युवाओं को 21वीं सदी में नौकरी पाने के लिए आवश्यक कौशल और ज्ञान से पूर्ण करें: उपराष्ट्रपति

विजयवाड़ा, आंध्र प्रदेश
अगस्त 27, 2019

देश के तीव्र आर्थिक विकास के लिए कुशल श्रमबल अत्यावश्यक;
श्रम बल में शामिल मौजूदा और नए लोगों को कुशल बनाने के लिए बुनियादी ढांचे के निर्माण में औद्योगिक इकाइयों से मदद की मांग की ;
उच्च शिक्षा संस्थानों को युवाओं में कुशलता और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए कहा;
उपराष्ट्रपति ने आंध्र प्रदेश राज्य कौशल विकास निगम (एपीएसएसडीसी) की प्रदर्शनी का उद्घाटन किया

उपराष्ट्रपति श्री एम. वेंकैया नायडु ने 21वीं सदी के रोजगार बाज़ार का सफलतापूर्वक सामना करने के लिए युवाओं को आवश्यक कौशल और ज्ञान से पूर्ण करने का आह्वान किया। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि देश में तीव्र आर्थिक विकास के लिए कुशल कार्यबल अति आवश्यक है।

आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में स्वर्ण भारत ट्रस्ट परिसर में आंध्र प्रदेश राज्य कौशल विकास निगम (एपीएसएसडीसी) द्वारा आयोजित एक प्रदर्शनी का आज उद्घाटन करने के बाद उपराष्ट्रपति श्री एम वेंकैया नायडु ने कहा कि यही समय है जब भारत युवाओं को कुशल बनाकर अपने जनसांख्यिकीय लाभांश का फायदा उठा सकता है।

समाज के विभिन्न क्षेत्रों में समाहित प्रतिभा की ओर ध्यान दिलाते हुए श्री नायडु ने कहा कि युवाओं को तेजी से बदलते प्रौद्योगिकीय माहौल के अनुकूल प्रशिक्षित करने और उनके कौशल को विकसित करने की जरूरत है।

आने वाले वर्षों में भारत के तीसरी बड़ी आर्थिक शक्ति बनने की ओर अग्रसर होने की बात करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार और सीआईआई, फिक्की, एसोचैम जैसे विभिन्न औद्योगिक इकाइयों को श्रमबल में मौजूदा और नए लोगों को प्रशिक्षित करने के लिए बुनियादी संरचना का निर्माण करना है।

उपराष्ट्रपति ने न्यायसंगत विकास सुनिश्चित करने के संदर्भ में शहरी-ग्रामीण विभाजन को कम करने और युवाओं एवं छात्रों को कुशल बनाने हेतु अवसर पैदा करने के लिए कारगर कदम उठाने का आग्रह किया।

श्री नायडु ने कहा कि यथास्थिति को बदलने के लिए और सुधारवादी नवाचारों के लिए युवाओं की प्रतिभा को निखारना होगा और नवोन्वेष के लिए उचित वातावरण बनाना होगा। उन्होंने कौशल विकास को राष्ट्रीय मिशन की तरह चलाने और युवाओं, महिलाओं एवं छात्रों को नवोन्वेष को बढ़ावा देने के लिए प्रशिक्षित करने के उपाय सुझाए।

उपराष्ट्रपति ने ये इच्छा जताई कि उच्च शैक्षिक संस्थान युवाओं में कौशल और उद्यमिता के विकास को बढ़ावा दें। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि शैक्षणिक संस्थान और उद्योग युवाओं को 21वीं सदी में नौकरी के लिए आवश्यक कौशल से परिचित कराने हेतु मिलकर काम करें।

उपराष्ट्रपति ने प्रदर्शनी का दौरा किया और छात्रों को उनके कौशल को अद्यतन करने के लिए आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों को प्रदर्शित करने वाले स्टालों का अवलोकन किया। विभिन्न इंजीनियरिंग कॉलेजों और स्वर्ण भारत ट्रस्ट के प्रशिक्षुओं को इन योजनाओं के बारे में बताया गया।

इस आयोजन में भाग लेने वाले आंध्र प्रदेश के राज्यपाल श्री विश्व भूषण हरिचंदन भी उपराष्ट्रपति के एपीएसएसडीसी प्रदर्शनी के लिए उनके दौरे के दौरान मौजूद थे। उपराष्ट्रपति को बाद में स्वर्ण भारत ट्रस्ट के विभिन्न प्रशिक्षण केंद्र भी दिखाए गए।

इस मौके पर एपीएसएसडीसी के चेयरमैन श्री चल्ला मधुसूदन रेड्डी, स्वर्ण भारत ट्रस्ट के चेयरमैन श्री कामिनेनी श्रीनिवास और अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।

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