उपराष्ट्रपति श्री वेंकैया नायडु ने लोगों से अपने कार्यों के केंद्र में राष्ट्रीय हित को रखने और हिंसा में लिप्त नहीं होने का आह्वान किया

नई दिल्ली
दिसम्बर 20, 2019

उन्होंने कहा कि लोगों को शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक तरीकों का अनुसरण करना चाहिए और संविधान की भावना के अनुसार कार्य करना चाहिए
उन्होंने "टर्बुलेंस एंड ट्रायम्फ - द मोदी इयर्स" पुस्तक का विमोचन किया”
श्री मोदी के "सुधार, प्रदर्शन और परिवर्तन" के मूल मंत्र से प्रभावित हूं: उपराष्ट्रपति
श्री मोदी के नेतृत्व में विश्व तक भारत की पहुंच में विस्तार हुआ: उपराष्ट्रपति

भारत के उपराष्ट्रपति श्री एम. वेंकैया नायडु ने आज लोगों से अपने कार्यों के केंद्र में राष्ट्रीय हित को रखने और हिंसा में लिप्त नहीं होने का आह्वान किया।

आज नई दिल्ली में उपराष्ट्रपति भवन में राहुल अग्रवाल और भारती एस प्रधान द्वारा लिखित पुस्तक "टर्बुलेंस एंड ट्रायम्फ - द मोदी इयर्स" के विमोचन के बाद सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हालांकि असहमति प्रजातंत्र की मूलभूत विशेषता है, तथापि, लोगों को शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक तरीकों का अनुसरण करना चाहिए और संविधान की भावना के अनुसार कार्य करना चाहिए।

यह समुक्ति करते हुए कि राष्ट्र की एकता, सुरक्षा, अखंडता और संप्रभुता सर्वोपरि है, उपराष्ट्रपति ने कहा कि लोगों को रचनात्मक और सकारात्मक तरीके से आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोगों को ऐसा कुछ नहीं करना चाहिए जो देश की छवि के लिए हानिकारक हो।

उन्होंने यह भी इच्छा व्यक्त की कि जनप्रतिनिधि लोगों की अपेक्षाओं पर खरा उतरें और लोगों के मुद्दों को उठाने के लिए संसद और राज्य विधानमंडलों जैसे मंचों का प्रभावी ढंग से उपयोग करें।

श्री नायडु ने कहा कि वह श्री मोदी के "सुधार, प्रदर्शन और परिवर्तन" के मूल मंत्र से प्रभावित हुए हैं और उन्होंने यह भी कहा कि "देश की कायापटल समय की मांग है और अब यह कायापलट हो रही है।"

उपराष्ट्रपति ने प्रधान मंत्री द्वारा आरंभ किए गए सुधारों की सराहना की और श्री नरेंद्र मोदी पर संयुक्त राज्य अमरीका के पूर्व राष्ट्रपति श्री बराक ओबामा द्वारा रचित प्रोफाइल का उल्लेख किया जिसमें उन्होंने उन्हें 'प्रमुख सुधारक (रिफॉर्मर-इन-चीफ)' के रूप में वर्णित किया था।

श्री नायडु ने कहा कि प्रधानमंत्री स्वच्छ भारत, मेक इन इंडिया, स्किल इंडिया, बेटी बचाओ, बेटी पढाओ जैसी कई योजनाओं के माध्यम से और जलवायु परिवर्तन के घातक प्रभावों का सामना करने हेतु पर्यावरण संरक्षण की दिशा में की गई पहलों द्वारा महात्मा गांधी के सपने को साकार कर रहे हैं।

कृषि उत्पादकता में सुधार करने और 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के लिए प्रधान मंत्री द्वारा शुरू की गई पहलों की प्रशंसा करते हुए उपराष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व में कार्य कर रहे प्रशासन द्वारा बहुत कम समय में ही अनेक महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल करने के लिए उनकी सराहना की।

“मोदी जी ने माल और सेवा कर (जीएसटी) जैसी कई पहलों के माध्यम से अर्थव्यवस्था को एक नई गति प्रदान की। उन्होंने यह भी कहा कि "सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास" विश्व के प्रति उनके दृष्टिकोण की एक शानदार अभिव्यक्ति है।

यह बताते हुए कि श्री मोदी के नेतृत्व में विश्व तक भारत की पहुंच में विस्तार हुआ है, उपराष्ट्रपति ने कहा "मुझे यह जानकर खुशी है कि विश्व में भारत को पहले से ज्यादा मान्यता और सम्मान मिल रहा है।"

पुस्तक लिखने के लिए लेखकों को बधाई देते हुए उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह पुस्तक लोगों को श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किए गए मस्तिष्क और हृदय के कुछ गुणों को आत्मसात करने के लिए प्रेरित करेगी।

ओम बुक्स इंटरनेशनल के प्रकाशक श्री अजय मागो, पब्लिशिंग हाउस के सदस्य, लेखक और कई अन्य प्रतिष्ठित गणमान्य व्यक्ति पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में उपस्थित थे।

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