उपराष्ट्रपति ने कहा धारा 370 हटने से जम्मू और कश्मीर के विकास में तेजी आएगी

नई दिल्ली
सितम्बर 10, 2019

पंचायतें अब और अधिक सक्रिय होंगी क्योंकि उन्हें निधि, कार्य और कार्य करने हेतु तंत्र दिया जाएगा ;
प्रत्येक पांच वर्ष में स्थानीय निकायों का चुनाव कराना अनिवार्य होना चाहिए ;
उपराष्ट्रपति ने जम्मू और कश्मीर के सरपंचों और पंचों से बातचीत की

भारत के उपराष्ट्रपति श्री एम. वेंकैया नायडु ने बल देकर कहा कि धारा 370 हटने से केन्द्र शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के विकास की प्रक्रिया में तेजी आएगी, जो स्थानीय निकायों के लिए निधि और कार्यों को मजबूती देने के लिए संविधान के 73 वें और 74 वें संशोधनों सहित विभिन्न योजनाओं और कानूनों के विस्तार का मार्ग प्रशस्त करेगी।

जम्मू-कश्मीर के सरपंचों (ग्राम प्रधानों) और पंचों (पंचायत सदस्यों) के प्रतिनिधि मंडल के साथ आज नई दिल्ली में बातचीत करते हुए, उपराष्ट्रपति ने कहा कि धारा 370 संविधान में मात्र अस्थायी और अल्पकालिक प्रावधान था।

लंबे समय के बाद जम्मू-कश्मीर में राज्यपाल शासन के अंतर्गत पंचायत चुनाव कराने का उल्लेख करते हुए, श्री नायडु ने प्रसन्नतापूर्वक कहा कि 74 प्रतिशत मतदाताओं ने मतदान किया और 4483 पंचायतों में से लगभग 3,500 पंचायतें निर्वाचित हुईं।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि धारा 370 हटने से पंचायतें अधिक सशक्त होंगी क्योंकि 3 एफ अर्थात् फंड (निधि), फंक्शन (कार्य) और फंक्शनरी (पदाधिकारी) पंचायतों को दिए जाएंगे। पंचायतों की वित्तीय शक्ति भी दस गुना बढ़ाकर एक लाख रूपये तक की गई हैं।

इसके अतिरिक्त, उपराष्ट्रपति ने कहा कि पंचायतों को कर बढ़ाने के द्वारा अपने संसाधनों को बढ़ाने की शक्ति प्रदान की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि वितरण की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए अब पंचायतों को आईसीडीएस और पीएमएवाई जैसी योजनाओं की लेखा परीक्षा करने का अधिकार भी दिया गया है।

यह उल्लेख करते हुए कि निधियों, कार्य और कार्य करने के तंत्र को सौंपने से त्रि-स्तरीय तंत्र अधिक प्रभावी रूप से कार्य करेगा, उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर को 14वें वित्त आयोग द्वारा निर्धारित मानदंडों के अनुसार पंचायत चुनाव न कराने के कारण लगभग 4000 करोड़ रूपये की हानि हो रही थी। उन्होंने यह भी कहा कि अब चुनाव हो चुके हैं तो वित्त आयोग द्वारा की सिफारिश के अनुसार निधि प्राप्त होनी शुरू हो जाएगी। मैं यह जानकर प्रसन्न हूँ कि 500 करोड़ रूपये पहले ही दिए जा चुके हैं और 3000 करोड़ रूपये की धनराशि जल्द ही दी जाएगी। यह धनराशि पंचायत तंत्र के लिए महत्वपूर्ण होगी।

उपराष्ट्रपति ने यह सुझाव भी दिया कि प्रत्येक पांच वर्ष में स्थानीय निकायों के चुनावों को अनिवार्य किया जाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि राज्यों के पास चुनाव स्थागित करने या समय से पहले कराने का कोई विवेकाधिकार या संभावना नहीं होनी चाहिए।

यह बताते हुए कि विकास के बेहतर क्रियान्वयन और कल्याणकारी पहलों और बेहतर सेवा प्रदान करने में प्रभावी स्थानीय शासन की अहम भूमिका है, उन्होंने कहा कि स्थानीय निकायों को आबंटित निधियां पंचायतों, नगर-पालिकाओं और नगर-निगमों के खातों में जमा होनी चाहिए और संबंधित निकायों के प्रस्तावों के अनुसार उसे व्यय किया जाना चाहिए।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि पाकिस्तान से केवल पाक अधिकृत कश्मीर पर बातचीत होगी और उन्होंने इस बात पर बल दिया कि प्रत्येक भारतीय के लिए राष्ट्र की सुरक्षा, संरक्षा और अखंडता सर्वोपरि है।

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