देश में घरेलू पर्यटन को प्रोत्साहन देने की आवश्यकता है

नई दिल्ली
सितम्बर 18, 2019

जल संरक्षण और सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग की समाप्ति को जन आंदोलन बनाएं; उपराष्ट्रपति उपराष्ट्रपति ने उत्तराखण्ड के उच्च विद्यालयों के छात्रों के साथ बातचीत की

भारत के उपराष्ट्रपति श्री एम. वेंकैया नायडु ने छात्रों, शिक्षकों तथा सभी शैक्षिक संस्थाओं से जल संरक्षण के लिए तथा सिंगल यूज प्लास्टिक्स के विरूद्ध जन आंदोलन खड़ा करने का आह्वान किया।

उत्तराखण्ड की 10वीं की बोर्ड परीक्षाओं में शीर्ष स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों के एक समूह को संबोधित करते हुए उन्होंने स्वच्छ भारत, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, पर ड्रॉप मोर क्रॉप, पोषण अभियान तथा योग का उल्लेख किया और कहा कि इन्हें जन आंदोलन के रूप में बदला जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड जल तथा वन संसाधनों में समृद्ध है और इन संसाधनों का संरक्षण करना लोगों का पुनीत कर्त्तव्य है।

जल संरक्षण के महत्व पर जोर देते हुए श्री नायडु ने जल को पृथ्वी माता का अमृत कहा। एक ऐसे समय में जब हम चन्द्रमा पर जीवन की खोज में जल के चिह्न की तलाश कर रहे हैं, हमें पृथ्वी पर जल संरक्षण को अधिक महत्व देना चाहिए।

उत्तराखण्ड के अनेक शानदार दर्शनीय स्थलों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में पर्यटन, विशेषकर तीर्थयात्रा पर्यटन को बढ़ावा देने की विशाल क्षमता है क्योंकि इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के भी अवसर पैदा होंगे।

उपराष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के 2022 तक 15 नए घरेलू पर्यटन स्थलों पर जाने का आग्रह करने वाले एक वक्तव्य का स्मरण किया और कहा कि यात्रा स्वयं ही छात्रों के लिए अधिगम प्रक्रिया का एक भाग है क्योंकि इससे वे देश की सांस्कृतिक विविधता तथा एकता से परिचित होंगे।

इस बात का उल्लेख करते हुए कि प्रौद्योगिकी अत्यंत तीव्र गति से बदल रही है, उप- राष्ट्रपति ने छात्रों से नवीनतम प्रौद्योगिकी विकास से अवगत रहने तथा एक नए भारत का निर्माण करने का प्रयास करने का आह्वान किया।

श्री नायडु ने छात्रों की उपलब्धियों पर उन्हें बधाई दी।

देवप्रयाग,उत्तराखण्ड के स्थानीय विधायक श्री विनोद खंडारी छात्रों के साथ थे।

उपराष्ट्रपति को सूचित किया गया कि विधायक श्री विनोद खंडारी ने उत्तराखण्ड के 51 सरकारी विद्यालयों के प्रतिभाशाली छात्रों के लिए भारत दर्शन का आयोजन किया है।

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