अशक्त लोगों की सेवा करना हमारा आदर्श वाक्य होना चाहिए: उपराष्ट्रपति

नेल्लोर
जनवरी 13, 2018

भारत के उपराष्ट्रपति श्री एम. वेंकैया नायडु ने कहा है कि अशक्त लोगों की सेवा करना डॉक्टरों और सिविल सेवकों जैसे कामकाजी लोगों का आदर्श वाक्य होना चाहिए। आज नेल्लोर के स्वर्ण भारत न्यास में चिकित्सा शिविर का उद्घाटन करते हुए उन्होंने निर्धनतम व्यक्तियों को सहायता प्रदान किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि सभी को स्वामी विवेकानंद के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए और हम सभी को बड़े पैमाने पर समाज तथा देश की सेवा करने के लिए उनके गुणों को आत्मसात करना चाहिए।

उपराष्ट्रपति ने मकर संक्रांति के त्यौहार की महत्ता पर बोलते हुए कहा कि हमारे देश के सभी त्यौहार मानववाद, एकसाथ मिलजुल कर रहने और अच्छे कृत्यों को बढ़ावा देने का संदेश देते हैं। हमें एक बेहतर भविष्य बनाने के लिए बुरी आदतों को पीछे छोड़ कर अतीत की अच्छी चीजों को अपनाना चाहिए।

बाद में उपराष्ट्रपति ने पास के गाँवों में रहने वाले उन लोगों से मुलाक़ात की, जो उन्हें संक्रांति की शुभेच्छा देने आए थे। श्री एम. वेंकैया नायडु ने नेल्लोर जिले के किसानों और कई अन्य प्रतिनिधियों से बातचीत की और हंसी-मज़ाक भी किया।

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