उद्योग जगत को कृषि क्षेत्र में निवेश बढ़ाना चाहिए: उपराष्ट्रपति

विशाखापत्तनम, आंध्र प्रदेश
फ़रवरी 24, 2018

विमुद्रीकरण और जीएसटी सुधारों ने औपचारिक अर्थव्यवस्था का विस्तार किया और कर अनुपालन में बढ़ोतरी की;

उपराष्ट्रपति ने कनफैडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री पार्टनरशिप शिखर सम्मेलन 2018 को संबोधित किया

भारत के उपराष्ट्रपति, श्री एम. वेंकैया नायडु ने कहा है कि उद्योग जगत को कृषि में निवेश करना चाहिए क्योंकि भारत में 58 प्रतिशत से अधिक ग्रामीण परिवार कृषि पर निर्भर हैं। वह आज आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में कनफैडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री पार्टनरशिप शिखर सम्मेलन 2018 को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री एन. चंद्रबाबू नायडु, केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री, श्री सुरेश प्रभाकर प्रभु, नागर विमानन मंत्री, श्री अशोक गजपति राजू पुसापति और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

उपराष्ट्रपति ने निवेशकों से निवेश के लिए जबरदस्त क्षमता पर ध्यान देने के लिए कहा। उन्होंने आगे कहा कि खेती तथा डेयरी, मत्स्य पालन, मुर्गी पालन, खाद्य प्रसंस्करण, शीत भंडारण सुविधाओं और रेफ्रिजरेटेड वैन की स्थापना जैसे संबद्ध क्षेत्रों में मूल्यवर्धन किया जा सकता है। उन्होंने आगे कहा कि किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए कृषि उपज की मूल्यवृद्धि अत्यंत महत्वपूर्ण है और ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि से संबंधित उद्योगों की स्थापना न केवल रोजगार प्रदान करेगी बल्कि शहरों की ओर पलायन को कम करने में भी मदद करेगी।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत सरकार द्वारा विमुद्रीकरण और जीएसटी के कार्यान्वयन जैसे महत्वपूर्ण संरचनात्मक सुधारों ने औपचारिक अर्थव्यवस्था का विस्तार किया है और कर अनुपालन में बढ़ोतरी की है। उन्होंने आगे कहा कि आयकर रिटर्न दाखिल करने वाले लोगों की संख्या 2014-15 में 6.47 करोड़ से बढ़कर 2016-17 के अंत तक 8.27 करोड़ हो गई है।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि अल्पावधि में अधिक निर्यात हासिल करने के लिए भारतीय कंपनियों को वैश्विक बाजार में उच्च मूल्य वृद्धि और निम्न प्रविष्टि बाधाओं वाली वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं के खंडों की पहचान करने की आवश्यकता है। उन्होंने आगे कहा कि भारतीय एमएसएमई के लिए वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं से जुड़ना महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सूक्ष्म और लघु उद्यमों को वैश्विक बाजार से जोड़ने के लिए प्रौद्योगिकी और इंटरनेट की सुलभता एक प्रमुख कारक हो सकता है और ई-ट्रेड एसएमई को नए निर्यात अवसरों तक पहुंचने और कम लागत वाली आयातित निविष्टियों तक पहुंच को सुलभ बनाता है।

उपराष्ट्रपति ने सूर्योदय राज्य आंध्र प्रदेश, जो कि व्यापार करने की सुगमता के मामले में शीर्ष राज्यों में से एक है, के प्रतिनिधियों का स्वागत किया। उन्होंने आगे कहा कि यह राज्य समृद्ध विशाल खनिज संसाधन, लंबे तटीय क्षेत्र, प्रतिभाशाली मानव संसाधन और सबसे महत्वपूर्ण निर्बाध विद्युत आपूर्ति की सुविधा से संपन्न है। उन्होंने आगे कहा कि यह समृद्ध प्राकृतिक संसाधनों और खनिज संपदा से संपन्न है और यहां गुजरात के बाद देश में 974 किलोमीटर की दूसरी सबसे लंबी तटीय सीमा है और यहां 1000 किमी का राष्ट्रीय राजमार्ग, 3 अंतर्राष्ट्रीय विमानपत्तन और 5 परिचालन विमानपत्तन हैं।

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