उपराष्ट्रपति ने भारत की सबसे लंबी विद्युतीकृत रेल सुरंग का दौरा किया और सुरंग को इंजीनियरिंग का कमाल बताया

चेरलोपल्ली, आंध्र प्रदेश
अगस्त 31, 2019

श्री नायडु ने आंध्र प्रदेश में नई ओबुलावरीपल्लीर- कृष्णागपत्तरनम लाइन पर यात्रा की ;
उपराष्ट्रपति ने कहा – उनके बचपन का सपना पूरा हुआ;

भारत के उपराष्ट्रपति श्री एम. वेंकैया नायडु ने आज आंध्र प्रदेश में चेरलोपल्लीी तथा रापुरू रेलवे स्टेरशन के बीच भारत की सबसे लंबी विद्युतीकृत सुरंग का दौरा किया।

उन्होंेने सुरंग को भारतीय रेल के गौरव में एक नया अध्यारय बताते हुए कहा कि 6.7 किलोमीटर लंबी सुरंग कृष्णासपत्ततनम बंदरगाह और इसके आसपास के स्थाानों के बीच मालगाड़ी सेवाओं के लिए व्यवहार्य रेल संपर्क प्रदान करती है और यह बाधारहित माल ढुलाई को सुकर बनाती है।

सुरंग को इंजीनियरिंग का कमाल बताते हुए श्री नायडु ने रिकॉर्ड समय में सबसे लंबी विद्युतीकृत सुरंग का कार्य पूरा करने के लिए भारतीय रेल की सराहना की। इसे 437 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से बनाया गया है और इसमें 44 ट्रॉली रखने के स्थादन (ट्रॉली रिफ्यूज) तथा 14 आर-पार के रास्तेन (क्रॉस पैसेज) हैं।

यह कहते हुए कि नई ओबुलावरीपल्लीै-कृष्णाीपत्तंनम लाइन पर यात्रा करके उन्हें अत्यंत प्रसन्नता हुई, उपराष्ट्रपति अपने बचपन का सपना पूरा होते देख भावुक हो गए।

उपराष्ट्र पति ने कहा कि ‘मैं भावुक हूं क्‍योंकि यह रेल लाइन मेरे जन्मस्थान और मेरे पैतृक गांवों से गुजरती है जहां मैंने अपना बचपन गुजारा था। उस समय किसी ने यह कल्पहना भी नहीं की थी कि इन पहाड़ियों से एक दिन कोई रेलगाड़ी गुज़रेगी। जब मैं मंत्री था तब इस लाइन की परिकल्पतना की गई, इसकी योजना बनी, सर्वेक्षण किया गया और इसकी मंजूरी दी गई। और अंतत: यह अब पूरी हुई जब मैं उपराष्ट्रपति हूँ। "

उपराष्ट्रहपति के साथ उनकी पत्नीप श्रीमती उषा नायडु भी थीं।

उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए कृष्णा्पत्तनम बंदरगाह- ओबुलावरीपल्लीग लाइन के महत्व् को देखते हुए इसके बारे में उन्हों ने उस समय विचार रखा था जब श्री नीतीश कुमार श्री अटल बिहारी वाजपेयी के मंत्रिमंडल में रेल मंत्री थे। उन्हों ने बताया कि तभी से वे इस कार्य को पूरा कराने का प्रयत्ने करते रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जब मैं मंत्री था तब श्री अटल बिहारी वाजपेयी के मंत्रिमंडल में इस लाइन की परिकल्पहना की गई थी।

112 किलोमीटर की नई लाइन से कृष्णापत्तनम बंदरगाह से ओबुलावरीपल्ली के बीच मालगाड़ी का यात्रा समय घटकर 5 घंटे हो गया है जिसमें पहले दस घंटे का समय लगता था। इस लाइन से गुंटकल मंडल से कृष्णाटपत्त नम आने वाली रेलगाड़ियों के लिए दूरी 72 किलोमीटर कम हुई है और यह ओबुलावरीपल्लीे-रेनीगुन्टाम-गुदुर खण्ड पर यातायात के बोझ को कम करती है।

इससे ओबुलावरीपल्ली-वेंकटाचलम- कृष्णापत्तनम बंदरगाह पर मालगाड़ियों के प्रचालन में सुविधा होने के साथ ही चेन्नई-हावड़ा और चेन्नई-मुंबई रेल मार्गों के बीच सबसे छोटा मार्ग भी उपलब्ध होगा। यह नई रेल लाइन विजयवाड़ा-गुदुर-रेनीगुन्टा-गुन्टकल खण्डों में यात्री ट्रेन और मालगाड़ी दोनों की भीड़ को कम करेगी। इससे माल ढुलाई में काफी वृद्धि होने की आशा है और यह इन भीतरी इलाकों में सामाजिक-आर्थिक विकास में सहायक होगी।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि वेंकटाचलम और रापुरू के बीच यात्री सेवाएं शुरू होने से लोगों की लंबे समय से संजोई इच्छाे पूरी होगी।

श्री नायडु ने वेंकटाचलम और रापुरू के बीच यात्री सेवाओं को शुरू करने के बारे में उनके सुझावों को मानने के लिए रेल मंत्री श्री पीयूष गोयल और रेल बोर्ड की सराहना की।

इस अवसर पर रेल मंत्रालय में राज्यी मंत्री श्री अंगादि सुरेश चन्नाबासप्पा, श्रीमती उषा नायडु और रेलवे के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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