उपराष्ट्रपति ने चन्द्रयान-2 के सफल प्रक्षेपण के लिए इसरो को बधाई दी

नई दिल्ली
जुलाई 22, 2019

यह विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत की तेज प्रगति का जीवंत प्रमाण है : उपराष्ट्रपति;
उपराष्ट्रपति ने इसे बाहरी अंतरिक्ष की खोज में लंबी छलांग बताया।

भारत के उपराष्ट्रपति श्री एम. वैंकेया नायडु ने चन्द्रयान-2 के सफल प्रक्षेपण के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) और अंतरिक्ष विभाग के वैज्ञानिकों और कर्मियों को बधाई दी।
उन्होंने इस बात की बहुत सराहना की कि प्रक्षेपण वाहन और चन्द्रयान-2 पूरी तरह भारत में ही निर्मित हैं।
“उन्होंने कहा, “यह निश्चित रूप से विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत की प्रगति का सुनहरा अध्याय और मील का पत्थर है।”   
उपराष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि चन्द्रमा की उस सतह पर उतर कर चन्द्रयान-2 परियोजना सफलतापूर्वक पूरी हो जाएगी, जहां अब तक कोई भी मानव निर्मित वस्तु नहीं पहुंच सकी है।
“उपराष्ट्रपति ने कहा, “यह वास्तव में बाहरी अंतरिक्ष की खोज में भारत के योगदान के मद्देनजर एक बड़ी छलांग है क्योंकि भारत उन तीन अन्य देशों में शामिल हो गया है, जिन्होंने इसी तरह के चुनौतिपूर्ण अभियानों का आयोजन किया है। यह निश्चित रूप से पिछले कुछ वर्षों के दौरान विज्ञान और प्रौद्योगिकी में देश की तेज प्रगति का जीवंत प्रमाण है।”

श्री नायडु ने ट्विटर और फेसबुक पर भी भारतीय अंतरिक्ष वैज्ञानिकों की उपलब्धि का स्वागत किया।

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