उपराष्ट्रपति ने स्वर्गीय श्री पी.एस. कृष्णन, भा.प्र.से. (सेवानिवृत्त) के निधन पर शोक व्यक्त किया

नई दिल्ली
नवम्बर 23, 2019

शासन और लोक प्रशासन को अनिवार्य रूप से वंचित समुदायों तक पहुंचने का माध्यसम बनना चाहिए: उपराष्ट्रपति
निर्धनों में निर्धनतम का उत्थासन करना और समाज में हाशिए पर रह रहे वर्गों को अधिकारसंपन्नर करना राष्ट्री य विकास के महत्वकपूर्ण तत्व हैं
उपराष्ट्रपति ने स्वगर्गीय श्री पी एस कृष्णसन, भा.प्र.से. (सेवानिवृत्तक) को श्रद्धांजलि अर्पित की
श्री कृष्णषन ने सुनिश्चित किया कि संवैधानिक प्रावधानों और लोक केंन्द्रित नीतियों का लोगों के कल्याकण के लिए कार्यान्वकयन किया जाए


उपराष्ट्रदपति श्री एम. वेंकैया नायडु ने आज कहा कि शासन और लोक प्रशासन को अनिवार्य रूप से वंचित समुदायों तक पहुंचने का माध्यषम बनना चाहिए। उन्होंीने जोर देकर कहा कि निर्धनों में निर्धनतम का उत्थाान करना और समाज में हाशिए पर रह रहे वर्गों को अधिकारसंपन्नर करना राष्ट्री य विकास के महत्व पूर्ण तत्वि हैं।

उपराष्ट्र पति ने आज नई दिल्ली में स्वहर्गीय श्री पी. एस. कृष्णलन की शोक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि श्री कृष्णरन जैसे प्रशासनिक अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि संवैधानिक प्रावधानों और लोक केंन्द्रित नीतियों का लोगों के कल्याधण के लिए कार्यान्वकयन किया जाए।

उपराष्ट्र पति ने स्वकर्गीय श्री पी. एस. कृष्णान को मौलिक अधिकारों की सुरक्षा में दृढ़ विश्वाास रखने वाले व्यक्ति, सामाजिक न्यायय और महिला सशक्तिकरण को सुनिश्चित करने वाले व्यक्ति के रूप में वर्णित किया किया। उन्होंरने कहा कि श्री कृष्णरन का लोगों को अधिकारसंपन्नी बनाने के प्रति उत्साह और अटूट प्रतिबद्धता प्रेरणादायी थे।

उपराष्र्ितपति ने आंध्र प्रदेश संवर्ग में भारतीय प्रशासनिक सेवा (भा.प्र.से.) के सदस्य के रूप में स्वा. श्री कृष्णधन के दीर्घकालिक एवं विशिष्टभ सेवाकाल में उनके योगदान एवं प्रयासों की सराहना की।

उपराष्ट्रपति ने कहा, "श्री कृष्णन ने पीड़ित वर्गों और वंचितों के सशक्तिकरण के लिए अथक प्रयास किया। उनके द्वारा किया गया कार्य वंचितों और शोषितों के कल्याण के प्रति उनकी अनन्य निष्ठा का उचित प्रमाण है”। उन्होंने यह भी कहा कि इस महान व्यक्ति द्वारा दिखाए गए मार्ग और कार्यों का अनुसरण करना उन्हें सबसे बड़ी श्रद्धांजलि होगी।

इस अवसर पर उपराष्ट्र पति ने संविधान संशोधन (65वां) अधिनियम, 1990, अनुसचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए राष्ट्रीय आयोग को संवैधानिक दर्जा प्रदान करने और सफाई कर्मचारी नियोजन और शुष्क शौचालय सन्निर्माण (प्रतिषेध) अधिनियम, 1993 और अन्य महत्वफपूर्ण विधानों में श्री कृष्णरन की भूमिका का स्मकरण किया।

उपराष्ट्रकपति ने श्री कृष्णमन की पत्नीट एवं उनके परिवार के अन्यण सदस्यों से मुलाकात की एवं अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।

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