व्यापार घरानों को समतामूलक विकास प्राप्त करने के लिए सरकार के प्रयासों में सहयोग करना चाहिए: उपराष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति ने 28वें अखिल भारतीय भवन निर्माता सम्मेलन को संबोधित किया

बंगलुरु
जनवरी 19, 2018

भारत के उपराष्ट्रपति श्री एम. वेंकैया नायडु ने भवन निर्माताओं और ठेकेदारों को बड़े पैमाने पर कारपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के कार्यकलापों में भाग लेने के लिए कहा है। उन्होंने यह भी कहा है कि कारपोरेट सामाजिक दायित्व के माध्यम से निजी उद्योगों द्वारा समतामूलक समाज के निर्माण के लिए सरकार के प्रयासों में सहयोग किया जाना चाहिए।

आज वह बेंगलुरु में अखिल भारतीय भवन निर्माता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर कर्णाटक के राज्यपाल श्री वाजुभाई वाला, लोक सभा सांसद श्री पी. सी. मोहन और अन्य मौजूद थे।

उन्होंने कहा "निजी उद्योगों द्वारा समावेशी और समतामूलक समाज का निर्माण करने के लिए सरकार के प्रयासों में अवश्य सहयोग करना चाहिए। जैसे आपके संगठन गरीबी, निरक्षरता को जड़ से समाप्त करने, आजीविका में सुधार करने और पर्यावरण के अनुकूल उपायों द्वारा इस धरती को रहने के लिए बेहतर स्थान बनाने में महत्वपूर्ण एवं सकारात्मक भूमिका निभा सकते हैं।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि कारपोरेट सामाजिक दायित्व दान या परमार्थ मात्र नहीं है बल्कि लोगों के जीवन में परिवर्तन लाने का दायित्व भी है। स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा और पर्यावरण समेत विभिन्न क्षेत्रों में कारपोरेट सामाजिक दायित्व संबंधी पहल करने की अत्यधिक गुंजाइश है। उन्होंने कहा कि जरूरतमंदों और गरीबों के कौशल विकास और रोजगार-क्षमता को विकसित करने के लिए व्यावसायिक शिक्षा एवं महत्वपूर्ण क्षेत्र है।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि देश की अवसंरचना विशेषत: स्मार्ट सिटी की परियोजना विकसित करने में भवन निर्माताओं को महती भूमिका निभानी है। उन्होंने कहा, "नए भारत की अवसंरचना के निर्माण, रेल की अवसंरचना विकास, सड़कों के विकास में सुधार को तेज गति प्रदान करने तथा 50 नए विमानपत्तनों के माध्यम से क्षेत्रीय जनसंपर्क को बढ़ाने के लिए सरकार के साथ कार्य करने में आप महत्वपूर्ण साझेदार हैं।"

उपराष्ट्रपति ने कहा कि सबके लिए आवास और अटल नवीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन की महत्वपूर्ण योजनाओं से देश में आवास और अवसंरचना संबंधी विकास को अत्यधिक बढ़ावा मिलेगा।

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