उपराष्ट्रपति ने गैर-संचारी रोगों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाने का आह्वान किया

हुबली, कर्नाटक
फ़रवरी 2, 2020

उपराष्ट्रपति ने योग को स्वास्थ्य की सबसे किफायती औषधि बताया
यह सभी स्थितियों में संतुलित व्यवहार बनाए रखने में मदद करता है
उपराष्ट्रपति ने हुबली में योग गुरू बाबा रामदेव के योग शिविर में भाग लिया
उपराष्ट्रपति ने कहा कि योग भारत की सबसे बड़ी विरासत है और विश्व को इसकी सबसे गौरवशाली देन है

भारत के उपराष्ट्रपति श्री वेंकैया नायडु ने आज गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) की बढ़ती घटनाओं के खिलाफ अभियान छेड़ने का आह्वान किया और युवा पीढ़ी को आराम पसंद जीवन शैली से दूर रहने तथा स्वस्थ रहने के लिए नियमित रूप शारीरिक व्यायाम करने का आग्रह किया।

आज हुबली में योग गुरू बाबा रामदेव की पतंजलि योग पीठ की ओर से आयोजित योग शिविर में भाग लेने के बाद उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए श्री नायड़ु ने कहा कि स्वस्थ भारत और खुशहाल भारत के लिए फिट इंडिया और योग को जन आन्दोलन का रूप दिया जाना चाहिए।

श्री नायडु ने कहा कि भारत की लगभग 60 प्रतिशत आबादी के 35 वर्ष से कम आयु के होने से, भारत के पास एक बड़ा जनसांख्यिकीय लाभांश है। उन्होंने कहा, "हालांकि, युवाओं का समग्र रूप से स्वस्थ होना, आज के समय की आवश्यकता है।”

उन्होंने युवाओं को बताया कि "योग आपके स्वास्थ्य के लिए सबसे किफायती औषधि है"।

गैर संचारी रोगों को उत्पादन क्षमता के लिए नुकसानदायक बताते हुए श्री नायड़ु ने कहा कि इनके उपचार पर भारत में अन्य बातों के साथ-साथ 2012-2030 के बीच 6.2 ट्रिलियन डॉलर का खर्च आने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब जीवन शैली से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं, गैर-संचारी रोगों की रोकथाम के लिए योग एक बेहतर उपाय है।

विश्व पर योग के प्रभाव के बारे में बात करते हुए, श्री नायडु ने कहा कि प्रतिवर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस समारोह के दौरान दुनिया भर के लोगों की बहुत बड़ी भागीदारी इसकी वैश्विक लोकप्रियता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि "योग भारत की सबसे बड़ी विरासत है और दुनिया को इसकी तरफ से सबसे बड़ी देन है"।

उन्होंने कहा कि योग का अभ्यास केवल अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्होंने लोगों को इसको रोजमर्रा की जिन्दगी का हिस्सा बनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि इससे सभी स्थितियों में संतुलित रवैया बनाए रखने में मदद मिलेगी।

श्री नायड़ु ने कहा कि बढ़ते दबाव, स्वच्छंद जीवन शैली और बदलती खानपान की आदतों के कारण युवा, शारीरिक और मनोवैज्ञानिक बीमारियों से ग्रस्त हो गए हैं। श्री नायडु ने कहा कि हमें अपने जीवन जीने के तरीके में और हमारे सोचने के तरीके तथा हमारे साथी मनुष्यों और माँ प्रकृति के साथ बातचीत के ढंग में बदलाव की जरूरत है। मेरा मानना है कि नियमित अभ्यास करने वाले लोगों में वांछित परिवर्तन लाने के लिए योग एक शक्तिशाली कारक होगा।

उन्होंने कहा कि प्रकृति का संरक्षण और संस्कृति का संरक्षण हमें एक बेहतर भविष्य की ओर ले जाएगा।

उन्होंने बाबा रामदेव और पतंजलि योगपीठ और कई अन्य योग प्रशिक्षकों और गुरुओं की सराहना की, जो योग और ध्यान को लोकप्रिय बनाकर भारत को स्वस्थ बनाने में महान योगदान दे रहे हैं।

उन्होंने योग के माध्यम से एक स्वस्थ भारत बनाने के पतंजलि योगपीठ और बाबा रामदेव के प्रयासों की सराहना की।

इस अवसर पर केन्द्रीय संसदीय कार्य; कोयला और खान मंत्री श्री प्रहलाद जोशी तथा योग गुरू बाबा रामदेव सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

Is Press Release?: 
1