उपराष्ट्रपति ने फिट इंडिया को एक जन अभियान बनाने का आह्वान किया

हैदराबाद
दिसम्बर 7, 2019

लोगों को स्वस्थ्य रहने के लिए खेल अथवा योग अपनाने की सलाह दी
उपराष्ट्रपति ने चिकित्सकों से कहा कि लोगों को अपनी निष्क्रिय जीवन शैली को बदलने की आवश्यकता के प्रति शिक्षित करें
उपराष्ट्रपति ने गरीब बच्चों की 5000 हृदय शल्यचिकित्सा के सफल समापन पर हृदय फाउंडेशन के कार्यक्रम को संबोधित किया
उपराष्ट्रपति ने चिकित्सकों से सस्ती जेनेरिक दवाइयां लिखने और उन्हें बढ़ावा देने का आग्रह किया

भारत के उपराष्ट्रपति श्री एम. वेंकैया नायडु ने लोगों से स्वस्थ और फिट रहने के लिए खेल अथवा योग को एक आदत के रूप में अपनाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि एक निष्क्रिय जीवन शैली, शारीरिक गतिविधि में कमी और अस्वास्थ्यकर आहार के कारण गैर-संचारी रोग जैसे मोटापा, मधुमेह, उच्च रक्तचाप और हृदय संबंधी अन्य बीमारियां जन्म ले रही हैं।

गरीब बच्चों की 5000 हृदय शल्यचिकित्सा के सफल समापन के अवसर पर आज हैदराबाद के हृदय क्योर ए लिटिल हार्ट फाउंडेशन द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने चिंता व्यक्त की कि दुनिया में हृदयघात के रोगियों में से लगभग 40 प्रतिशत भारत में हैं और भारत में इनके कारण होने वाली एक चौथाई लोगों की मृत्यु हृदय रोगों के कारण होती है।

उन्होंने सभी चिकित्सकों और स्वास्थ्य देखभाल पेशेवरों से आग्रह किया कि वे निष्क्रिय जीवन शैली को बदलने के बारे में लोगों को शिक्षित करने को प्राथमिकता दें और दिल की बीमारियों की संभावना को कम करने के लिए लोगों को शारीरिक गतिविधियों जैसे जॉगिंग, साइकिल चलाना और अन्य गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित करें।

श्री नायडु ने पारंपरिक खाद्य पदार्थों को पुन: अपनाने की आवश्यकता पर भी बल दिया जो हमारी शारीरिक और जलवायु संबंधी आवश्यकताओं के अनुकूल थे। उन्होंने कहा कि "मां प्रकृति से दूर रहकर, लोग शरीर और स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा रहे हैं, प्रकृति से प्यार करना, प्रकृति के साथ रहना ही बेहतर भविष्य को सुनिश्चित करता है।"

संपूर्ण जनसंख्या के स्वास्थ्य और कल्याण के प्रति समग्र रूप से विचार करने की शीघ्र आवश्यकता की बात करते हुए उपराष्ट्रपति ने सभी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रारंभ किए गए ‘फिट इंडिया अभियान’ में सक्रिय रूप से भाग लेने का आह्वान किया।

उन्होंने अस्पतालों, विद्यालयों, समाज और समुदाय में इस अभियान को लोकप्रिय बनाने और इसे एक जन अभियान में बदलने की आवश्यकता पर बल दिया।

गैर-संचारी और अन्य रोगों से निपटने के लिए सस्ती चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर बल देते हुए, उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत सरकार द्वारा प्रारंभ 'आयुष्मान भारत' योजना विभिन्न ऐसी बीमारियों, जिनका इलाज मंहगा होने के कारण लोगों की पहुंच से बाहर था, से ग्रस्त नागरिकों को इलाज की सुविधा प्रदान कर देश को स्वस्थ बनाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

उपराष्ट्रपति ने देशभर में सस्ती दरों पर सभी दवाईयाँ उपलब्ध कराने वाले पांच हजार से अधिक प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना केन्द्रों की स्थापना के लिए सरकार की सराहना की। उन्होंने चिकित्सा क्षेत्र में कार्यरत चिकित्सकों और लोगों से सस्ती जेनेरिक दवाईयों को बढ़ावा देने का आग्रह किया।

इस अवसर पर उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों में हृदय फाउंडेशन के मैनेजिंग ट्रस्टी, श्री युगांधर मेका, ट्रस्टी, डॉ. गोपीचंद मन्नम और फाउंडेशन के श्री जयराज कुमार पेनुकोंडा भी शामिल थे।

Is Press Release?: 
1