भारत में वैश्विक विमानन केन्द्र बनने की क्षमता है : उपराष्ट्रपति: उपराष्ट्रपति ने विजयवाड़ा से सिंगापुर तक अंतरराष्ट्रीय उड़ान का शुभारम्भ किया

विजयवाड़ा, आंध्र प्रदेश
दिसम्बर 4, 2018

नए समृद्ध, समावेशी नए भारत के निर्माण के लिए राज्यों को केन्द्र के साथ एक सच्ची 'टीम इंडिया' भावना के साथ भागीदार होना चाहिए;
नई एयर कनेक्टिविटी आंध्र प्रदेश को भारत और दक्षिण पूर्व एशिया के बीच विमानन गेटवे बना देगी;
उपराष्ट्रपति ने विजयवाड़ा हवाई हड्डे पर एकीकृत यात्री टर्मिनल भवन की नींव रखी

भारत के उपराष्ट्रपति श्री एम वेंकैया नायडु ने कहा है कि बढ़ते विमानन व्यवसाय, इंजीनियरिंग प्रतिभा के विशाल पूल और कम श्रम लागत के दृष्टिगत भारत में एमआरओ (रखरखाव मरम्मत और परीक्षण) के लिए वैश्विक विमानन केन्द्र बनने की क्षमता है। वह विजयवाड़ा से सिंगापुर के बीच पहली अंतरराष्ट्रीय उड़ान का शुभारंभ करने और आज आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा हवाई अड्डे पर एकीकृत यात्री टर्मिनल भवन के लिए आधारशिला रखने के बाद सभा को संबोधित कर रहे थे।

इस अवसर पर केन्द्रीय नागर विमानन मंत्री श्री सुरेश प्रभु, नागर विमानन राज्य मंत्री श्री जयंत सिन्हा, आंध्र प्रदेश के वित्त मंत्री श्री वाई रामकृष्णुडू, आंध्र प्रदेश के विधि मंत्री श्री कोल्लू रविंद्र और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि विजयवाड़ा से सिंगापुर तक अंतरराष्ट्रीय उड़ान कनेक्टिविटी के साथ-साथ आंध्र प्रदेश की व्यापार और पर्यटन क्षमता को और बढ़ाएगी। उन्होंने कहा कि 35000 वर्गमीटर में फैले अत्याधुनिक नए टर्मिनल का विकास 611 करोड़ रुपए के बजट के साथ किया जा रहा है, जो 24 चेक-इन काउंटर और 8 द्वार के साथ प्रतिदिन 1200 यात्रियों को सुविधा प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि टर्मिनल में 1250 चार पहिया गाड़ियों के लिए पार्किंग सुविधा भी प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय और घरेलू यात्रियों की सुविधा के लिए कुल 14 आप्रवासन काउंटर, 3 कस्टम काउंटर, 5 बैगेज बेल्ट की स्थापना की जाएगी।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि आंध्र प्रदेश और सिंगापुर के बीच नई एयर कनेक्टिविटी दक्षिण पूर्व एशिया में भारत की पहुंच को बढ़ाएगी। उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश दो समृद्ध क्षेत्रों के बीच विमानन प्रवेश द्वार बन जाएगा और इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

उपराष्ट्रपति ने राज्य सरकार से राज्य में अन्य पर्यटन आकर्षणों के साथ पर्यटन को विशेष रूप से बौद्ध सर्किट को सक्रिय रूप से संवर्धित करने का आह्वान किया।

श्री नायडु ने उड़ान योजना के तहत आंध्र प्रदेश राज्य को एयर कनेक्टिविटी की सुविधा प्रदान करने के लिए राज्य और केन्द्र सरकार के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह योजना विजयवाड़ा, हैदराबाद और चेन्नई के बीच अधिक कनेक्टिविटी प्रदान करेगी।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि हाल ही में विमानन पहलों जैसे कि 90 करोड़ रुपए की लागत से विशाखापट्टनम हवाई अड्डे का विकास, 125 करोड़ की लागत से राजमुंदरी हवाई अड्डे पर रनवे का विस्तार और 114 करोड़ रुपए की लागत से तिरुपति हवाई अड्डे पर रनवे के विस्तार से राज्य की विकास संभावनाओं को बढ़ावा मिलेगा।

श्री नायडु ने विजयवाड़ा हवाई अड्डे पर नए एकीकृत टर्मिनल के निर्माण में पर्यावरण अनुकूल बुनियादी ढांचे को अपनाने के लिए अधिकारियों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि रेन वाटर हार्वेस्टिंग, डबल इन्सुलेटड छत, एलईडी लाइटिंग जैसी विशेषताएं ऊर्जा की बचत करेंगी और पानी की बर्बादी को कम करेगी।

विमानन क्षेत्र का वैश्विक परिवहन व्यवस्था की रीढ़ की हड्डी के रूप में उल्लेख करते हुए श्री नायडु ने कहा कि यह वास्तव में अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण उत्प्रेरक और व्यवसायों को जोड़ने, लोगों को एक साथ लाने और दुनिया भर में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्र है। उन्होंने कहा कि विमानन क्षेत्र में वृद्धि से कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने और नौकरियां सृजित करने की दिशा में सकारात्मक परिणाम मिलेंगे।

श्री नायडु ने कहा कि सरकार ने देश में आधारभूत संरचना और क्षेत्रीय वायु कनेक्टिविटी में सुधार के लिए कई कदम उठाए हैं और कहा कि उड़ान (यूडीएएन) जैसी योजनाएं क्षेत्रीय कनेक्टिविटी विकसित करेंगी और क्षेत्रीय मार्गों पर आर्थिक रूप से व्यवहार्य उड़ानों को बढ़ावा देगी।

उपराष्ट्रपति ने राज्य सरकारों से विभिन्न क्षेत्रों के विकास के लिए सही पारिस्थितिक तंत्र बनाकर एक नया समृद्ध, समावेशी न्यू इंडिया बनाने के लिए एक सच्ची 'टीम इंडिया' भावना के साथ केन्द्र के साथ साझेदारी करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि दलों के बीच राजनीतिक मतभेद चुनाव के साथ खत्म होने चाहिए और सत्ता संभालने के बाद शासन पर ध्यान देना चाहिए।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि विमानन और अन्य क्षेत्रों की बुनियादी ढांचागत परियोजनाओं में सार्वजनिक निवेश में वृद्धि से अर्थव्यवस्था के समग्र विकास में सहायता मिल रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था जो स्थिर गति से बढ़ रही है, और व्यवस्थित शासन सुधार एक अधिक समावेशी समाज बनाने में सहायता कर रहे हैं।

श्री नायडु ने कहा कि बढ़ते विमानन व्यवसाय, इंजीनियरिंग प्रतिभा के विशाल पूल और कम श्रम लागत के दृष्टिगत भारत में एमआरओ (रखरखाव मरम्मत और परीक्षण) के लिए वैश्विक केन्द्र बनने की क्षमता है।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि यात्री यातायात में पिछले पांच वर्षों में 14.1 प्रतिशत की वृद्धि इसकी प्रगति का एक प्रमुख संकेतक था और कहा कि इस क्षेत्र के सुधार, व्यवस्थित विकास एमआरओ के लिए वैश्विक केन्द्र बनाने में सहायक होगा। मैं समझता हूं कि यात्री यातायात में वृद्धि के बावजूद कुछ एयरलाइनों को समस्याएं आ रही हैं और मुझे आशा है कि उनके लिए चीजें जल्द ही बेहतर होंगी।

Is Press Release?: 
1