05 जुलाई, 2018 को पोर्ट ब्लेयर में आयोजित औपचारिक नागरिक रिसेप्शन में भारत के माननीय उपराष्ट्रपति श्री एम. वेंकैया नायडु द्वारा दिया गया भाषण

पोर्ट ब्लेयर | जुलाई 5, 2018

"आज शाम इस ऐतिहासिक द्वीप, जो हमें अपने स्वतंत्रता सेनानियों के सर्वोच्च बलिदान की याद दिलाता है, में आप सभी के साथ होने पर मुझे बहुत खुशी हो रही है।

यह बलिदान का द्वीप है। यह अतुलनीय दृढ़ संकल्प का द्वीप है। यह लुभावनी सुंदरता का एक द्वीप है। यह उत्कृष्टता का द्वीप है।

मैं विनायक दामोदर सावरकर, बटुकेश्वर दत्त और योगेंद्र शुक्ला जैसे शहीदों को सलाम करता हूं जिन्होंने हमारे देश के लिए अपने प्राण न्योछावर किए। मैं इन द्वीपों के लोगों की दृढ़ कड़ी मेहनत की सराहना करता हूं जो इन महान स्वतंत्रता सेनानियों के सपने को साकार करने की कोशिश कर रहे हैं।

मनोरम अंडमान और निकोबार द्वीप न केवल प्रकृति के वैभव का प्रतिनिधित्व करते हैं बल्कि भारत की बहु-सांस्कृतिक, बहु-धार्मिक और बहुभाषी सामाजिक तस्वीर का एक सूक्ष्म प्रतिबिंब भी हैं।

यद्यपि ये द्वीप पर्यटकों के पसंदीदा स्थलों में से एक बन गए हैं, तथापि भारत के स्वतंत्रता संग्राम के साथ उनके संबंधों को उजागर करने की जरूरत है ताकि देश के बाकी हिस्सों के लोग, विशेष रूप से युवा पीढ़ी, पोर्ट ब्लेयर की कुख्यात सेलुलर जेल के बारे में जान जाएं, जहां भारत के कई स्वतंत्रता सेनानियों को अंग्रेजों द्वारा सबसे क्रूर और बर्बरतापूर्ण तरीके से यातना दी गई थी।

ये द्वीप राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम का एक अभिन्न हिस्सा थे और इसलिए ये अपनी अद्वितीय ऐतिहासिक विरासत के कारण सम्मान और प्रेरणा की भावना पैदा करते हैं। मुझे लगता है कि केंद्र और विभिन्न राज्य सरकारों को देश के विभिन्न हिस्सों के स्कूल और कॉलेज के छात्रों के लिए सेलुलर जेल का दौरा प्रायोजित करना चाहिए ताकि वे हमारे बहादुर स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा किए गए बलिदान से परिचित हो जाएं।

जैसाकि मैंने पहले कहा है, यह अत्यधिक संतोष का विषय है कि ये द्वीप विभिन्न समुदायों के बीच सह-अस्तित्व के सामंजस्यपूर्ण स्थान का एक चमकता उदाहरण हैं।

मैंने कहा है कि ये द्वीप अपनी उपलब्धियों और विकास के दृष्टिकोण से कई मायने में "उत्कृष्टता के द्वीप" भी हैं। गंभीर बाधाओं के बावजूद, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह ने कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। मुझे बताया गया है कि केंद्र शासित प्रदेश के स्वास्थ्य संकेतक राष्ट्रीय औसत से काफी बेहतर हैं और यहां शत-प्रतिशत टीकाकरण हासिल कर लिया गया है। यह वास्तव में एक उल्लेखनीय उपलब्धि है और इस संबंध में प्रशासन द्वारा किए गए प्रयासों के लिए मैं उनकी हृदय से प्रशंसा करता हूं।

मुझे यह जानकर भी प्रसन्नता हो रही है कि शैक्षणिक संकेतक भी राष्ट्रीय औसत से ऊपर हैं और ऐसा कोई बच्चा नहीं है जो स्कूल न जाता हो।

मुझे बताया गया है कि सभी तीन जिलों में 'बेटी बचाओ, बेटी पढाओ' अभियान लागू किया जा रहा है और स्कूलों में नामांकित बच्चों में से लगभग 49 प्रतिशत लड़कियां हैं। हमारा देश प्रगति नहीं कर सकता है, यदि महिलाएं, जो देश की आधी आबादी हैं, शिक्षा में पीछे रह जाती हैं। जैसाकि अक्सर कहा जाता है कि एक महिला को शिक्षित करना पूरे परिवार को शिक्षित करने के बराबर है।

ये द्वीप पहले से ही बहुत से पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं और यदि कनेक्टिविटी में और सुधार किया जाए तो इसमें अभी भी और ज्यादा संभावना है जिसका दोहन किया जा सकता है।

मैं जानता हूं कि सरकार इन द्वीपों के विकास के लिए और दूरस्थ स्थान तथा खराब कनेक्टिविटी की बाधाओं को दूर करने के लिए कई कदम उठा रही है। भारत सरकार ने पोर्ट ब्लेयर और छह अन्य द्वीपों के साथ चेन्नई को जोड़ने वाली एक पनडुब्बी केबल परियोजना को मंजूरी दे दी है और काम 24 महीने के भीतर पूरा होने की उम्मीद है।

