21 जून, 2018 को पुणे, महाराष्ट्र में पुणे नगर निगम की नई इमारत का उद्घाटन करने के उपरांत भारत के माननीय उपराष्ट्रपति श्री एम. वेंकैया नायडु द्वारा दिया गया अभिभाषण

पुणे, महाराष्ट्र | जून 21, 2018

"मुझे आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित पुणे नगरपालिका निगम के नए भवन का उद्घाटन करते हुए अत्यधिक हर्ष की अनुभूति हो रही है।

पुणे महाराष्ट्र और भारत के सबसे तेज गति से प्रगति करने वाले शहरों में से एक है। गत दशक में इसका अत्यधिक तेज गति से विकास हुआ है और यह तेजी से श्रेष्ठजनों, अंतरराष्ट्रीय अभिकरणों और सरकारों के लिए आदर्श शहर के तौर पर उभर रहा है। इस प्रकार के आर्थिक और शहरी विकास के साथ विभिन्न वर्गों की अपेक्षाएं बढ़ जाती हैं।

जनसंख्या की दृष्टि से पुणे महाराष्ट्र का दूसरा सबसे बड़ा शहर है। सेवानिवृत लोगों के लिए स्वर्ग के तौर पर पहचान से लेकर देश का एक मुख्य विकास केन्द्र बनने तक पुणे शहर ने गत समय में काफी लंबा समय लिया है। यह सब स्थायी प्रक्रियाओं का कार्यान्वयन करते हुए प्राप्त किया गया है (मर्सर की जीवन की गुणवत्ता रैंकिंग, 2017 के अनुसार जीवन की गुणवत्ता की दृष्टि में पुणे को भारत के प्रथम श्रेष्ठतम शहर की रैंकिंग प्रदान की गई है)। पुणे की जीडीपी 69 बिलियन अमेरिकी डालर है, जो देश की पाँचवी सबसे बड़ी जीडीपी है।

इस शहर में सुदृढ़ औद्योगिक आधार के अतिरिक्त, बड़ी संख्या में अकादमिक और शैक्षिक संस्थाएं भी हैं।

मुझे बताया गया है कि पी एम सी ने नए भवन को नागरिकों के लिए अधिक अनुकूल और सभी प्रकार के आवेदन स्वीकार करने के लिए एकल खिड़की व्यवस्था का प्रावधान किया है। इसमें एक नागरिक सुविधा केन्द्र भी है। मुझे विश्वास है कि निगम का विजन पुणे को स्वच्छ, हरा-भरा, सुंदर और रहने योग्य क्षेत्र के साथ सर्वाधिक रहने लायक शहर बनाना है।

देश में ग्रामीण क्षेत्रों से शहरी क्षेत्रों की तरफ लागों के तेजी से बढ़ते हुए पलायन के साथ ही यह अनुमान लगाया गया है कि भारत की आधी जनसंख्या का निवास शहरी क्षेत्रों में होगा। जबकि नए शानदार भवनों का निर्माण प्रशंसनीय है, परंतु हमें लोगों की बढ़ती हुई अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए नई कार्य संस्कृति का विकास करना चाहिए।

स्मार्ट सिटी मिशन के तहत चयनित किए गए शहरों में से एक शहर के तौर पर पुणे शहर के पास आज अत्याधुनिक और लोक-केन्द्रित दृष्टिकोण अपनाकर शहरी शासन में अग्रणी स्थान प्राप्त करने का अवसर है। स्मार्ट सिटी मिशन में शहरों को चिरस्थायी, लचीले, समावेशी और नागरिकों के अनुकूल शहरी केन्द्रों के तौर पर विकसित करने तथा उन्हें आर्थिक कार्यकलापों के हब के तौर परिवर्तित करने का प्रावधान किया गया है। यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि स्मार्ट सिटी मिशन के तहत विभिन्न परियोजनाओं का कार्यान्वयन करते समय लागत और समय में बढ़ोतरी न हो।

स्थानीय निकायों को अपने नागरिकों को हमेशा नागरिक शासन के केन्द्र में रखना चाहिए। विभिन्न परियोजनाओं और सेवाओं को तैयार करने और योजना बनाने में लोगों की जितनी अधिक भागीदारी होगी, सेवाओं का निष्पादन और वितरण उतना ही बेहतर होगा। मुझे यह जानकर प्रसन्नता है कि पुणे नगर निगम ने विभिन्न परियोजनाओं को प्रारंभ करने के लिए संसाधन जुटाने हेतु नगरपालिका बांड जारी किए हैं।

मित्रों, शहरी क्षेत्रों में बढ़ती हुई जनसंख्या के कारण कई शहरों में बेतरतीब और अनियोजित विकास हुआ है। इसके परिणामस्वरूप, शहरों के लिए नागरिक सुविधाओं और सेवाओं की बढ़ती हुई मांग को पूरा करना मुश्किल हो रहा है। अपर्याप्त वित्त ने भी शहरी निकायों की कार्यप्रणाली को पंगु बना दिया है और नागरिकों के लिए मूलभूत सुविधाओं में सुधार करने के लिए उनके संसाधनों के सुदृढीकरण की आवश्यकता है।

