22 दिसंबर, 2017 को नई दिल्ली में अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी-सह-कन्वेंशन सेंटर और एकीकृत ट्रांजिट कॉरिडोर विकास परियोजना के शिलान्यास के अवसर पर भारत के माननीय उपराष्ट्रपति श्री एम. वेंकैया नायडु द्वारा दिया गया अभिभाषण

नई दिल्ली | दिसम्बर 22, 2017

"आज यहाँ इस महत्वपूर्ण आयोजन में उपस्थित होकर मुझे अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। इस आशाजनक और महत्वाकांक्षी परियोजना का हिस्सा बनना मेरे लिए गर्व और संतोष की बात है।

विश्व के आर्थिक मंच की अद्यतन रैंकिंग के अनुसार, वर्तमान में हम विश्व की सातवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हैं। समावेशी आर्थिक विकास के प्रति समग्र दृष्टिकोण अपनाकर वैश्विक नेता के रूप में उभरना हमारा सतत प्रयास रहा है।

विगत कुछ वर्षों में भारत सरकार द्वारा किए गए कई आर्थिक सुधारों जैसे माल और सेवा कर, मेक इन इंडिया, स्टार्ट अप इंडिया और स्टार्ट अप के लिए निधियों का कोष (एफएफएस), डिजिटल इंडिया और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में उदारीकरण से घरेलू व्यवसाय में महत्वपूर्ण सुधार हुए हैं जिसके परिणामस्वरूप भारत में अत्यधिक निवेश हुआ है।

निर्यात में वृद्धि, व्यापार और वाणिज्य भारतीय अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं। न केवल देश में बल्कि पूरे विश्व में व्यापार और वाणिज्य को बढ़ावा देने के लिए सम्मेलन (कन्वेंशन) और प्रदर्शनी के मामले में विश्वस्तरीय अवसंरचना अत्यावश्यक है। हमारी अर्थव्यवस्था की तरह प्रगतिशील और बृहत अर्थव्यवस्था के लिए सरकार से सरकार, व्यवसाय से व्यवसाय और व्यवसाय से उपभोक्ता संबंधी कार्यक्रमों की मेजबानी के लिए उच्चस्तरीय मंच आवश्यक हैं। दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में विश्व के प्रमुख आयोजन कराने के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर की आधुनिक सुविधाओं की आवश्यकता है।

इसी संदर्भ में मुझे लगता है कि प्रगति मैदान में स्थापित होने वाला यह अंतराष्ट्रीय प्रदर्शनी और सम्मेलन केन्द्र (आई.ई.सी.सी.) समय की माँग है। दृष्टिपात करने से यह स्पष्ट होता है कि आई.ई.सी.सी. परियोजना ऐतिहासिक अत्याधुनिक विश्वस्तरीय परिसर होगा। राजधानी दिल्ली के केन्द्र में ऐसे परिसर की लंबे अर्से से आवश्यकता थी। यह मेरा दृढ़ विश्वास है कि आई.ई.सी.सी. परियोजना भारत में व्यापार की जड़ों को मजबूत करेगी और इन्हें विविधता प्रदान करेगी तथा विश्व के विभिन्न बाजारों में भारत के साथ व्यापार को बढ़ावा भी देगी। वस्तुत: हमारे देश के अन्य शहरों में भी ऐसे सम्मेलन और प्रदर्शनी सुविधाओं की आवश्यकता है। सभी हितार्थियों ने हैदराबाद शहर में हाल में स्थापित की गई आधुनिक सम्मेलन सुविधा का स्वागत किया है।

दृष्टिपात के दौरान हम सभी ने यह भी देखा कि आई.ई.सी.सी. अपनी तरह की पहली बड़ी परियोजना है जिससे ट्रैफिक जाम में वृद्धि नहीं होगी बल्कि इससे प्रगति मैदान के आसपास के ट्रैफिक जाममुक्त होंगे। ट्रैफिक उपायों को लागू करने से प्रगति मैदान के नए परिसर में न केवल पहुँचना अत्यधिक आसान हो जाएगा बल्कि इनसे इस क्षेत्र में वाहनों के यातायात की सुगम बना कर व्यापक रूप से आम जनता को अत्यधिक लाभ भी मिलेगा।

मुझे यह जानकर प्रसन्नता है कि आई.टी.पी.ओ. की टीम और अन्य हितार्थी सक्रिय रूप से तथा बारीकी से इस परियोजना की प्रगति की निगरानी कर रहे हैं। मैं आश्वस्त हूँ कि यह परियोजना विनिर्दिष्ट समय सीमा के भीतर पूरी हो जाएगी। वास्तव में राजधानी दिल्ली के प्रगति मैदान में ऐसा ऐतिहासिक परिसर वैश्विक शक्ति के रूप में उभरते हुए भारत के अनुकूल होगा। मुझे विश्वास है कि यह परिसर आने वाले वर्षों में विश्व के सर्वाधिक प्रबंधित सम्मेलन और प्रदर्शनी परिसर के रूप में विकसित होगा। अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी और सम्मेलन केन्द्र और प्रगति मैदान में और इसके इर्द-गिर्द के ट्रैफिक जाम को खत्म करने के व्यापक उपायों की आधारशिला रखते हुए मुझे अत्यधिक प्रसन्नता हो रही है। मैं इस परियोजना से जुड़े सभी लोगों को इस ऐतिहासिक परियोजना के सफलतापूर्वक पूर्ण होने की शुभकामनाएं देता हूँ।

धन्यवाद। जय हिंद!"