09 सितंबर, 2017 को रांची में स्मार्ट सिटी के शुभारंभ के अवसर पर भूमि पूजन कार्यक्रम में भारत के माननीय उपराष्ट्रपति श्री एम. वेंकैया नायडु का अभिभाषण

रांची झारखण्ड | सितम्बर 9, 2017

दोस्तों, मैं रांची स्मार्ट सिटी की आधारशिला रखने के लिए बेहद खुश हूं।

पूरे देश में 90 शहरों का चयन स्मार्ट सिटी के लिए हुआ है और झारखंड का रांची देश का पहला शहर बना जहां स्मार्ट सिटी निर्माण हेतु भूमि पूजन कार्यक्रम संपन्न हुआ है, आने वाले दिनों में रांची देश के लिए एक प्रेरणादायी शहर बनेगा। स्मार्ट सिटी के लिए रांची शहर का चयन सिर्फ मेरे नगर विकास मंत्री रहने और कहने से नहीं हुआ है बल्कि रांची ने उन सभी पायदानों को पार किया जो स्मार्ट सिटी चयन हेतु आवश्यक था। राज्य के सभी नागरिक अपनी जिम्मेवारी का निर्वहन करें और इस स्मार्ट सिटी के निर्माण में अपनी भागीदारी तय करें। जनभागीदारी के लिए पारदर्शी जवाबदेह और विश्वासपूर्ण व्यवस्था होगी तो लोग भाग लेंगे उपरोक्त बातें उपराष्ट्रपति ने शनिवार को एचइसी परिसर में स्मार्ट सिटी के शुभारंभ हेतु भूमि पूजन एवं अर्बन सिविक टावर, कन्वेंशन सेंटर एवं झारखण्ड अर्बन प्लानिंग एंड मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट के शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुये कही।

बिना जनभागीदारी के कोई भी योजना सफल नहीं हो सकती है। रांची के नागरिकों के प्रयास से स्मार्ट सिटी मिला है। रांची देश की पहली ग्रीन फिल्ड स्मार्ट सिटी होगी। यह सिटी पूरे झारखंड के लिए प्रेरणा बनेगी।

पूरे देश का 40% खनिज, प्रकृति संसाधन और एक दूरदर्शी मुख्यमंत्री झारखण्ड के पास है। बस राज्य की जनता स्मार्ट होकर इस अवसर का लाभ लेकर अपनी सहभागिता सुनिश्चित करे।

दुनिया आगे बढ़ रहा है तो हम पीछे क्यों रहें । देश के लिए जरूरी है कि भारत के सभी शहर स्मार्ट बने और माननीय प्रधानमंत्री जी का यही लक्ष्य भी है। लोगों को अपनी सोच में बदलाव लाना जरूरी है। लोग सोचते हैं स्मार्ट सिटी बनने से क्या होगा ऐसी सोच से हमें बाहर आना होगा। स्मार्ट सिटी राज्य के लिये लाइट हाउस का कार्य करेगा और लोगों को अपनी ओर सही दिशा में आने की ओर संकेत देगा जैसे महासागर में एक जहाज को लाइट हाउस सही मार्ग में आने का संकेत देता है।

स्मार्ट सिटी होगा तो बेहतर स्वास्थ्य, शिक्षा, आधारभूत सुविधा समेत अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।केंद्र और राज्य सरकार स्मार्ट सिटी निर्माण हेतु 500-500 करोड़ की राशि उपलब्ध करा रही है लेकिन हम सब को समर्पित होकर इसके निर्माण के लिये साधन जुटाना है।

स्मार्ट सिटी का मतलब है सुंदर शहर, जहां नागरिकों के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध हो। बिजली, पेयजल, शिक्षा, चिकित्सा, परिवहन आदि की सुविधा हो। पारदर्शी और जवाबदेही के साथ काम करने से ही इसमें सफलता मिल सकती है। रांची स्मार्ट सिटी को समय से पूर्ण कर पूरे देश को एक संदेश दे झारखंड।

जब मैं तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में ग्रामीण विकास मंत्री था तब उन्होंने नेशनल हाइवे को सुदृढ़ करने की सोची जिसका विरोध भी हुआ कि लोग क्यों आपको रोड़ निर्माण के एवज में टैक्स देंगे। लेकिन श्री वाजपेयी ने 4 वे नेशनल हाइवे का निर्माण कर लोगों को आवागमन हेतु सुविधा प्रदान की जिसका सभी ने स्वागत और परिवर्तन को स्वीकार किया। बाद में मैंने श्री वाजयेपी को गांव में सड़क निर्माण की योजना बताई इसका भीविरोध हुआ लेकिन गांव के विकास के प्रति अपने जज्बे को दिखाते हुए प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना का शुभारंभ हुआ और शहर से गांव जुड़ते चले गये। समय के साथ परिवर्तन जरूरी है यह बात सभी को समझना होगा। केंद्र, राज्य सरकार,पंचायत और आमलोग सभी लोग अपने अपने दायित्वों का निर्वहन करें।

राज्य में विधि व्यवस्था जितना सामान्य रहेगा राज्य उतनी तेजी से विकास करेगा। सिद्धांत और विचारधारा अलग बात है। विरोध करनेवाले अपने विचारधारा और सिद्धांत से आम लोगों को प्रभावित करें और चुनाव के जरिये सामने आकर मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री और जनप्रतिनिधि बन बदलाव लायें। यह सब को स्वीकार्य होगा लेकिन बंदूक के बल यह करना आपका अधिकार नहीं। उपराष्ट्रपति ने कहा कि काफी हद तक झारखण्ड में हिंसा कम हुआ है। मानवाधिकार वाले सिर्फ माओवादियों के मारे जाने पर आवाज ना उठाये बल्कि एक पुलिसकर्मी के शहीद होने पर भी अपनी आवाज बुलंद करें। हिंसा करने वालों को प्रोत्साहन नहीं मिलना चाहिये।

जय हिंद।