उपराष्ट्रपति ने क्रिसमस की पूर्व संध्या पर आयोजित कार्यक्रम में भाग लेते हुए कहा, "अपनी संस्कृति का संरक्षण करें"

नई दिल्ली
दिसम्बर 12, 2017

"धर्म व्यक्तिगत मामला है लेकिन संस्कृति जीवन शैली": श्री एम. वेंकैया नायडु

भारत के उपराष्ट्रपति, श्री एम. वेंकैया नायडु ने आज यहां कैथोलिक बिशप्स कांफ्रेस ऑफ इंडिया (सीबीसीआई) द्वारा आयोजित क्रिसमस समारोह में भाग लिया।

इस अवसर पर श्री एम. वेंकैया नायडु ने कहा कि क्रिसमस हमें ईसा मसीहो की शिक्षाओं और उनके जीवन में निहित आदर्शों और मूल्यों को अपनाने की याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि क्रिसमस प्रेम, आनंद और खुशियां बांटने का त्यौहार है। उन्होंने कहा कि यह पर्व अपने परिवारों, समुदायों और समाज से प्रेम करने, उनकी सेवा करने की प्रतिबद्धता को दोहराने, न्यायपूर्ण और पारदर्शी व्यवहार अपनाने, सभी सामाजिक और आर्थिक समावेशन को बढ़ावा देने, विभिन्न धर्मों और संस्कृतियों के लोगों के बीच चिरस्थायी शांति को बढ़ावा देने और सतत विकास को बढ़ावा देने का अवसर है।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी मां, मातृभाषा, जन्म भूमि और मातृभूमि का सम्मान करना चाहिए। श्री वेंकैया नायडु ने कहा कि हर भारतीय का कर्तव्य है कि वह अपनी संस्कृति का संरक्षण और रक्षा करे। उन्होंने कहा कि, "मैं एक बार फिर स्पष्ट करना चाहूंगा कि धर्म व्यक्तिगत मामला है, लेकिन संस्कृतिक जीवनशैली है।

उपराष्ट्रपति ने इस बात की प्रशंसा की कि कैथोलिक समुदाय शांतिप्रिय समुदाय है और केंद्र व राज्यों में वहां की प्रत्येक सरकार के साथ लोगों के कल्याण को बढ़ावा देने के लिए कार्य करता रहा है। उन्होंने कहा कि भारत का कैथोलिक चर्च कई प्रकार से राष्ट्रनिर्माण के कार्य में प्रभावी योगदान दे रहा है।

उपराष्ट्रपति ने कहा "जैसा कि आप सभी जानते हैं, ज्ञान के प्रसार और सशक्तीकरण के माध्यम से समाज के परिवर्तन का सबसे महत्वपूर्ण साधन शिक्षा है। शिक्षा का उद्देश्य व्यक्ति में करुणा, नैतिकता और सदाचरण के मूल्यों को संचार करते हुए व्यक्ति के मन और मस्तिष्क के सभी सदगुणों को विकसित करना है। शिक्षा चरित्र निर्माण, क्षमता संवर्धन सदाचरण और देशभक्ति को बढ़ावा देने में होनी चाहिए।"

चर्च के सामाजिक और कल्याणकारी कार्यों की सराहना करते हुए श्री वेंकैया नायडु ने कहा कि कैथोलिक चर्च देश के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में अस्पतालों और अन्य चिकित्सा केंद्रों का संचालन करता है और अपने स्वास्थ्य देखभाल संबंधी कार्यक्रमों के माध्यम से लाखों गरीब रोगियों की सेवा करता है। संपूर्ण ईसाई समुदाय के साथ-साथ भारत के कैथोलिक समुदाय अखण्ड और मजबूत नवभारत के निर्माण में कर्मठतापूर्वक अपना-अपना योगदान दे रहे हैं।

श्री वेंकैया नायडु ने कहा कि यीशु को जन्मोत्सव-क्रिसमस-बहुत आनंद और उल्लास का अवसर है। क्रिसमस के दौरान, ईसाई जन ईश्वर के प्रति आभार प्रकट करते है, एक-दूसरे को अमन और खुशी का पैगाम देते हैं और उपहारों का आदान-प्रदान करते हैं। क्रिसमस ईसा मसीह के जन्म का आनंदोत्सव है और संपूर्ण विश्व में सभी जातियां, नस्लों और राष्ट्रीयताओं के लोग क्रिसमस को बहुत हर्षोल्लास से मनाते हैं।

श्री वेंकैया नायडु ने कहा, ""यीशु" का संदेश सभी अवसरों, सभी संस्कृतियों, सभी धर्मों और सभी राष्ट्रीयताओं के लिए है। वस्तुत: सभी धर्म प्रेम, शांति, भ्रातृत्व और स्नेह का संदेश देते हैं।"

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