प्रौद्योगिकी का उपयोग मानवता की बेहतरी के लिए होना चाहिए: उपराष्ट्रपति भारतीय दूरसंचार सेवा, 2015 बैच के अधिकारी प्रशिक्षणार्थियों के साथ बातचीत

नई दिल्ली
नवम्बर 27, 2017

भारत के उपराष्ट्रपति, श्री एम. वेंकैया नायडु ने कहा है कि प्रौद्योगिकी का उपयोग मानवता की बेहतरी के लिए होना चाहिए। वह आज यहां भारतीय दूरसंचार सेवा, 2015 बैच के अधिकारी प्रशिक्षणार्थियों के साथ बातचीत कर रहे थे, जो राष्ट्रीय दूरसंचार नीति शोध, नवप्रवर्तन एवं प्रशिक्षण संस्थान, गाजियाबाद में भर्ती प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। इस अवसर पर केन्द्रीय इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी तथा विधि और न्याय मंत्री, श्री रवि शंकर प्रसाद और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद थे।

उपराष्ट्रपति महोदय ने कहा कि हमारे राष्ट्र का भविष्य डिजिटल भारत है और हमें लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए स्वयं को सक्षम बनाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि प्रौद्योगिकीय उन्नति की परिणति ऑनलाइन सेवाओं के रूप में होनी चाहिए जो विलंब और दुरुपयोग से मुक्त हों। उन्होंने आगे कहा कि हमारे लिए ऑनलाइन होने का समय आ गया है अन्यथा हम लाइन में ही खड़े रह जाएंगे।

उपराष्ट्रपति महोदय ने कहा कि सरकार देश के बेरोजगार युवाओं के लिए स्टैंड-अप इंडिया, स्टार्ट-अप इंडिया, डिजिटल इंडिया, इनक्यूबेशन, इनोवेशन जैसे अनेक कदम उठा रही है। हमें सरकार द्वारा शुरु किये गये इन कार्यक्रमों का लाभ उठाना चाहिए और यह सिद्ध कर देना चाहिए कि हम रोजगार तलाशने वाले नहीं अपितु रोजगार देने वाले हैं। उन्होंने आगे कहा कि विश्व स्मार्ट बन गया है और प्रत्येक व्यक्ति एलपीजी-लिब्रैलाइजेशन (उदारीकरण), प्राइवेटाइजेशन (निजीकरण) और ग्लाबलाइजेशन (वैश्वीकरण) में रह रहा है।

उपराष्ट्रपति महोदय ने प्रशिक्षणार्थियों को अभिनव विचारों के साथ सामने आने के लिए कहा और उन्होंने प्रधान मंत्री, श्री नरेन्द्र मोदी का उल्लेख किया, जिन्होंने यूरिया के दुरुपयोग को रोकने के लिए इस पर नीम की परत चढ़ाने का विचार दिया है। उन्होंने आगे प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डी.बी.टी.), जन आधार मनी (जे ए एम) नामक सरकार की अन्य पहलों का भी उल्लेख किया जो बिना विलंब और चोरी के छात्रवृत्ति, पेंशन, प्रतिपूर्ति आदि के अंतरण में सहायक सिद्ध हुई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जो भी प्रौद्योगिकीय उन्नति हो उससे अंतत: मानवता की सहायता होनी चाहिए।

उपराष्ट्रपति महोदय ने प्रशिक्षणार्थियों को अच्छे भविष्य की शुभकामनाएं दी।

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