आतंकवाद वैश्विक चिंता का विषय है जिस पर पूरे विश्व को ध्यान देने और सहयोग करने की आवश्यकता है: उपराष्ट्रपति इटली के प्रधानमंत्री, श्री पाउलो गेंतीलोनी के साथ बातचीत

नई दिल्ली
अक्टूबर 30, 2017

भारत के उपराष्ट्रपति, श्री एम. वेंकैया नायडु ने कहा कि आतंकवाद वैश्विक चिंता का विषय है जिस पर पूरे विश्व को ध्यान देने और सहयोग करने की आवश्यकता है। उन्होंने इटली के प्रधानमंत्री, श्री पाउलो गेंतीलोनी के साथ आज यहां मुलाकात के दौरान बातचीत करते हुए कहा।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत संयुक्त राष्ट्र में अन्तर्राष्ट्रीय आतंकवाद संबंधी व्यापक अभिसमय पर शीघ्र विचार-विमर्श करने और उसे अंगीकार करने में विश्वास रखता है। उन्होंने यह भी कहा कि हमें वित्तीय कार्यवाही कृतिक बल की आगामी बैठक में अपनी कार्यवाही में समन्वय स्थापित करने की भी आवश्यकता है और यह सुनिश्चित करना है कि नामित व्यक्तियों और निकायों की सम्पत्ति और वित्तीय सेवाओं तक कोई पहुंच न हो। हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि पाकिस्तान, एशिया प्रशान्त समूह तथा वित्तीय कार्यवाही कृतिक बल की निगरानी के तहत बना रहे।

उपराष्ट्रपति ने इटली के समर्थन के लिए धन्यवाद दिया जिसके कारण एम.टी.सी.आर. में भारत की संभावित सदस्यता का मार्ग प्रशस्त हुआ। एन.एस.जी. की सदस्यता प्राप्त करना भारत सरकार की प्राथमिकता रही है और उन्होंने यह भी कहा कि हम एन.एस.जी. में भारत की सदस्यता हेतु इटली से निरंतर सहयोग की उम्मीद रखते हैं।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत और इटली के बीच द्विपक्षीय व्यापार 8.7 बिलियन अमरीकी डॉलर (57,878 करोड़ रुपये) का है जो संभावित स्तर से कम है। उन्होंने यह भी कहा कि कारोबारी सुगमता, प्रमुख कार्यक्रम और माल एवं सेवा कर लागू करने सहित भारत द्वारा की गई अभूतपूर्व सुधार पहलों से इटली की कम्पनियों को असीमित व्यापारिक अवसर मिले हैं।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि जलवायु परिवर्तन दोनों देशों के लिए एक बहुत महत्वपूर्ण मुद्दा है और भारत ने 3 अक्तूबर, 2016 को पेरिस समझौते की अभिपुष्टि की थी। हमने अन्तर्राष्ट्रीय सौर ऊर्जा गठबंधन पहल की शुरूआत की है और वर्ष 2022 तक हमारा नवीकरणीय ऊर्जा का लक्ष्य 175 गीगा वाट का है, तथा वर्ष 2030 के आरम्भ से सारे वाहन इलेक्ट्रिक हो इसके लिए हम एक रूपरेखा पर कार्य कर रहे हैं।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि अनेक इटलीवासी भारतीय संस्कृति, पाक-कला, संगीत, नृत्य, योग और आयुर्वेद में गहन रुचि रखते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय औषधियों की पारम्परिक प्रणाली की अभिज्ञता बढ़ाने के संबंध में इटली के साथ सहयोग करने में हमें प्रसन्नता होगी।

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