उपराष्ट्रपति ने लिथुआनिया में भारतीय समुदाय से दोनों देशों के बीच आर्थिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को मज़बूत करने को कहा

विलनियस, लिथुआनिया
अगस्त 18, 2019

भारत और लिथुआनिया के बीच द्विपक्षीय व्याभपार बढ़ाने की अपार संभावनाएं है : उपराष्ट्रपति
श्री नायडु ने भारतीय समुदाय से भारत की संस्कृकति और परंपराओं को जीवंत रखने को कहा
उपराष्ट्रुपति ने दोनों देशों की संस्कृ तियों के एकीकरण में एक सेतु के रूप में काम करने के लिए भारतीय समुदाय की प्रशंसा की
श्री नायडु ने महात्मार गांधी की 150वीं जयंती मनाने के लिए लिथुआनिया की सराहना की
उपराष्ट्रुपति‍ काउनस शहर के मेयर से मिले
श्री नायडु ने काउनस प्रौद्योगिकी विश्वेविद्यालय की सांताका घाटी का दौरा किया
लिथुआनिया के पूर्व राष्ट्रनपति ने उपराष्ट्रयपति श्री नायडू से भेंट की

उपराष्ट्र पति श्री एम. वेंकैया नायडु ने आज लिथुआनिया के भारतीय समुदाय से दोनों देशों के बीच आर्थिक और सांस्कृरतिक संबंधों को मजबूत करने के लिए एक सेतु के रूप में काम करने का आह्वान किया।

उपराष्ट्र्पति ने बाल्टिक क्षेत्र के तीन देशों की अपनी यात्रा के दूसरे दिन लिथुआनिया की राजधानी विलनियस में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्या पार का स्तोर इसकी कुल क्षमता से कम है और कहा कि लिथुआनिया विशेषकर लेज़र, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि-खाद्य प्रसंस्कचरण और जीव विज्ञान (लाइफ साइंस) जैसे क्षेत्रों में भारत के लिए एक महत्व पूर्ण तकनीकी साझेदार हो सकता है।

यह कहते हुए कि भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यरवस्थाुओं में से एक हो गया है, उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत सरकार द्वारा की गई अनेक पहलों के कारण भारत में कारोबारी माहौल सकारात्म क एवं उत्साेहवर्धक है। उन्हों ने कहा, "नए भारत का मंत्र रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म है।"

श्री नायडु ने यह भी ज़ोर देकर कहा कि भारत दुनिया की सबसे उदार अर्थव्यंवस्था्ओं में से एक है और अब यह विश्वॉ बैंक के ‘कारोबार में सुगमता’ सूचकांक में शामिल 190 देशों में से 77वें पायदान पर है।

उपराष्ट्र पति ने कहा कि ‘मेक इन इंडिया’ अभियान भारत को विनिर्माण और निवेश के एक केन्द्रै (हब) के रूप में स्थाोपित कर रहा है। उन्होंयने कहा कि ‘स्मा र्ट सिटी’, ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘कौशल भारत (स्किल इंडिया)’ मिशन न केवल हमारे देश का स्वसरूप बदल रहे हैं, बल्कि ये सहयोग करने के साथ-साथ आपस में मिलकर काम करने के लिए व्याापक अवसर भी सुलभ करा रहे हैं। उपराष्ट्रयपति ने कहा, ‘हमारे देश के युवा डिजिटल क्रांति को गति प्रदान कर रहे हैं, स्टा्र्ट-अप परिवेश को सुदृढ़ कर रहे हैं और इसके साथ ही आर्टिफिशियल इं‍टेलिजेंस के क्षेत्र में अग्रणी साबित हो रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि स्टाजर्ट-अप इंडिया नामक प्रमुख पहल का उद्देश्यप देश में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए एक मज़बूत परिवेश का निर्माण करना है।’

श्री नायडु ने कहा कि भारत अपनी विकास यात्रा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और इसके साथ ही इस ने आधुनिक अवसंरचनागत सुविधाओं के निर्माण के लिए एक महत्वारकांक्षी योजना बनाई है जिसमें 100 स्मािर्ट सिटी, 10 ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे, 7 हाई-स्पीटड ट्रेन कॉरिडोर, 5 प्रमुख बंदरगाह, राजमार्ग और हमारे देश के गांवों एवं शहरी क्षेत्रों को जोड़ने वाली राष्ट्रअव्या7पी ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी शामिल हैं।

