शिक्षा-उद्योग के बीच अधिक से अधिक सहलग्नता सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा प्रणाली का पुन: अभिमुखीकरण किया जाना चाहिए: उपराष्ट्रपति: वेल टेक विश्वविद्यालय के छात्रों को संबोधित किया

चेन्नई
मार्च 13, 2019

यह अवसर का लाभ उठाने और नवोन्मेष तथा प्रौद्योगिकी-आधारित उद्यमिता को बढ़ावा देने का समय है;
हमें चौथी औद्योगिक क्रांति में एक सार्थक भूमिका निभाने के लिए दूसरों से आगे रहना होगा;

भारत के उपराष्ट्रपति, श्री एम. वेंकैया नायडु ने कहा है कि छात्रों को रोजगार-योग्य बनाने के लिए शिक्षा-उद्योग के बीच अधिक से अधिक सहलग्नता सुनिश्चित करके शिक्षा प्रणाली को नया रूप दिया जाना चाहिए।

वे आज चेन्नई के वेल टेक विश्वविद्यालय में सभा को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर तमिलनाडु के राज्यपाल श्री बनवारीलाल पुरोहित और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

उपराष्ट्रपति ने इच्छा व्यक्त की कि सरकार, शैक्षणिक-समुदाय और उद्योग एक साथ आकर शिक्षा प्रणाली का पुनः-अभिमुखीकरण करें ताकि उच्च शिक्षा संस्थानों से निकलने वाले छात्र रोजगार-योग्य हो सकें या स्वरोजगार से जुड़ सकें।

इससे पहले श्री नायडु ने विश्वविद्यालय में एनआईडीएचआई-सीओई प्रयोगशाला का दौरा किया। उन्होंने कहा कि आर्थिक विकास और रोजगार निर्माण के लिए 'बिज़नेस इन्क्यूबेशन' को विश्व स्तर पर एक महत्वपूर्ण साधन के रूप में मान्यता दी गई है। उन्होंने आगे कहा कि आज की दुनिया और देशों एवं समाजों में नवोन्मेष, 'इन्क्यूबेशन' और स्टार्ट-अप्स चर्चा के शब्द हैं, जो ज्ञान-केंद्रित और प्रौद्योगिकी-आधारित हैं, ये वैश्विक अर्थव्यवस्था में संवर्धित भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा, हमारे लिए भारत में, अब समय आ गया है कि हम अवसरों का लाभ उठाएं और नवोन्मेष तथा प्रौद्योगिकी-आधारित उद्यमिता को बढ़ावा दें।

उन्होंने शोध-गहन शिक्षण और सीखने की क्रियाओं पर ध्यान केंद्रित करने के लिए संस्थान की सराहना की। उन्होंने कहा कि नवोन्मेष और उद्यमिता दो ऐसे प्रमुख साधन बनने जा रहे हैं जो भारत को आर्थिक समृद्धि और सामाजिक समावेश के एक नए युग में ले जायेंगें।

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