12 अगस्त, 2018 को भावनगर, गुजरात में अधलाई - नारी खंड पर राष्ट्रीय राजमार्ग 751 को 4 लेन का करने की परियोजना के शिलान्यास तथा केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री मनसुख मांडविया की पुस्तक के विमोचन के अवसर पर भारत के माननीय उपराष्ट्रपति श्री एम. वेंकैया नायडु द

भावनगर, गुजरात | अगस्त 13, 2018

"माननीय राज्यपाल, श्री ओम प्रकाश कोहली जी,

माननीय मुख्यमंत्री, श्री विजय रुपाणी जी,

माननीय केन्द्रीय मंत्री, सड़क परिवहन, राजमार्ग, जहाजरानी, जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण, श्री नितिन गड़करी जी,

माननीय उपमुख्यमंत्री, श्री नितिनभाई पटेल जी,

माननीय कृषि राज्य मंत्री, श्री पुरुषोत्तम रूपाला जी,

माननीय सड़क परिवहन, राजमार्ग, जहाजरानी तथा रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री, श्री मनसुखभाई मांडविया जी,

माननीय शिक्षा, कानून एवं संसदीय कार्य मंत्री, श्री भूपेन्द्र सिंह चुडास्मा जी,

केन्द्र और राज्य की मंत्रिपरिषद के माननीय मंत्रीगण,

माननीय सांसद एवं विधायक गण

सचिव, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय,अध्यक्ष, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI)

उपस्थित अतिथिगण,

सम्मानीय देवियों, सज्जनों एवं मीडिया के मित्रों,

मित्रों,

आज इस शुभअवसर पर प्रदेशवासियों का अभिनंदन करता हूं और शुभकामनाएं देता हूं। आज ही महान वैज्ञानिक और देश के अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक डॉ. विक्रम साराभाई की जन्मजयंती भी है जिन्होंने देश के विकास को अंतरिक्ष की ऊंचाइयों तक पहुंचाने का स्वप्न देखा था। गुजरात के मेधावी उद्यमी निवासियों ने सदा ही देश के सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक उत्कर्ष का नेतृत्व किया है। आज राज्य के लगभग 18000 गांवों में बिजली की अबाध 24 घंटे आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। अहमदाबाद, बडोदरा, सूरत, जामनगर, राजकोट, भावनगर देश के प्रमुख औद्योगिक विकास के केन्द्र के रूप में उभरे हैं। प्रदेश के 85% गाँव All weather roads से जुड़े हैं। इस infrastucture के विकास ने निवेश के नये अवसर खोले हैं जिससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार बढ़ रहा है।

मित्रों,

उन्नत infrastructure देश के विकास की शर्त ही नहीं बल्कि विकास का मापदंड है। Infrastructure सामाजिक सक्षमता और सुरक्षा की जरूरी शर्त है।

हाल ही में हमने देश के सभी गांवों तक विद्युतीकरण पहुंचाने में सफलता पायी है। गांवों को Optical fiber से जोड़ा जा रहा है जिससे गाँव संचार क्रांति में सम्मिलित हो सकें। सुगम यातायात और संचार infrastructure के महत्वपूर्ण अंग हैं। सड़क और संचार संपर्क के साधन ही नहीं हैं बल्कि विकास के वाहक हैं। जिस प्रकार शरीर में मोटी, पतली धमनियां रक्त को हर अंग तक पहुंचाती है जिससे शरीर का हर अंग स्वस्थ रहे, उसी प्रकार सड़कों का विन्यास जितना विस्तृत और सघन होगा, विकास उतना ही सर्वस्पर्श होगा अन्यथा दूरस्थ अंचल, विकास यात्रा में पिछड़ जायेंगे। जो राजनैतिक और सामाजिक संतुलन की दृष्टि से न्यायपूर्ण नहीं होगा।

