उपराष्ट्रपति ने लोगों से कोविड को लेकर उचित बर्ताव करने की अपील की

नई दिल्ली
अप्रैल 14, 2021

कोरोना वायरस से निपटने के लिए ‘टेस्ट, ट्रैक और ट्रीट’ की रणनीति का पालन करने का आह्वान किया
हमारे पास जानकारी, बेहतर बुनियादी ढांचा, अनुभव और विशेषज्ञता है; आज हम बेहतर तैयार हैं- उपराष्ट्रपति
कोविड-19 की स्थिति से निपटने को लेकर सभी राज्यों के राज्यपालों के साथ बातचीत की
उपराष्ट्रपति ने राज्यपालों को राज्य सरकारों और अन्य हितधारकों के साथ सहयोग करने के लिए कहा
कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई को जन-आंदोलन में तब्दील करने के लिए राज्यपालों को सलाह दी
उपराष्ट्रपति ने सभी राज्यों से राजनीतिक मतभेदों को दरकिनार कर एक टीम के रूप में एकजुट होकर कार्य करने को कहा

उपराष्ट्रपति श्री एम. वेंकैया नायडू ने कोविड से निपटने के लिए उचित रवैया को प्रोत्साहित करने और लागू करने का आह्वान किया, जिसके चलते देश में इस वायरस को रोकने पर सफलता मिली थी। उन्होंने कोरोनो वायरस के प्रसार को रोकने के लिए ‘टेस्ट, ट्रैक और ट्रीट’ की सिद्ध और विश्वसनीय रणनीति को नए सिरे से लागू करने का आह्वान किया।

उपराष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के साथ सभी राज्यों के राज्यपालों को संबोधित किया। इस दौरान उप राष्ट्रपति ने रेखांकित किया कि वायरस के प्रसार को समुदाय के समर्थन से नियंत्रित किया जा सकता है और इस महत्वपूर्ण पहलू पर लगातार जनता का ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

देश में कोविड-19 मामलों की बढ़ती संख्या पर चिंता व्यक्त करते हुए श्री नायडू ने आगाह किया कि स्वास्थ्य सेवा का बुनियादी ढांचा अनिवार्य रूप से भारी दबाव में आ जाएगा। उन्होंने 10 राज्यों पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया, जिनकी कोरोना के मामलों के 85 प्रतिशत हिस्सेदारी है और जहां पिछले 14 दिनों में 89 प्रतिशत मौतें हुई हैं।

यह स्वीकार करते हुए कि यह कठिन चुनौती का वक्त है, उपराष्ट्रपति ने कहा कि हम पिछले साल की तुलना में आज बेहतर तैयार हैं क्योंकि पिछले एक वर्ष के दौरान देश ने बुनियादी ढांचे में वृद्धि की है। उन्होंने कहा, "अब हमारे पास टीके हैं जो सुरक्षित और प्रभावी हैं।"

यह देखते हुए कि राज्य के संवैधानिक प्रमुख के रूप में प्रत्येक राज्यपाल इस महामारी के खिलाफ लड़ाई में एक महत्वपूर्ण भूमिका में हैं, श्री नायडू ने कहा कि वे अपने संबंधित मुख्यमंत्रियों का सक्रिय रूप से सहयोग करें और सर्वसम्मत रुप से कार्य करें। उन्होंने राज्यपालों से कहा, "आप न केवल अपने अनुभव और विशेषज्ञता को साझा कर सकते हैं, बल्कि एक अधिक प्रभावी रणनीति तैयार करने में राज्य सरकारों का मार्गदर्शन कर सकते हैं।"

यह बताते हुए कि राज्यपाल परिवर्तन के अग्रदूत के रूप में कार्य कर सकते हैं और महामारी के खिलाफ लड़ाई में योगदान देने के लिए अधिक भागीदारों को प्रोत्साहित करने में मुख्यमंत्रियों के प्रयासों को आगे बढ़ा सकते हैं। श्री नायडू ने राज्यपालों से राज्य सरकारों के साथ काम करने और इसे एक जन आंदोलन बनाने के लिए कहा। उन्होंने कहा, "शैक्षणिक संस्थान, नागरिक समाज संगठन, परोपकारी और कॉर्पोरेट घराने पिछले एक साल के दौरान सक्रिय भागीदार बन गए हैं।" उप राष्ट्रपति ने कहा कि इस दूसरी लहर के दौरान भी उन्हें कोरोना के खिलाफ लड़ाई में साथ लाने की जरूरत है।

उपराष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि कोविड-उपयुक्त व्यवहार को अपनाने के महत्व को व्यापक रूप से संप्रेषित करने की आवश्यकता है। लिहाजा, उन्होंने सभी नागरिकों से इस संदेश को प्रसारित करने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि राज्यपाल सार्वजनिक पहुंच का विस्तार कर सकते हैं और सार्वजनिक व्यवहार को प्रभावित कर सकते हैं।

यह कहते हुए कि कई बाधाओं के बावजूद भारत ने पिछले एक साल के दौरान मिल-जुलकर लड़ने की रणनीति के माध्यम से इस महामारी को सफलतापूर्वक नियंत्रित किया, श्री नायडू ने कहा कि हमें उसी तत्परता और गति के साथ लड़ाई जारी रखनी होगी जैसा कि हमने पहले किया था। उन्होंने कहा, "पिछले साल के दौरान हमने जो सबसे उपयोगी सबक सीखे हैं, उनमें से एक है कि हम कोविड-19 के खिलाफ अपनी लड़ाई में मुख्य रूप से मिलकर लड़ने के कारण सफल हुए हैं।"

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों के साथ मिलकर कोविड-19 रणनीति तय की है। उपराष्ट्रपति ने साथ ही सभी से राजनीतिक मतभेदों को एक तरफ रखने और एक टीम के रूप में एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया है।

सर्वदलीय बैठक को लेकर प्रधानमंत्री के सुझाव का समर्थन करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि यह नए विचारों पर मंथन करने, ज्ञान साझा करने और सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान और इससे जुड़ी चिंताओं और विभिन्न दृष्टिकोणों की प्रभावी समझ बनाने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि इससे हमें समग्र कोविड-19 प्रबंधन प्रयासों में तेजी लाने में मदद मिलेगी।

यह स्वीकार करते हुए कि लोगों के जीवन और आजीविका पर कोविड महामारी का गहरा प्रभाव पड़ा है, उप राष्ट्रपति ने इसके खिलाफ भारत की लड़ाई के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और उनके मंत्रिपरिषद की सराहना की। उन्होंने सभी फ्रंट-लाइन मेडिकल पेशेवरों, दवा उद्योग के दिग्गजों, कृषक समुदाय और अन्य सभी हितधारकों की सराहना की जो कोविड-19 के खिलाफ इस लड़ाई में अमूल्य समर्थन दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसान भी अग्रिम पंक्ति के योद्धा हैं, उन्होंने इन महत्वपूर्ण समयों में राष्ट्र की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की है।

श्री नायडू ने मीडिया की भूमिका की सराहना करते हुए कोविड उपयुक्त व्यवहार के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए विशेष रूप से सही तरीके से मास्क पहनने के महत्व के बारे में और अधिक जागरूरत फैलाने का आग्रह किया।

उपराष्ट्रपति ने युवाओं को प्रोटीन युक्त भोजन करने और अपनी प्रतिरक्षा को बढ़ाने और स्वस्थ रहने के लिए स्वस्थ जीवन शैली अपनाने की सलाह दी।

वीडियो कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और सभी राज्यपालों ने भाग लिया।

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