व्यस्ततम समय की 1200 यात्रियों की क्षमता के समायोजन के लिए पोर्ट ब्लेयर हवाई अड्डे पर नई एकीकृत टर्मिनल बिल्डिंग का निर्माण प्रगति पर है और जून 2020 तक इसके पूरा होने की संभावना है।

मुझे बताया गया है कि पोर्ट ब्लेयर और चेन्नई तथा पोर्ट ब्लेयर और कोलकाता के बीच सब्सिडी वाली चार्टर उड़ानें शुरू हुई हैं। द्वीपसमूह के वासियों के लिए राज सहायता वाले किराए के साथ 50 सीटों के साथ वायाबिलिटी गैप फंडिंग मॉडल पर विशाखापत्तनम और पोर्ट ब्लेयर के बीच उड़ान सेवाएं संचालित की जा रही हैं।

इसी तरह, राष्ट्रीय राजमार्ग और अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल) ने मध्य स्ट्रेट और हम्फ्री स्ट्रेट में दो प्रमुख पुलों का निर्माण और एनएच 223 को दो लेन का बनाए जाने का निर्माण कार्य शुरू किया है। इनके पूरा होने पर, पोर्ट ब्लेयर और उत्तरी अंडमान के बीच निर्बाध यात्रा और माल की ढुलाई हो पाएगी।

कोचीन शिपयार्ड में बन रहे दो इंटर-आइलैंड वेसेल्स और दो मेनलैंड वेसेल्स के 2019 -20 में तैयार हो जाने के बाद इंटर-आइलैंड परिवहन को बहुत बढावा मिलेगा।

मुझे इस बात की भी खुशी है कि भारत सरकार ने पोर्ट ब्लेयर शहर को स्मार्ट सिटी मिशन के तहत चुना है और परियोजना प्रबंधन परामर्शदाता की नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है। मुझे बताया गया है कि पोर्ट ब्लेयर नगर परिषद क्षेत्र पोर्ट ब्लेयर शहर में एलईडी बल्बों के साथ सभी 13,500 पारंपरिक स्ट्रीट लाइट्स के प्रतिस्थापन के साथ "एलईडी" नगर-पालिका बन गया है।

मुझे खुशी है कि प्रशासन ने विशेषज्ञता वाली चिकित्सा सेवाओं में कमी को संज्ञान में लिया है और इच्छुक छात्रों को चिकित्सा शिक्षा का अवसर प्रदान करने के लिए जुलाई 2015 में दक्षिण अंडमान जिले में एक मेडिकल कॉलेज शुरू किया है।

मैं अंडमान और निकोबार प्रशासन की "अंडमान और निकोबार द्वीप स्वास्थ्य बीमा योजना (एएनआईएसएचआई)" लॉन्च करने के लिए भी तारीफ करना चाहूंगा, जिससे प्रति वर्ष 3 लाख रुपये से कम पारिवारिक आमदनी वाले द्वीपवासियों और पेंशनभोगियों को मेनलैंड के सूचीबद्ध अस्पतालों में 5 लाख रुपये तक नकदी-रहित चिकित्सा उपचार प्रदान किया जाएगा।

विभिन्न विकास और कल्याण उपाय करने के लिए प्रशासन की सराहना करते हुए, मैं इन द्वीपों के पर्यावरण, प्राचीन प्राकृतिक सम्पदा और हजारों सालों से यहां रह रही मूल जनजातियों के संरक्षण के महत्व पर भी जोर देना चाहूंगा।

बंगाल की खाड़ी में स्थित फ़िरोज़ा नीले समुद्र, टैल्क जैसे समुद्री तटों और उष्णकटिबंधीय जीवों और वनस्पतियों से संपन्न होने के साथ-साथ एक मजबूत और बहु-जातीय और सांस्कृतिक विविधता वाले इन खूबसूरत द्वीपों में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। मुझे बताया गया है कि पिछले तीन वर्षों में पर्यटकों का आगमन 3 लाख से बढ़कर 4.87 लाख हो गया है। इन द्वीपों को अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए प्रमुख पर्यटन स्थलों में विकसित होना चाहिए और पर्यटन संभावना का इष्टतम स्तर तक दोहन करने के लिए प्रयास किए जाने चाहिए। मुझे लगता है कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए चेन्नई और पोर्ट ब्लेयर के बीच यूरोप जैसी क्रूज लाइन शुरू करने के लिए प्रस्ताव विचार किया जा सकता है।

मुझे यह जानकर खुशी हुई कि भारत सरकार ने द्वीप विकास एजेंसी के तत्वाधान में पहले से ही समग्र विकास के लिए पांच द्वीपों पर विचार कर लिया है, जिनमें से चार पीपीपी परियोजनाओं को रेडी-टू-लॉन्च परियोजनाओं के रूप में चिह्नित किया गया है। इससे उच्च स्तरीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

मैं भाव और भाषा के साथ स्वच्छ भारत अभियान को लागू करने और खुले में शौच से मुक्त होने की स्थिति प्राप्त करने के लिए भी प्रशासन की तारीफ करना चाहूंगा।

ये द्वीप वे बहुमूल्य गहने हैं जो प्रकृति माँ ने हमें दिये हैं। हम इन्हें और इनकी प्राचीन शुद्धता को सुरक्षित रखें। हम इन्हें टिकाऊ सामाजिक-आर्थिक विकास का केंद्र बनाकर इन्हें और समृद्ध बनाएं। हम इन्हें ऐतिहासिक विरासत का प्रेरणादायक प्रकाशस्तंभ बनाएं।

जय हिन्द!"