राष्ट्रीय राजमार्गों का विस्तृत विन्यास देश की सामाजिक, आर्थिक और व्यापारिक एकता का प्रतीक है। यह माननीय अटल जी की दृष्टि थी कि उन्होंने स्वर्णिम चतुभुर्ज और उत्तर-दक्षिण एवं पूर्व-पश्चिम सड़क कारीडोर की योजना बनायी। आज इस नेशनल हाईवे डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत 28000 किलोमीटर लंबे 4 और 6 लेन के राजमार्ग हैं। मुझे ज्ञात हुआ है कि गत वर्ष 2017-18 में 27 किमी प्रतिदिन की दर से, 9800 किमी सड़कें बनाई गई थी। यह लक्ष्य 2018-2019 के लिए बढ़ा कर 16000 किमी कर दिया गया है। अर्थात् 45 किमी सड़क निर्माण प्रतिदिन। यह एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य है। मैं संबंद्ध अधिकारियों, इंजीनियरों और ऐजेंसी को भावी सफलता के लिए शुभकामनाएं देता हूं।

एक अनुमान के अनुसार 2020 तक सड़क निर्माण में लगी कंपनियों की वृद्धि दर 20% रहने की संभावना है। इस वृद्धि दर पर उत्पन्न होने वाले प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार अवसरों का अनुमान आप सहज ही लगा सकते हैं।

सरकार ने राजमार्गों को शहरों और औद्योगिक केन्द्रों से जोड़ने के लिए भारत माला योजना का शुभारंभ किया है। इस परियोजना के तहत देश में 50 नये कोरिडोर बनाये जायेंगे, 550 जिलों को 4 लेन राष्ट्रीय राजमार्गों से जोड़ा जायेगा। देश का 70-80% माल यातायात राष्ट्रीय राजमार्गों से होगा।

इसी भारत माला परियोजना के अंतर्गत अधलाई से नारी तक राष्ट्रीय राजमार्ग 751 को 4 लेन करने की परियोजना का शिलान्यास करते हुए, मैं क्षेत्र के निवासियों का अभिनंदन करता हूं, उन्हें विकास की शुभकामनाएं देता हूं। मुझे बताया गया है कि इस परियोजना से अहमदाबाद और भावनगर जैसे दो महत्वपूर्ण शहरों के बीच संपर्क आसान हो जायेगा। इसके अतिरिक्त अहमदाबाद-ढ़ोलेरा के बीच नया राजमार्ग, Dholera Special Investment Region को अहमदाबाद से जोड़ेगा। नि:संदेह यह राजमार्ग इस क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई गति देगा और यहां के मेधावी उद्यमियों को लाभांवित करेगा।

मित्रों,

राजमार्गों की ही भांति ग्रामीण सड़कों का विस्तार किया जाना सर्वस्पर्शी विकास के लिए आवश्यक है। मुझे हर्ष है कि वर्ष 2000 से जब प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का शुभारंभ हुआ था तबसे आज तक लगभग 5.57 लाख किलोमीटर ग्रामीण सड़कों का निर्माण किया गया है। देश में लगभग 1.67 लाख आबादी clusters को चिन्हित किया गया है जहां सड़क संपर्क उपलब्ध नहीं है इसके लिए 3.71 लाख किलोमीटर सड़क निर्माण की आवश्यकता होगी। गतवर्ष 2017-18 में लगभग 48000 किमी ग्रामीण सड़कों का निर्माण कर 11500 आबादी clusters को सड़कों से जोड़ा गया। इस वर्ष 61000 किलोमीटर ग्रामीण सड़क निर्माण कर लगभग 20000 आबादी clusters को जोड़ने का लक्ष्य है। मुझे आशा है कि ये सड़कें सुदूर ग्रामीण अंचलों में विकास का प्रकाश पहुंचा सकेंगी।

