कोई भी सभ्य समाज कलंकित किए जाने और भेदभाव किए जाने को सहन नहीं कर सकता: उपराष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति महोदय ने दीनदयाल दिव्यांगजन सहाज्य योजना का शुभारंभ किया

गुवाहाटी, असम
दिसम्बर 3, 2017

भारत के उपराष्ट्रपति, श्री एम. वेंकैया नायडु ने कहा है कि कोई भी सभ्य समाज कलंकित किए जाने और भेदभाव किए जाने को सहन नहीं कर सकता है और दिव्यांगजनों को गरिमापूर्ण जीवन जीने का पूर्ण अधिकार है। वह आज, असम के गुवाहाटी में अंतरराष्ट्रीय विकलांग जन दिवस के अवसर पर दीनदयाल दिव्यांगजन सहाज्य योजना को प्रारंभ करने के पश्चात उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर असम के राज्यपाल, श्री जगदीश मुखी, असम के मुख्यमंत्री, श्री सर्बानंद सोनोवाल तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ के अनुसार विकलांगता एक ऐसी स्थिति या घटक है जिसमें किसी व्यक्ति के समूह के सामान्य स्तर की तुलना में विकलांगता को अत्यधिक दोषपूर्ण आंका गया हो। उन्होंने यह भी कहा कि यह दोष शारीरिक, संवेदी, संज्ञानात्मक, बौद्धिक, मानसिक रोग संबंधी हो सकता है और यह विभिन्न प्रकार की जीर्ण बीमारियों में से किसी एक से संबंधित हो सकता है।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि विकलांगजनों के साथ सहानुभूति नहीं बल्कि परानुभूति के साथ व्यवहार करने की आवश्यकता है। उनका यह कहना था कि वे नहीं चाहते कि कोई उन पर दया करे अपितु वे चाहते हैं कि उन्हें ऐसे अवसर मिलें जिससे वे अपनी अपंगता पर काबू पाने में समर्थ हो सकें।

उपराष्ट्रपति ने असम राज्य में दीन दयाल दिव्यांगजन सहाज्य अचनी के अंतर्गत राज्य के प्रत्येक 4,50,000 दिव्यांगों को एकमुश्त अनुदान सहायता के तौर पर चिकित्सा उपचार हेतु 5000 रुपये की राशि प्रदान करने तथा इस योजना के लिए 250 करोड़ रुपये आवंटित करने के लिए असम सरकार की सराहना की। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें यह जानकर प्रसन्नता हुई है कि असम सरकार ने "असम कर्मचारी प्रणाम अधिनियम 2017" नामक नया अधिनियम पुर:स्थापित किया है जिसके अंतर्गत प्रत्येक सरकारी कर्मचारी विकलांगजनों सहित अपने माता-पिता की देखभाल के लिए अपने वेतन का 10 प्रतिशत का अंशदान करने के लिए बाध्य होगा। उन्होंने भारत में बुजुर्गों की बढ़ती जनसंख्या के मद्देनजर अन्य राज्य सरकारों को असम सरकार की इस योजना का अनुकरण करने का परामर्श दिया।

उपराष्ट्रपति ने सभी लोगों से अपील की कि एक ऐसा समावेशी नवीन भारत बनाने का प्रयत्न करें, जहां किसी के साथ विशेषकर विकलांगजनों के साथ कोई भेदभाव न हो, जहां सभी भारतीय आर्थिक समृद्धि और विकास से समान रूप से लाभान्वित हों।

Is Press Release?: 
1