उपराष्ट्र पति ने भारत और लिथुआनिया की संस्कृकतियों को जोड़ने के लिए एक सेतु के रूप में काम करने के लिए यहां के भारतीय समुदाय की प्रशंसा की। उन्होंंने भारतीय समुदाय से अपनी मातृभूमि की समृ‍द्ध संस्कृतति से पूरी तरह अवगत रहने और इसके साथ ही भारत के शांति व सद्भावना के संदेश का प्रसार करने के लिए ठोस प्रयास करने को कहा, जो ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ के सार्वभौमिक एवं शाश्वोत दर्शन का प्रतीक है।

भारत की संस्कृ्ति, दर्शन, कला और आध्यात्मिकता में लिथुआनिया की ओर से दि‍खाई जा रही व्याकपक रूचि की सराहना करते हुए उपराष्ट्र पति ने कहा कि भारतीय समुदाय के सदस्यम भारत के सांस्कृततिक दूत हैं।

भारत द्वारा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में की गई उल्ले्खनीय प्रगति का उल्लेसख करते हुए श्री नायडु ने पिछले महीने भारत द्वारा किए गए ‘चंद्रयान 2', जो भारत का दूसरा चंद्रमा मिशन है और पूरी तरह भारत में तैयार किया गया है, के सफल प्रक्षेपण का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह वास्ताव में पिछले कुछ वर्षों के दौरान हमारे देश द्वारा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में की गई तेज़ प्रगति की एक शानदार मिसाल है।

हिंदी सहित भारतीय विद्या के अध्यलयन को बढ़ावा देने में अग्रणी रहने के लिए विलनियस विश्वरविद्यालय की सराहना करते हुए उपराष्ट्रयपति ने कहा कि भारतीय दर्शन, फिल्मोंे और व्यंवजनों में रूचि काफी बढ़ गई है।

श्री नायडु ने इस बात पर प्रसन्नहता जताई कि लिथुआनिया के विश्वलविद्यालय भारतीय विद्यार्थियों के पसंदीदा गंतव्यि बन गए हैं जिनकी संख्याज हाल के वर्षों में काफी बढ़ गई है। उन्होंदने भारत के युवा विद्यार्थियों से स्था नीय संस्कृजति और भावनाओं‍ के प्रति संवेदनशील रहने की अपील की।

महात्मार गांधी की 150वीं जयंती का उल्लेाख करते हुए उपराष्ट्रापति ने कहा कि लिथुआनिया का विशेष महत्व है क्यों कि गांधी जी के घनिष्ठलतम एवं अभिन्न ह्दय मित्र श्री हरमन कालेनबाख लिथुआनिया के रहने वाले थे।

उपराष्ट्र पति ने उनकी मित्रता को यादगार बनाने के लिए रुस्ने में गांधी जी और कालेनबाख की मूर्ति स्थापित करने के लिए लिथुआनिया सरकार का धन्यदवाद किया।

इससे पहले उपराष्र्े पति ने काउनस शहर का दौरा किया और वहां के मेयर श्री विस्वाालडास मैटीजोसाइटिस ने उपराष्ट्र पति से भेंट की। श्री मैटीजोसाइटिस ने श्री नायडु और भारतीय प्रतिनिधिमंडल के लिए एक भोज का आयोजन किया।

मेयर ने उपराष्ट्रपति को 'की टू द सिटी' और 'द कोट ऑफ आर्म्स ऑफ लिथुआनिया' भी भेंट किए, जिन्हें वाइटिस भी कहा जाता है।

उपराष्ट्रिपति ने हमारे दोनों देशों के बीच कारोबार के अवसरों की तलाश करने के लिए मेयर को कारोबारियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत आने का निमंत्रण दिया।

उपराष्ट्रकपति ने काउनस में काउनस प्रौद्योगिकी विश्वनविद्यालय की सांताका घाटी स्थित इंस्टीिट्यूट ऑफ मैटे‍रियल सांइसेज और अल्रािमं सांउड रिसर्च इंस्टीतट्यूट के प्रयोगशाला क्षेत्र का भी दौरा किया। उन्होंने विश्वविद्यालय में क्रूनॉइस जल विद्युत संयंत्र पर एक प्रस्तुतीकरण भी देखा।

लिथुआनिया गणराज्यव के पूर्व राष्ट्रसपति श्री वाइटाउटस लैंड्सबर्गीज ने उपराष्ट्र पति श्री नायडु से भेंट की और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की।

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