शहरी स्थानीय निकायों की शासन-व्यवस्था में सुधार करने के लिए भ्रष्टाचार के प्रति शून्य सहनशीलता के साथ उर्ध्वाधर दृष्टिकोण का कार्यान्वयन करना होगा। कर का भुगतान करने वाले लोग बिल्कुल सही, जबाबदेह, प्रभावी और पारदर्शी शासन की मांग करते हैं और सरकारी एवं गैर-सरकारी दोनों तरह के कर्मचारियों को इस प्रयास को सफल बनाने की दिशा में कार्य करना चाहिए।

सरकारी कर्मचारियों और नागरिकों के बीच अंतर को कम करते समय यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि स्थानीय निकायों को प्रभावी शासन के लिए सुविधाएं-निधियां, कार्य और कर्मचारी प्रदान किए जाए।

यह नोट किया जाना चाहिए कि आधुनिक डिज़िटल युग में लोग उनके द्वारा नगरपालिका अधिकारियों के पास की गई प्रत्येक शिकायत अथवा याचिका पर तत्काल और त्वरित कार्रवाई चाहते हैं। साधारण शब्दों में, लोग बेहतर और गुणवत्तापरक सेवाएं चाहते हैं।

पुणे नगर निगम, जिसकी स्थापना 1950 में की गई थी, 34 लाख लोगों की आवश्यकताओं को पूरा कर रहा है।

मुझे बताया गया है कि नए भवन की अन्य विशेषताओं में डाकघर, सरकारी परिवहन बस पास केन्द्र शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, भवन में गुंबद आकार का 224 व्यक्तियों की क्षमता वाला एक सामान्य सभा हाल, स्थायी समिति हाल, मेयर; उप-मेयर, पार्टी नेताओं और नगरपालिका सचिव के लिए कार्यालय होंगे। मुझे प्रसन्नता है कि नए भवन का निर्माण पर्यावरण-अनुकूल उपायों सहित भारतीय हरित भवन परिषद के मानकों के अनुरूप किया गया है।

मुझे यह जानकर भी प्रसन्नता है कि पुणे नगर निगम (पी एम सी) ने "योजना 2020-पुणे शहरी परिवर्तन की ओर" अवधारणा को अपनाया है। इस योजना के तहत, कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं में अन्य के साथ-साथ पुणे की नदियों में प्रदूषण उपशमन और पुनरुद्धार, बस रैपिड ट्रांजिट प्रणाली (बी आर टी एस), पुणे मैट्रो परियोजना, उच्च क्षमता वाला लोक पारगमन मार्ग, व्यापक पुणे साइकिल योजना, स्मार्ट सिटी योजना, तूफान जल निकासी परियोजना, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन योजना, सुविधाविहीन युवाओं को सशक्त बनाने के लिए दीर्घकालिक आजीविका लाइटहाउस ऑफ पुणे" परियोजना तथा 100 प्रतिशत डिजिटल साक्षरता परियोजना जैसी परियोजनाएं शामिल हैं। मुझे विश्वास है कि इन परियोजनाओं का पुणे शहर के विकास पर सकारात्मक प्रभाव होगा और ये नागरिकों को बेहतर शहरी सेवाएं प्रदान करने में सहायक होंगी।

पी एम सी की इससे विभिन्न परियोजनाएं जैसे शहर में साइकिल योजना, पैदल चलने वालों के लिए नीति, पब्लिक और मोटरवाहन-रहित परिवहन की हिस्सेदारी को बढ़ाने का प्रस्ताव, आगामी 30 वर्षों तक संपूर्ण जनसंख्या को सुरक्षित और समान जलापूर्ति प्रदान करना तथा नदी मुहाना (रिवरफ्रंट) विकास परियोजना पुणे शहर को रहने लायक एक श्रेष्ठ शहर बनाने में बहुत महत्वपूर्ण साबित होगी।

मुझे बताया गया है कि पुणे अब उन गिने-चुने भारतीय शहरों की सूची में शामिल है, जिसने 200 करोड़ रुपए के नगरपालिका बांड जारी किए हैं। इसमें 24 x 7 जलापूर्ति परियोजना के लिए 3,000 करोड़ रुपए के वित्तपोषण हेतु नगरपालिका बांड के माध्यम से अतिरिक्त 2000 करोड़ रुपए जुटाने की योजना भी है।

मुझे खुशी है कि स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत विभिन्न परियोजनाओं में तेजी से प्रगति हो रही है। अपने अग्रगामी दृष्टिकोण के साथ पी एम सी की अपने नागरिक - केन्द्रित कार्यकलापों के माध्यम से सर्वाधिक डिजिटलीकृत नगर निगम बनने की आकांक्षा सराहनीय है। मुझे प्रसन्नता है कि पी एम सी श्रेष्ठ तकनीकी जानकारी के लिए कई अंतरराष्ट्रीय निकायों के साथ सहयोग कर रही है।

अंत में, मैं इस बात पर बल देना चाहता हूँ कि नागरिक निकायों और इनके सरकारी और गैर सरकारी प्रतिनिधियों के लिए शासन व्यवस्था में सुधार करने और बेहतर सेवाएं प्रदान करने के लिए नागरिकों के साथ सतत सहभागिता महत्वपूर्ण है।

जय हिन्द!"