भारत के माननीय उपराष्ट्रपति की भूमिका
भारत के माननीय उपराष्ट्रपति की संवैधानिक एवं कार्यात्मक भूमिकाएँ
उपराष्ट्रपति राज्यसभा (राज्यों की परिषद) के सभापति के रूप में कार्य करते हैं तथा सदन की कार्यवाही का संचालन करते हुए उसकी गरिमा, अनुशासन एवं सुचारु संचालन सुनिश्चित करते हैं। संसदीय नेतृत्व एवं जन-संपर्क के माध्यम से वे विधायी कार्यों के प्रभावी संचालन तथा राष्ट्रीय विमर्श को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
* उपराष्ट्रपति राष्ट्रीय समारोहों, राजकीय कार्यक्रमों तथा अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में भारत का प्रतिनिधित्व भी करते हैं।
* उपराष्ट्रपति निम्नलिखित संस्थाओं में पदेन दायित्वों का निर्वहन करते हैं:
भारतीय विश्व मामलों की परिषद के अध्यक्ष
भारतीय लोक प्रशासन संस्थान के अध्यक्ष
दिल्ली विश्वविद्यालय , पंजाब विश्वविद्यालय तथा पुडुचेरी विश्वविद्यालय के कुलाधिपति