सूचना ऐसी भाषा में दी जाए जो सबको समझ में आ सके : उपराष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति ने केंद्रीय सूचना आयोग के 12वें वार्षिक अभिसमय का उद्घाटन किया

नई दिल्ली
दिसम्बर 6, 2017

भारत के उपराष्ट्रपति श्री एम. वेंकैया नायडु ने कहा कि सूचना ऐसी भाषा में दी जाए जो सबको समझ में आ सके, विशेषकर उनके लिए जो उसके लिए आवेदन करते हैं। वे आज यहां केंद्रीय सूचना आयोग के 12वें वार्षिक अभिसमय का उद्घाटन करने के पश्चात सभा को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उत्तर-पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं प्रधान मंत्री कार्यालय; कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय; परमाणु ऊर्जा विभाग तथा अंतरिक्ष विभाग में राज्य मंत्री डा. जितेन्द्र सिंह, मुख्य सूचना आयुक्त श्री राधा कृष्ण माथुर तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि सूचना को साझा करना और हमारे देश की जनता के प्रति जवाबदेह पारदर्शी शासन संरचना का सृजन लोकतंत्र के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र की सफलता के लिए पारदर्शिता और जवाबदेही दो महत्वपूर्ण घटक हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हमें 'स्वराज्य' को 'सुराज्य' में परिवर्तित करने की आवश्यकता है और विकास के परिणाम सब लोगों तक पहुंचने चाहिए।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि विश्वसनीय सूचना तक संवर्धित पहुंच हमारे लोकतंत्र को अपेक्षाकृत और अधिक प्रगतिशील, सहभागितापूर्ण और सार्थक बनाती है। कौटिल्य के अनुसार, सुशासन का उद्देश्य लोगों का कल्याण करना है; उन्होंने कहा, "शासक की खुशी उसकी प्रजा की खुशी में और उसका कल्याण उसकी प्रजा के कल्याण में निहित है।"

उपराष्ट्रपति ने कहा कि गत बीस वर्षों के दौरान सूचना के अधिकार को विश्व भर में उत्तरोत्तर अधिक स्वीकृति प्राप्त हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि सूचना के अधिकार से सरकार की जवाबदेही अपेक्षाकृत और अधिक हो जाती है, इससे नागरिकों की भागीदारी सुकर होती है और सरकार के कार्यकरण में पारदर्शिता आती है। उन्होंने यह भी कहा कि इससे नागरिकों और सरकार के बीच संबंधों में मूलभूत परिवर्तन आता है।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि सूचना आयोगों द्वारा मामलों के शीघ्र निपटाने से नागरिकों की शिकायतों का शीघ्र समाधान करने में सहायता मिलेगी और उन्होंने सभी आयोगों से अपने पास पंजीकृत मामलों के निपटान में तेजी लाने के लिए उन्हें संगठित और ईमानदारी से प्रयास करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्रीय ओर राज्य सूचना आयोग लोक प्राधिकारियों और नागरिकों के बीच एक सेतु के समान हैं।

उपराष्ट्रपति ने अत्यधिक सहज शब्दों में कहा कि देश और सभी राजनैतिक दलों को एक ही समय पर चुनाव करवाने की आवश्यकता पर विचार करना चाहिए ताकि राष्ट्र के विकास पर ध्यान केंद्रित किया जा सके।

Is Press Release?: 
1