उपराष्ट्रपति ने स्वदेशी रक्षा उपकरणों के उत्पादन में तेजी लाने का आहवान किया

Hyderabad
जुलाई 20, 2019

उन्होंने रक्षा उपकरणों के आयात में कमी लाने की आवश्यकता पर बल दिया;
उन्होंने एमईएस परिवीक्षकों के फाउंडेशन कोर्स के दौरान समापन भाषण दिया

उपराष्ट्रपति श्री एम वेंकैया नायडु ने 'मेक इन इंडिया' कार्यक्रम के अंतर्गत स्वदेशी रक्षा उपकरणों के उत्पादन में तेजी लाने का आहवान किया है।

श्री नायडु ने आज हैदराबाद में मिलिट्री इंजीनियर सर्विसेज के परिवीक्षकों के लिए प्रथम फाउंडेशन कोर्स में समापन भाषण देते हुए रक्षा उपकरणों के आयात में कमी लाने की आवश्कयात पर बल दिया।

परिवीक्षकों से अपने कौशल और ज्ञान को लगातार उन्नत करने का आग्रह करते हुए, उपराष्ट्रपति ने विभिन्न स्तरों पर अधिकारियों और पेशेवरों के लिए नियमित प्रशिक्षण के महत्व पर जोर दिया ताकि नवीनतम विकास के साथ कदम से कदम बढ़ाया जा सके।

श्री नायडु ने परिवीक्षकों से कहा कि वे भारत के भीतर और बाहर, साथ ही निजी और सार्वजनिक क्षेत्र दोनों स्थानों की सर्वोत्तम पद्धतियों को सीखें और उत्कृष्ट परिणाम पाने के लिए प्रक्रियाओं और प्रणालियों में सुधार लाने का प्रयास करें।

उपराष्ट्रपति ने बुनियादी ढांचे के किफायती और समयबद्ध विकास को समय की मांग बताया और परिवीक्षकों को ग्रामीण क्षेत्रों में समय बिताने और वहां की जनता की समस्याओं और आकांक्षाओं को समझने की सलाह दी। उपराष्ट्रपति ने उनसे समाज के हाशिए पर मौजूद वर्गों की आवश्यकताओं को समझने और दूरदराज के इलाकों में सेवाएं प्रदान करने का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त करने को कहा।

श्री नायडु ने प्रशिक्षित अधिकारियेां से कहा कि उनके पास आपदा शमन, राहत कार्यों, सार्वजनिक अवसंरचना विकास के और बड़े पैमाने पर राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देने का बड़ा अवसर मौजूद है।

उपराष्ट्रपति ने इच्छा व्यक्त की कि परिवीक्षक हमेशा उच्च स्तरीय निष्ठा, प्रतिबद्धता, पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखें।

श्री नायडु ने कहा कि मिलिट्री इंजीनियर सर्विस भारतीय सशस्त्र बलों, भारतीय आयुध कारखानों, डीआरडीओ और भारतीय तटरक्षक बल को उनके अभिलक्षित लक्ष्यों को प्राप्त कराने में सक्षम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उपराष्ट्रपति ने उत्पादकता का उच्च स्तर प्राप्त करने के लिए उनहें आपस में सामंजस्य स्थापित करने, एक-दूसरे को पूर्णता प्रदान करने और एक-दूसरे की सहायता करने को कहा।

श्री नायडु ने एमईएस परिवीक्षकों के लिए फाउंडेशन कार्से के संचालन के लिए डॉ. एमसीआर एचआरडी संस्थान की सराहना की। उन्होंने प्रशिक्षण के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण तैयार करने के लिए संस्थान की सराहना की, जिसमें आउटडोर, पाठ्यक्रमेतर और सह-पाठयक्रम गतिविधियों को शामिल किया गया है, ता‍कि एमईएस परिवीक्षकों की व्यापक दृष्टि विकसित की जा सके और उनको मिलिट्री इंजीनियर सर्विसेज के उपयोगी सदस्यों के रूप में उभरने में सक्षम बनाया जा सके।

इस अवसर पर एमसीआर एचआरडी संस्थान के महानिदेशक श्री बी.पी. आचार्य, महानिदेशक (कार्मिक) एमईएस, श्री जे. आर. गर्ग, निदेशक (आईटी), तेलंगाना सरकार, श्रीमती ए. श्रीदेवी और देश भर के 13 राज्यों के मिलिट्री इंजीनियर सर्विस से संबंधित 63 ग्रुप-ए अधिकारी उपस्थित थे।

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