आतंकवाद एवं अतिवाद भारत और माली के लिए साझा चुनौतियां बनी हुई है: उपराष्ट्रपति

नई दिल्ली
दिसम्बर 21, 2017

हाई कोर्ट ऑफ जस्टिस के अध्यक्ष श्री अब्दुर्रहमाने नियांग के नेतृत्व वाले शिष्टमंडल के साथ वार्ता

भारत के उपराष्ट्रपति और राज्य सभा के सभापति श्री एम. वेंकैया नायडु ने कहा है कि आतंकवाद और अतिवाद भारत और माली समेत सहित समूचे विश्व के लिए साझा चुनौतियां बनी हुई हैं। वह आज यहां हाई कोर्ट ऑफ जस्टिस के अध्यक्ष श्री अब्दुर्रहमाने नियांग के नेतृत्व वाले ‍शिष्टमंडल तथा माली की संसद के अन्य दो सदस्यों के साथ वार्ता कर रहे थे। इस मौके पर राज्य सभा के उप सभापति डा. पी. जे. कुरियन, राज्य सभा के महासचिव श्री देश दीपक वर्मा एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत माली में नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र की परियोजनाओं में ऋण सहायता (लाइन ऑफ केडिट) प्रदान करने के लिए तत्पर है, इसके साथ साथ उन्होंने यह भी कहा कि भारत पहले ही माली को ड्यूटी फ्री टैरिफ प्रेफरेन्स स्कीम प्रदान कर चुका है और भारतीय आयातक उसका लाभ भी उठा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत माली के साथ अपनी विकासात्मक समन्वयकारी साझेदारी को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि वैश्विक विरासत स्थल टिम्बकटू तथा बहुमूल्य इस्लामिक ग्रंथों तथा पांडुलिपियों के संग्रह समूचे विश्व के लिए एक अनूठी सांस्कृतिक संपदा है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत अपने यहां "ताजमहल मीट्स टिमबकटू" प्रदर्शनी के शीघ्र उद्घाटन एवं आरंभ के लिए प्रसायत रहेगा।

उपराष्ट्रपति ने माली सरकार को जी-5 साहेल संयुक्त बल की स्थापना के लिए बधाई दी, जिससे माली एवं इस क्षेत्र में एकता, शांति, विकास एवं समृद्धि में योगदान मिलेगा।

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