच) के आईपीएस प्रोबेशनर्स को संबोधित करते हुए

भारत के उपराष्ट्रपति, श्री एम. वेंकैया नायडु ने कहा है कि सहमति से पुलिस व्यवस्था भविष्य के लिए रोडमैप होना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा बल का इस्तेमाल कानून के आदर्शों द्वारा सीमित किया जाना चाहिए, चाहे उकसाव के कारण कुछ भी हो। वे आज हैदराबाद में सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी के 70 आरआर (2017 बैच) के आईपीएस प्रोबेशनर्स को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर गृह एवं जेल मंत्री, तेलंगाना, श्री नैनी नरसिम्हा रेड्डी और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि अपराध के हाशिये पर रह रहे लोगों को कानून का पालन करने वाला नागरिक बनने के लिए प्रोत्साहित करना और अभ्यस्त तथा बार-बार अपराध करने वाले अपराधियों के खिलाफ अनुकरणीय कार्रवाई करना समय की मांग होना चाहिए। उन्होंने आईपीएस अधिकारियों से कहा कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों को सख्ती से साथ और पीड़ितों के प्रति अत्यंत संवेदनशीलता के साथ निपटना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रभावी सुनवाई, सहानुभूति, टीम निर्माण और तनाव प्रबंधन जैसे साफ्ट कौशल प्राप्त करें।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि आंतरिक सुरक्षा स्थिर सामाजिक-आर्थिक माहौल सुनिश्चित करके हमारे देश की समृद्धि के लिए आवश्यक आधार प्रदान करती है। उन्होंने आगे कहा कि जातीय अशांति, अंतर समुदाय संबंधों का क्षरण, अन्य धर्मों के प्रति असंवेदनशीलता, इंसानों के मूल्यों का अनादर हमारे लिए महत्वपूर्ण चिंता है।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा को हमारी सीमाओं के भीतर शांति और स्थिरता के बिना और राष्ट्रीय सुरक्षा में पुलिस की केंद्रीय भूमिका के बिना सुनिश्चित नहीं किया जा सकता है। उन्होंने आगे कहा कि एक जीवंत लोकतंत्र के लिए अच्छी पुलिस व्यवस्था आवश्यक है। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रगति और विकास के लिए सामाजिक व्यवस्था, शांति और सुकून अनिवार्य पूर्व-अपेक्षाएं हैं।

उपराष्ट्रपति ने पुलिस बल को साइबर अपराध से देश को खतरे को ध्यान में रखते हुए अपने काम में आधुनिक तकनीक का उपयोग करने में विशेषज्ञता हासिल करने के लिए कहा। उन्होंने आगे कहा कि हमारी अर्थव्यवस्था और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे परस्पर रूप से निर्भर कंप्यूटर नेटवर्क और इंटरनेट पर तेजी से आश्रित होता जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि साइबर अपराधों को समझदारी से निपटने की क्षमता विकसित करने के लिए खुद को प्रशिक्षित करें।

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