03 दिसंबर, 2017 गुवाहाटी, असम में सादिन प्रतिदिन ग्रुप द्वारा स्थापित प्रतिदिन अचीवर्स अवार्ड, 2017 के वितरण समारोह में भारत के माननीय उपराष्ट्रपति श्री एम. वेंकैया नायडु द्वारा दिया गया भाषण

गुवाहाटी, असम | दिसम्बर 3, 2017

इस समारोह में भाग लेकर और सादिन प्रतिदिन समूह द्वारा संस्थापित 'अचीवर्स अवार्ड' पुरस्कार प्रदान कर मैं अत्यंत प्रसन्नता अनुभव कर रहा हूं। सादिन प्रतिदिन समूह एक दैनिक समाचारपत्र, एक साप्ताहिक पत्र और एक महिलाओं की पत्रिका का प्रकाशक एवं एक लोकप्रिय टीवी चैनल का संचालक है।

मैं विभिन्न पेशों से जुड़े व्यक्तियों की उपलब्धि यों को मान्यता देने के लिए इन पुरस्कारों की स्थापना के लिए प्रतिदिन समूह को बधाई देता हूं। इस प्रकार के पुरस्कारों से न केवल पुरस्कार प्राप्त करने वालों को और अधिक ऊंचे लक्ष्य हासिल करने की प्रेरणा मिलती है बल्कि अन्य लोग भी अपने-अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित होते हैं। व्यक्तियों और संगठनों की उपलब्धिलयों की सराहना करने और उन्हें पुरस्कारों से सम्मानित करने से प्रतिस्पर्धा की भावना उत्पन्न होती है और उत्कृष्टता को प्रोत्साहन देने में सहायता मिलती है।

मुझे प्रसन्नता है कि मीडिया समूह ने इन पुरस्कारों को असम तक ही सीमित नहीं रखा है और संपूर्ण उत्तर-पूर्व क्षेत्र के सफल व्यक्तियों को इन पुरस्कारों से सम्मानित किया है। वास्तव में, प्रतिभाशाली व्यक्तियों के कार्यों का मूल्यांकन इसी भावना से किया जाना चाहिए।

मित्रों, असम और उत्तर-पूर्व क्षेत्र के अन्य राज्य अपनी समृद्ध संस्कृति, परंपराओं, साहित्य, लोक-कलाओं और मंत्रमुग्ध कर देने वाले सुंदर प्राकृतिक दृश्यों के लिए प्रसिद्ध हैं। इन राज्यों के लोग बेहद प्रतिभाशाली और परिश्रमी हैं और देश की बहुरंगी संस्कृति और विकास में उन्होंने कोई कम योगदान नहीं दिया है। विविध क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं ने अपनी उपलब्धियों से न केवल स्वयं को वरन् संपूर्ण उत्तर-पूर्व क्षेत्र को और देश को गौरवान्वित किया है। उन्होंने एक बार फिर दिखा दिया कि इस क्षेत्र में साहित्य से लेकर समाजसेवा तक हर क्षेत्र में प्रचुर प्रतिभा मौजूद है। मैं प्रत्येक पुरस्कार विजेता को विशेष बधाई देता हूं।

मैं विविध क्षेत्रों में उत्कृष्टता को मान्यता प्रदान करने के लिए प्रतिदिन समूह की प्रशंसा करता हूं और ऐसे मीडिया समूहों से आग्रह करता हूं कि स्वच्छ भारत जैसे विभिन्न मुद्दों से संबंधित अभियान चलाएं और प्रतियोगिताएं आयोजित करें ताकि स्वच्छता और सफाई के बारे में जागरूकता फैलाई जा सके। शायद इसके टीवी चैनल को सबसे स्वच्छ मोहल्ले या बस्ती को व्यापक कवरेज देकर प्रोत्साहित करना चाहिए। इस प्रकार के प्रचारात्मक कवरेज से न केवल जागरूकता फैलाने में सहायता मिलेगी बल्कि औरों को भी इसका पालन करने की प्रेरणा मिलेगी। व्यक्तियों, समुदायों, गैरसरकारी संगठनों और सरकारों को स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए ताकि महात्मा गांधी की 150वीं जयंती यानी 2 अक्टूबर, 2019 तक देश पूरी तरह 'स्वच्छ' हो जाए।

देश के सामने मौजूद विभिन्न चुनौतियों जैसे महिलाओं पर बढ़ते अत्याचार, नशीली दवाओं और शराब की लत के खतरों, जातिवाद, धार्मिक कट्टरवाद, भ्रष्टाचार, अशिक्षा और आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए भी जागरूकता का प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए। चलचित्रों में हिंसा और अश्लीलता का बढ़ता चित्रण एक और चिंता का विषय है जिसे मीडिया को उजागर करना चाहिए।

मैं मीडिया से यह अपील भी करूंगा कि वह सनसनी फैलाने से बचे और समाचारों पर अपने विचार व्यक्त किए बगैर उनकी निष्पक्ष रिपोर्टिंग करे। दुर्भाग्य से अखबारों और इलेक्ट्रॅानिक मीडिया के समाचारकक्षों में गंभीर मुद्दों/घटनाओं से जुड़े वास्तविक समाचारों को पृष्ठभूमि में छोड़कर अकेली घटनाओं को सनसनीखेज बनाकर प्रस्तुत करने की प्रवृत्ति बढ़ती जा रही है। दीर्घावधि में इससे न केवल मीडिया की विश्वसनीयता को हानि पहुंचेगी बल्कि लोकतंत्र को भी नुकसान होगा क्योंकि मीडिया स्वतंत्र प्रहरी की अपनी भूमिका का निर्वाह नहीं कर पाएगा।

इसलिए, मित्रों, मीडिया को हमेशा स्वतंत्र, निष्पक्ष और निरपेक्ष होना चाहिए ताकि वह वंचितों की आवाज बन सके।

प्रसिद्ध कामाख्या मंदिर, काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान, तवांग मठ, विशाल ब्रह्मपुत्र और कई अन्य चित्ताकर्षक स्थलों वाले असम में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं और मैं मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल द्वारा राज्य का संवर्धन करने के लिए की गई विभिन्न पहलों के लिए उन्हें बधाई देता हूं।

मैं सभी पुरस्कार विजेताओं को शुभकामनाएं देता हूं।

जयहिंद!