आप प्रबंधकीय नेताओं के रूप में विकसित हों जो भविष्य के रुझानों को देख सकें और दुनिया को आकार दे सकें उपराष्ट्रपति संस्थानों को उत्कृष्ट शिक्षा प्रदान करनी चाहिए और समाज के लाभ के लिए अनुसंधान को बढ़ावा देना चाहिए उपराष्ट्रपति ने आईआईएम रोहतक के 7वें द

रोहतक, हरियाणा
मार्च 25, 2018

भारत के उपराष्ट्रपति श्री एम. वेंकैया नायडु ने आईआईएम रोहतक के छात्रों को प्रबंधकीय नेताओं के रूप में विकसित होने की सलाह दी है जो भविष्य के रुझान को देख सकते हैं और विश्व को सर्वोत्तम संभव तरीके से आकार दे सकते हैं। वह आज हरियाणा के रोहतक में भारतीय प्रबंध संस्थान के 7वें दीक्षांत समारोह में सभा को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर हरियाणा के राज्यपाल श्री कप्तान सिंह सोलंकी और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

उपराष्ट्रपति ने छात्रों को सलाह दी कि वे केवल 'प्रबंधन' से संतुष्ट न हों बल्कि नेतृत्व करना भी सीखें। उन्होंने आगे कहा कि आईआईएम रोहतक जैसे संस्थान ऐसे व्यवसाय प्रबंधकों, नेताओं का सृजन करते है जिनके पास संस्थानों, व्यवसायिक निगमों और सरकारों में सुधार के लिए ज्ञान और साहस है। मुझे यकीन है कि इस सक्षम नीति ढांचे के साथ आईआईएम नवाचार करने तथा और आगे बढ़ने का प्रयास करेगा।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि आईआईएम रोहतक जैसे संस्थानों को व्यापार और नीति निर्माताओं के साथ उत्कृष्ट शिक्षा प्रदान करने और समाज के लाभ के लिए अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए काम करना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि छात्रों को विकसित होने और उभरने के साथ-साथ कॉरपोरेट दुनिया में नई स्थितियों के अनुकूल बनना चाहिए । सीखने की दुनिया और काम की दुनिया बहुत तेज़ी से बदल रही है और आपको सदैव सतर्क और चुस्त होना चाहिए।

महात्मा गांधीजी को याद करते हुए, उपराष्ट्रपति ने विद्यार्थियों से: "चरित्र के बिना ज्ञान, नैतिकता के बिना वाणिज्य, मानवता के बिना विज्ञान" से दूर रहने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि निजी और सार्वजनिक जीवन में आपके कार्य एक नैतिक और आचार संबंधी कम्पास द्वारा निर्देशित होने चाहिए ।

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