मित्रों,

जब हम सड़क विन्यास के विस्तार की चर्चा करते हैं तो बढ़ती हुई सड़क दुर्घटनाऐं हमें चिंतित करती हैं। गत वर्ष लगभग 1.5 लाख लोग सड़क दुर्घटनाओं का शिकार हुए। एक अनुमान के अनुसार सड़क दुर्घटनाओं से लगभग 3% GDP की हानि होती है। जब हम देश में राजमार्गों का विस्तार कर रहे हैं राजमार्गों को दुर्घटनाओं से निरापद बनाने पर भी हमारी चिंता होनी चाहिए। राजमार्गों पर स्थान-स्थान पर त्वरित चिकित्सा सहायता की व्यवस्था होनी ही चाहिए। मुझे आशा है कि Motor Vehicles (Amendment) Bill, 2017 में प्रस्तावित प्रावधान, सड़क दुर्घटनाओं को कम करने में सहायक होंगे।

इस शुभअवसर पर केन्द्रीय सरकार में सड़क परिवहन, राजमार्ग, जहाजरानी तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्रालयों में राज्यमंत्री तथा राज्य सभा के सांसद श्री मनसुख भाई मांडविया जी की सांसद के रूप में “संसद यात्रा” का लोकार्पण करते हुये मुझे अत्यंत हर्ष हो रहा है।

मित्रों,

आज 12 अगस्त को विश्व युवा दिवस है। मनसुख भाई देश की युवा ऊर्जा का प्रतिनिधित्व करते हैं। आज जब हम देश में Demographic Dividend की चर्चा करते हैं तो आवश्यक है कि देश की राजनीति, युवा आकाक्षाओं को प्रतिबिंवित करे। जिस देश की 65% आबादी 35 वर्ष से कम आयु की हो-उस देश की राजनीति को आकांक्षी युवाओं की अपेक्षा के अनुसार बदलना ही होगा।

भावनगर के मध्यम वर्गीय कृषक परिवार में जन्में, 2002 में मात्र 28 वर्ष की आयु में गुजरात राज्य के सबसे युवा विधायक बने। आपने शिक्षा, विशेषकर कन्या शिक्षा, के प्रचार, प्रसार के लिये 2005 और 2007 में व्यापक यात्राऐं की। “बेटी बचाओं, बेटी पढ़ाओं और व्यसन हटाओ” अभियान का प्रसार किया। मनसुख भाई 2012 से राज्य सभा में गुजरात के प्रतिनिधि है। 2016 में केन्द्रीय मंत्रिपरिषद् में शामिल होने से पूर्व सांसद के रूप में राज्य सभा में गुजरात प्रदेश का बखूबी प्रतिनिधित्व किया।

इस पुस्तक के माध्यम से न केवल आपने सांसद के रूप में सदन में अपनी भूमिका से देश और प्रदेश के नागरिकों को परिचित करवाया है, बल्कि जनकल्याणकारी योजनाओं में संसद की कितनी महत्वपूर्ण भूमिका है उससे भी जनसामान्य को परिचित कराया है। मुझे आशा है कि पुस्तक के पाठक इस सूचना को उपयोगी पायेंगे और संसद के कार्यकलाप के प्रति उनकी धारणा बदलेगी।

मित्रों,

मनसुख भाई की पुस्तक से आपको ज्ञात होगा कि प्रत्येक संसदीय प्रश्न का उत्तर देने के लिये कितना प्रयास किया जाता है ? कितना धन व्यय होता है। ऐसे में यदि संसदीय प्रक्रिया को बाधित कर दिया जाय तो कितना नुकसान होता है ?

मैं मानता हूँ कि यह संकलन हमारी सम-सामयिक राजनीति का महत्वपूर्ण दस्तावेज हैं। अपनी जनता को अपने कार्यों का ब्यौरा देना, किसी भी जनप्रतिनिधि का कर्तव्य है। इसके लिये मैं मनसुख भाई मांडविया जी को पुन: बधाई देता हूँ।

आपका संसदीय और राजनैतिक जीवन यशस्वी हो। इसी शुभकामना के साथ मैं मनसुख भाई की इस संसदीय यात्रा का लोकार्पण करता हूँ।

जयहिंद।"