अनुसंधान और वैज्ञानिक नवोन्मेषों का उद्देश्य किसानों को लाभ पहुंचाना होना चाहिए: उपराष्ट्रपति, चंद्रशेखर आज़ाद कृषि प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय का 19वां दीक्षांत भाषण दिया

कानपुर, उत्तर प्रदेश
दिसम्बर 4, 2017

भारत के उपराष्ट्रपति, श्री एम. वेंकैया नायडु ने कहा है कि अनुसंधान और वैज्ञानिक नवोन्मेषों का उद्देश्य किसानों को लाभ पहुंचाना होना चाहिए। वे आज कानपुर में चंद्र शेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के 19वें दीक्षांत समारोह पर भाषण दे रहे थे। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के राज्यपाल श्री राम नाईक, उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री श्री सूर्य प्रताप शाही और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कानपुर, जिसने वर्ष 1893 में कृषि विद्यालय के रूप में अपनी यात्रा आरंभ की थी, कृषि संबंधी शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाता रहा है। इस संस्था ने आरंभ से ही गुणवत्तायुक्त शिक्षा और अनुसंधान की समृद्ध परंपरा को कायम रखा है।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि यहां पर विकसित की गई खाद्य फसलों की उच्च उपज देने वाली किस्मों ने हमारे देश में 'हरित-क्रांति' लाने और कृषि क्षेत्र को खुशहाल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। कृषि भारतवासियों की मूल संस्कृति रही है और 'हरित-क्रांति' ने हमें आत्मनिर्भर बनने और लगातार बढ़ रही जनसंख्या के लिए भोजन की व्यवस्था करने में समर्थ बनाया है।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि कृषि को लाभकारी और वहनीय बनाए जाने के लिए बहुआयामी दृष्टिकोण अपनाना होगा। उनका यह भी कहना था कि फसलों में विविधीकरण को बढ़ावा देने के अलावा गांवों में सड़कों, विद्युत, प्रशीतन-गृहों की सुविधाओं, गांवों में गोदामों और प्रशीतित वाहनों की अवसंरचना के विकास की गति बढानी होगी। इसके अलावा उन्होंने कहा कि किसानों के लिए समय पर ऋण की उपलब्धता और कृषि क्षेत्र में अधिक मात्रा में धनराशि व्यय किए जाने को सुनिश्चित किया जाना भी आवश्यक है।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि समय की यह मांग है कि हमारी कृषि प्रणालियों को सतत वहनीय बनाया जाए, क्योंकि कृषि भूमि में कोई वृद्धि नहीं होगी, जबकि किसान परिवारों की संख्या और उनकी आवश्यकताएं उत्तरोत्तर बढ़ रही हैं। उनका यह भी कहना था कि आजीविका सुरक्षा को सुदृढ़ करने और खाद्य उत्पादन में वृद्धि करने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, कृषि सिंचाई योजना, कृषि यांत्रिकीकरण मिशन, राष्ट्रीय कृषि विपणन योजना, ग्रामीण भंडारण योजना और मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना जैसी अनेक कृषि एवं किसान कल्याणकारी योजनाएं आरंभ की गई हैं। किसानों को सरल और सुबोध भाषा में नई तथा नवोन्मेषी प्रौद्योगिकियों के लाभ के संबंध में जानकारी दी जानी चाहिए।

उपराष्ट्रपति ने सभी नव स्नातकों को शुभकामनाएं दी और उन्हें अपना आशीर्वाद दिया। उन्होंने उन्हें गौतम बुद्ध के दर्शन "अप्प दीपो भव" का अनुसरण करने की सलाह दी जिसका अर्थ है 'अपना प्रकाश स्वयं बनो' क्योंकि वास्तविक ओर शाब्दिक अर्थों में प्रज्ञा का प्रकाश स्वयं आपको और संपूर्ण मानवता दोनों को ही सफलता, शांति एवं समृद्धि के मार्ग पर अग्रसर होने में सहायक सिद्ध हो सकता है।

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